The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
यह तय हुआ कि वे एक दिन मनाली में आराम करेंगे और अगली सुबह अपनी प्राइवेट ज़िपसी (...
चैप्टर 0: मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ाचारों तरफ घना अँधेरा।मैं एक अज...
4.. महारानी पिद्मनी और रावल रतन सिंहः खिलजी द्वारा चित्तौड़ का नाश व पहला साका...
थोड़ी देर की खामोशी के बाद ताया जी बोले, “कल रविवार है…मैं टिकट बुक करवा देता हू...
मेरा पहला प्यारलेखक: विजय शर्मा एरीअध्याय 1: बचपन की गलियों मेंअमृतसर की पुरानी...
पटना।बिहार की राजधानी।उस रात शहर के सबसे बड़े बैंक्वेट हॉल में शादी थी।सिन्हा जी...
अंक तीन (निराला का वही घर । ओसारा जर्जर हो चुका है। तख्ते पर रजाई बिछी है। तकिए...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 12: मृत यात्रियों का टिकटप्लेटफॉर्म नंबर 6...
नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणे...
एपिसोड 2: अधूरी किताब का पहला पन्नाआर्या ने जैसे ही वह पुरानी पीली किताब उठाई, उ...
आरा, बिहार। सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी। आँगन में दादी...
पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
अध्याय 1: वीरान हवेली की पहली आहट पहाड़ों के बीच बसी वह जगह जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही डरावनी भी। दूर-दूर तक फैली घनी चीड़ की जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली खड़ी थी—नीलगिरी हवेली। द...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
हमारा समाज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ रूढ़िवादिता और अंधविश्वास का खौफ इस कदर फैल गया है कि लोग इससे बाहर निकलना ही नहीं चाहते। मैं देखता हूँ कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी...
कहते हैं कि किस्मत का लिखा और समय का बीता हुआ पल न कोई टाल सकता है, न वापस ला सकता है।पर क्या हो जब ऊपरवाला खुद आपके साथ हो… जब वह खुद चाहे कि आपकी पूरी ज़िंदगी बदल जाए और अब आपके...
सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ लगी हैं बगल में एक छोटी मेज पर फोन रखा है। बातुल और नायकम बात कर रहे हैं। वे कमाण्डर तथा उनके साथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।) बातुल- समय तो हो...
कॉलेज की छुट्टियां होते ही हम पांच दोस्तों—मैं, रोहित, नितिन, स्नेहा और अंजलि ने कुछ ऐसा करने का सोचा जो हमारी बोरिंग जिंदगी में रोमांच भर दे। हम सब हॉरर फिल्मों और भूतिया कहानियों...
रात के ठीक 12 बज रहे थे। सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी। हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस। किसी ने घड़ी देखते हुए कहा, “आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser