The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
31.आभासी कैदहाथ में पकड़े हो जो यंत्र,क्या वह सचमुच तुम्हारा मित्र है?या तुम्हार...
मेहँदी की खुशबू पूरे घर में फैली हुई थी। औरतें गाने गा रही थीं।ढोलक की थाप लगाता...
सयानी जब दस साल की हुई, तो गाँव में एक अजीब सी घटना घटी. उस साल भीषण सूखा पडा था...
अस्पताल के सफेद कॉरिडोर में अजीब सी खामोशी थी।चारों तरफ दवाइयों की गंध फैली हुई...
विकी, रिद्धि, अंजलि और कबीर... चारों थक चुके थे। थकान सिर्फ शरीर की नहीं थी, ब...
स्वागत है दोस्तों एपिसोड 5 में! पिछले एपिसोड में हमने देखा कि आन्या कल रात की डर...
साहब, ये अंधविश्वास नहीं, उन मांओं का दर्द है जिनकी कोख सूनी हो गई और उन पिताओं...
सिवान, बिहार।सुबह के नौ बजे थे।आज शहर में security थोड़ी ज्यादा थी। कई जगह पुलिस...
ज्वेलरी शॉप से बाहर निकलते-निकलते शाम ढलने लगी थी। दिन भर की भागदौड़ के बाद दोनो...
अंक- 2 (दृश्य वही। दीवाल पर बने चित्र धूमिल पड़ गये हैं। दरवाजे के दाँई ओर सारस क...
सयानी की शादी जिस दिन तय हुई, उस दिन से ही हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। जब उसे उस पुरानी हवेली में दुल्हन बनाकर लाया गया, तो उसे लगा था कि यह सिर्फ एक बड़े परिवार का हिस्सा बनने...
शाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश पूरे शहर को भिगो रही थी। रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से पानी की बूंदें लगातार टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लोगों की भ...
शहर की सबसे पॉश कॉलोनी 'गोल्डन हाइट्स' के आखिरी छोर पर खड़ा वह महलनुमा बंगला आज किसी कब्रिस्तान की तरह खामोश था। बाहर से देखने पर वह आलीशान घर खुशहाली की मिसाल लगता था, लेकि...
"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 साल की छोटी आन्या अपने रास्ते से भटक कर घने जंगल के बीचों-बीच खड़ी थी। उसके नन्हे पाँव कीचड़ में...
अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...
आरा, बिहार। सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी। आँगन में दादी...
ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...
पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...
जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई। कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...
कभी कभी ज़िंदगी हमें ऐसी चीज़ें दे देती है, जो हमने कभी माँगी भी नहीं होती… पर वही चीज़ें हमारी सोच और दिल दोनों बदल देती हैं। मैं राधा रानी, एक सीधी-सादी लड़की। मेरी ज़िंदगी बि...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser