सात_फेरो_का_इंतजार - 4 Bella द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

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सात_फेरो_का_इंतजार - 4

*सात_फेरो_का_इंतजार*

तीन घंटे बाद जब किरण कॉलेज अंदर से आती है तो वह मधुकर को गेट पर देखती है। मधुकर को इतनी बारिश में वहाँ खड़ा देख उसे बहुत बुरा लगता है। मधुकर उसे देख के बार-बार प्लीज तुम मुझसे बात करो नही तो । मैं मर जाऊंगा यह कहते हुए उसके पैरों में पड़ जाता है। किरण तब उसे कहती है कि अभी प्लीज वो घर चला जाये अगर उन दोनों को सड़क पर किसी ने देख लिया तो उसके घर वालों को पता चल जायेगा। वह उसे समझाकर घर भेज देती है और वह भी घर आ जाती है पर किरण को इस बात का बहुत बुरा लगता है कि मधुकर सारा दिन उसकी वजह से बारिश में भीगा। अगले दिन किरण मधुकर से उसके दोस्त के रूम पर मिलती है दोनों एक-दूसरे गले लगते हैं किरण मधुकर के माथे पर किस करती है और उसे डांटती है कि क्यों वो उसके पीछे सारा दिन घूमता रहता है। मधुकर बस एक ही बात कहता है "प्लीज मुझे छोड़ कर मत जाना" मैं नहीं रह पाऊंगा तुम्हारे बिना। किरण उसे अपने सीने से लगा देती है और उसको कहती है प्लीज तुम अपनी लाइफ में आगे बढ़ जाओ तुम्हें कोई भी मिल जायेगी। मधुकर कहता है और तुम्हारा क्या? सबसे इसी तरह डर-डर कर एक दिन मर जाओगी। मुझे तुम्हारी ऐसी कोई सलाह नहीं चाहिए जिसमें डरना हो। मैं तुम्हारे लिए दुनिया से लड़ने को तैयार हूँ और मैं तुमसे नहीं पूछ रहा कि तुम लड़ोगी या नहीं। मैं अकेला लड़ूंगा मरते दम तक। पर मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगा। मैं अपना प्यार किसी और के हाथों में नहीं दूंगा। तुम बस मेरी हो और मैं सिर्फ तुम्हारा। दोनों बहुत देर तक एक-दूसरे की बांहों में सुकून से सोते हैं। सब कुछ एकदम शांत सा हो जाता है। किरण बस मधुकर को देखे जा रही थी जैसे उससे बहुत कुछ कहना चाह रही हो। मधुकर और किरण का प्यार वाकई एक मिसाल था। मधुकर जैसा अच्छा और इतना प्यार करने वाला लड़का किरण और उसके घर वालो को कभी नहीं मिल सकता था। पर किरण के घर वालो ने तो जैसे मधुकर को राक्षस ही समझ लिया हो ऐसे व्यवहार करते थे। किरण चाहते हुए भी अपने घर वालो को नहीं समझा पा रही थी l हमेशा से ही प्यार जाहिर करने में शर्माती थी। मधुकर को उसका शर्माना बहुत पसंद था। किरण कुछ भी ना कहती तब भी मधुकर सब कुछ समझ जाता कि वो उससे कितना प्यार करती है। मधुकर किरण को कभी भी खुद से दूर नहीं करना चाहता था। किरण जब भी घर जाती तो मधुकर को उसकी बहुत चिंता होती। किरण के घर जाने के बाद मधुकर सोचता है कि उसे प्यार के लिए मना तो लिया है पर इस लड़ाई में उसे बहुत हिम्मत देनी होगी। किरण किसी भी तरह Depression में नहीं आनी चाहिए यह सब कुछ झेलकर। क्योंकि? वो जानता था कि किरण बहुत ही टेंशन लेती थी। उनके रिश्ते को लेकर और एक तरफ घर वाले भी उसे बहुत परेशान कर रहे होते हैं।