The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 29 — पहला फैसलासुबह की हल्की धूप राजमहल की खिड़किय...
भाग : 09धर्म किसका है?सिनाराम मुर्मू कुछ क्षण तक बिल्कुल मौन खड़े रहे।बरामदे में...
आखिर वह दिन आ गया जब इस कहानी का आखिरी पड़ाव हम सब का इंतज़ार कर रहा था । यह अम...
कैमरा दिखाता है — सीया बाथरूम से बाहर आती है। चेहरा पीला, हाथों में हल्की कांप।...
दरवाज़े का पुराना, जंग लगा हुआ भारी लॉक मेरे पीछे एक ज़ोरदार 'धड़ाम' की...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 58 : नैना की आँखों में छिपा राज़रात के लगभग बारह बज च...
अगली सुबह मैं बहुत खुश थी। पहली बार कई महीनों बाद मैंने अपने लिए नहीं, किसी और क...
अम्हेल को आवाज़ देते देते मैथिली उसके कमरे की छत पर पहुंच गई "तुम्हें सर्दियों म...
आराध्या और रेयांश का अधूरा मिलन। परिवार वालों ने दोनों की बात सुनकर उनका विवाह त...
कहानी: एक लड़की की____"देखो माँ, अम्मा मैंने कहा था... मुझे शादी नहीं करनी अभी.....
हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।" "प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 में मुझसे अनजाने में प्रातिलिपि पर रेटिंग लिख दी गई, जबकि मेरा...
भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना घटी। हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच लगभग पूरी तरह से शांत हो चुका था। ट्रेन के पहियों की पटरियों से टकराने वाली छुक-छुक की लयबद...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहता। पिछले महीने तक मेरे पास सब था। एक अच्छी नौकरी, एक शादी जिसे मैंने...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...
लखनऊ, नवाबों का शहर। शाम के सात बज रहे थे। हजरतगंज की रौशनी, चौक की चाट की खुशबू और गोमती नगर की ठंडी हवा, सब कुछ रोज की तरह ही था। पर आयशा के लिए आज कुछ भी रोज जैसा नहीं था। आय...
28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने अपने परिवार वालों की तरफ एक हल्की मुस्कुराहट के साथ देखा... जैसे मानो वह उनसे कुछ कहना चाहती हो, पर...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser