The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are at the place of हिंदी Novels and stories where life is celebrated in words of wisdom. The best authors of the world are writing their fiction and non fiction Novels and stories on Matrubharti, get early access to the best stories free today. हिंदी novels are the best in category and free to read online.
कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन उसकी...
* मुलाकात.....आख़िर मुलाक़ात होती क्या है?दो लोगों का एक-दूसरे के सामने आ जाना?ए...
रात के करीब बारह बज रहे थे। रामपुर गाँव सन्नाटे की एक गहरी चादर में लिपटा हुआ था...
उस रात जंगल ज़रूरत से ज्यादा खामोश था। इतना खामोश कि नील को सूखी पत्तियों पर पड़...
शाम का वक्त था।बस स्टैंड लगभग खाली था — बस एक 16 साल की लड़की वहाँ खड़ी थी।उसका...
कुछ कहानियाँ मोहब्बत से नहीं शुरू होतीं...शुरू होती हैं एक ऐसे फैसले से, जिसे आप...
रुद्रहृदयोपनिषद--रुद्रहृदयोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है और उप...
पता बताते दिन:नैनीताल को देखकर एक अद्भुत अनुभूति मन में उत्पन होती है।एक विदेशी...
"यह कहानी है B.Sc. मैथ्स ऑनर्स के स्टूडेंट शिव और उसके दो अतरंगी दोस्तों—दि...
एक नई शुरुआतसुबह के करीब छह बजे थे।छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पह...
भले राम और छोटे लाल एक छोटे से गाँव में रहते थे। दोनों में बहुत गहरी दोस्ती थी। वे बचपन से साथ-साथ खेलते कूदते ही बड़े हुए थे। पूरे गाँव में उनकी दोस्ती के चर्चे थे और हों भी क्यों...
मैं वही हूँ! (1) मैं नया था यहाँ। नई-नई नौकरी ले कर आया था। इलाके की सभी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों की देख-रेख और मरम्मत की ज़िम्मेदारी थी मुझ पर। काम आसान तो नहीं था मगर मुझे पसंद...
"अरे मुन्नी… ऐसे मत दौड़ रोड पर, मुन्नी…... मुन्नी रुक जा, अरे कोई गाड़ी आ जाएगी मुन्नी…, मुन्नी रुक जा…" |दस साल की मुन्नी रात के आठ बजे अपनी मां के साथ शहर के भीड़भाड़ वा...
घंटाभर चलकर बस रुकती है। मैं और राणा हैरान-से होकर उतरते हैं कि यह भला कौन-सी जगह हुई। बिल्कुल अनजान-सी। सोचते हैं कि कंडक्टर ने हमें सही जगह ही उतारा होगा। वह जानता था कि हमें बाल...
अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून से भरा गर्त के अँधेरे को चीर मेरे कदम नए उजाले की और अनया...
जीवन और मृत्यु की निर्भरता प्रभु इच्छा पर है परंतु मृत्यु के उपरांत भी हमारी स्मृति लोगों के मन में बनी रहे यह हमारे कर्मों पर निर्भर है। जन्म और मृत्यु जीवन यात्रा का एक पड़ाव है।...
हर्ष ,हर्ष! कहां हो तुम? तुम्हें ढूंढती, तुम्हारे पीछे भागती वही मैं और अचानक सपना टूट जाता है। क्यों बार-बार देख रही हूं मैं यह सपना ? क्या संबंध है मेरा इस सपने से ? संबंध तो वा...
इस संसार में बहुत -कुछ ऐसा देखने -सुनने और अनुभव करने को मिल जाता है जिस पर पढ़ा -लिखा ,वैज्ञानिक मन विश्वास नहीं कर पाता पर उसको अस्वीकार करना भी मुश्किल होता है। आइए आपको ऐसी ह...
मेरे Dad मेरा जुठ जानते है... वैसे तो बहुत सारे रिस्तो के बारे मैं मुझे बताना है लेकिन क्या है कि जाने पहचाने रिश्ते तो रोज मुझे मेरे होने का अहसास दिलाते है लेकिन एक ऐसा रिस्ता...
ये कहानी हैं आरोही के एक तरफा प्यार कि चलिए फ़िर इस कहानी के सफर मै माँ जल्दी करिये मेरी ट्रेन छूट जाएगी मेरी माँ आते हुए काव्या तुझे कितनी बार बोला है कही जाना हो तो पहले से बताआ...
यह पुस्तक " बागेश्वर धाम की दिव्य शक्तियों का रहस्य " में आपको पंडित श्री धीरेन्द्र कृष्णा शास्त्री जी के जीवन से जुड़ी कुछ घटनाओ का वर्णन मिलता है और साथ ही उनके परिवार के...
कई बातें ऐसी थीं जो मीता के स्वभाव के प्रतिकूल थीं- उनमे से एक थी ब्राह्मवेला के पश्चात चारपाई तोड़ते रहना। अनुज से इस विषय में अनेक बार उससे बहस हुई थी और यदा कदा मानमनौव्वल से मिट...
तुमने कभी प्यार किया था? यह सुनकर वह अचानक अनुभूतियों में डूब गयी। कुछ देर सोचने के बाद वह बोली हाँ। पहाड़ियों पर बसा कालेज था, एक राजकुमार सा लड़का था। जुलाई का महिना और खूब वर्षा...
अंतिमसंस्कार के बाद डी.सी.पि. प्रताप चौहाण ने अपने ड्राइवर को अपनी गाडी लेकर पुलिस स्टेशन पहोचने को कहा और अपने दोस्त जगदीशभाई से कहा मैं तेरे साथ तेरी कार मैं चलता...
दुनिया सीधे लोगों की नहीं हैं.... चलाक बनो.. जानकारी उतनी ही इकठी करो जिसको तुम रख सकते हो.. जयादा जानकारी बहुत सेहत के लिए हानिकारक होती हैं.. हाँ मेरी बात अक्सर त्रिपाठी से होती...
राहुल बारह बरस का हो चला था । सातवीं कक्षा का विद्यार्थी था । पढाई के साथ सभी गतिविधियों में औसत ही था । खाना खाने में भी उसके नखरे कम नहीं थे । काफी मानमनौव्वल के बाद दो निवाले खा...
नन्हीं अंशिता अभी केवल 4 वर्ष की ही थी कि समय के बेरहम हाथों उसकी माँ आराधना का लंबी बीमारी के चलते स्वर्गवास हो गया। एक वर्ष पहले आराधना को गले के कैंसर ने अपनी चपेट में ऐसे लिया...
शहर के शोर-गुल से दूर, समंदर किनारे बसे छोटे से टाउन में कियारा की ज़िंदगी रुक-सी गई थी। होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी उसके लिए रोज़ का वही घिसा-पिटा रुटीन लेकर आती थी—मुस्कुराकर...
सुकेतु के जीवन में मुग्धा का प्रवेश किसी ठंडे झोंके की तरह था। पर मुग्धा के साथ एक तप्त अतीत भी था। क्या था वह अतीत ? कैसे दोनों मिलकर उस अतीत के भंवर से बाहर निकल कर आए ?
इंसानी जिंदगी धरती पर जब अपना पहला कदम, माँ की बाहों से उतर कर रखती है, तो उसकी पहली लड़खड़ाहट उसे ये एहसास करा देती कि आसान नहीं है, जिंदगी का सफर उसके लिए। पर संभलने का संघर्ष उसे...
कुछ मुलाकातों की भी अपनी ही एक अलग किस्मत होती है जो एक तय मुकाम पर ही आकर रुकती है । ऐसी मुलाकातें जाने कब, कहां और कैसे हो जाएं, ये न तो हम जानते है और न ही वो जो इससे होकर गु...
"अपनी औकात देखी है राघव का जन्म एक बेहद ही गरीब परिवार में हुआ था।खाने के लाले।रोज काम ढूंढते।काम मिल जाता तो घर मे चूल्हा जल जाता।ऐसे में गरीब मा बाप बेटे को स्कूल में दाखिला...
29 step to Success ✍?Wr.MessiDedicate To...My wonderful family, My courage my mom, My coach Bajarang Gondaliya,The center point of my inspiration -My Dad & Uncle,My closest friends...
प्रस्तावना : 20वीं सदी की शुरुआत में हमारे जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ। हॉस्टल लाइफ का अनुभव मेरे जीवन में नया था और मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित था। मैंने Graduation किया और Post...
Hello, my friends how are you I hope you all are fine at home so now I am presenting a Adventures story in hindi so let's start the journey of adventure.... शिन्कााए , एक खुबसु...
सर प्लीज मुझे छोड़ दिजिए...! मैं आज के बाद कभी ऐसा नहीं करुंगा...!! अंधेरी काली रात में शहर के बाहर बंद पड़ी फेक्ट्री में कुछ लोग एक आदमी के पीछे खड़े थे....!! वो आदमी ब्लैक रंग...
अरे! बाप रे! इतना समय हो गया,मुझे जल्द ही घर भागना पड़ेगा नहीं तो वो मेरी हिटलर दादी इतनी खरी-खोटी सुनाएगी कि मुझे अपनी मरी हुई नानी याद आ जाएगी,फिर इतना सुनातीं हैं कि कलेजा हलक़ तक...
23 अगस्त 2018 की सुबह 8:20 वाली मेट्रो नंबर 12427 नोएडा सिटी सेन्टर से द्वारका सेक्टर21 की और बीच में पड़ने वाले हर स्टेशन पर रुकते हुए, बड़ी तेजी से हवा को दो हिस्सों में बाटती हुई...
इब्नबतूता (1304-1368-69) मोरक्को का निवासी, 22 वर्ष की आयु में यात्रा पर प्रस्थान। 28 वर्ष तक अरब, पूर्वी अफ्रीका, भारत, चीन, फारस, दक्षिणी रूस, मिस्र, फलासतीन् , स्पेन आदि का भ्रम...
मेरी बात यात्रा मेरे जीवन में एक नया उत्साह, रंग भर देती है। मैंने देश-विदेश की कईं यात्राएँ की हैं। कुछ परिवार के साथ, कुछ बड़े समूह में। मैं जब भी किसी यात्रा से लौट रही होती, तो...
इस दुनिया में 2 तरह के इंसान हैं। एक अच्छे तो एक बुरे। ये कहानी ऐसे ही एक अच्छे और एक बुरे इंसान की है। इस कहानी में बुरे इंसान की दुनिया कैसे अच्छे में बदलती है और अच्छे इंसान की...
एक घर में दो लोग बेशुद्ध पड़े है। एक डबल सोफा पर है और दूसरा सिंगल सोफा पर है। घर के बाहर से पुलिस की जीप के सायरन की आवाज, लोगों का शोर, बाहर से दरवाजा खटखटाने की आवाज, दो बार दरव...
रात के लगभग बारह बज रहे थे कि तभी कुशल को उसकी पत्नी अनामिका के कराहने की आवाज़ सुनाई दी। वह तुरंत ही उठा और लाइट जलाई। उसने देखा कि अनामिका दर्द के कारण तड़प रही थी। यह देखते ह...
भट्टी में डाली गई लकड़ी कोयला बनकर अंगारों का रूप धारण कर चुकी हैं। थोड़ी देर पहले तक इसमें कल की जली हुई लकड़ियों की राख बिखरी थी। पर अब ये आग का कुआँ बन चुकी हैं। इस कुएँ के मुहाने...
रेलवे स्टेशन दिल्लीएक लड़की रेल में से उतर कर बहुत तेजी से भागती हुई आ रही थी वो लड़की बार बार पीछे मुड़कर देख रही थी ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके पीछे पढ़ा हुआ हे और वो उन्ही से बच...
आज पूनम और प्रकाश का विवाह था। बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ, धूमधाम से यह विवाह हो रहा था। पूनम बहुत ख़ुश थी, क्योंकि एक ही शहर में ससुराल और मायका दोनों थे। विदाई के समय जब उस...
“छूना है आसमान“, बाल उपन्यास कल्पना कम, हकीकत अधिक है। चेतना से मेरा परिचय किसी और नाम से हुआ था। चेतना उम्र में छोटी जरूर थी, लेकिन उसकी समझ, उसकी बातें और उसकी सोच बड़ों से कम नही...
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...
महर्षि अष्टावक्र प्रदत्त ब्रह्म-विद्या को अखिल भारतीय सन्तमत सत्संग की परम्परा के सद्गुरुओं ने इस आधुनिक युग में आनन्द-योग के रूप में व्यक्तिगत, पारिवारिक व सामाजिक जीवन में आध्यात...
हल्की सी light पुरे कमरे मैं फैली हुई थी........... अचानक से फोन की घंटी बज उठी,.......फोन की आवाज सुन ,बिस्तर पर सोई लड़की की नींद थोड़ी सी टूट गयी, वो फोन को silent की और फिर...
मुझे वह तारीख अच्छी तरह याद है : 4 मार्च, 2006। मैं कोलकाता में था और हैप्पी के घर पहुँचने ही वाला था। सुबह से ही बड़ी कुलबुलाहट हो रही थी क्योंकि मैं अपने उन दोस्तों से तीन साल बा...
रात का दूसरा पहर था। जैसलमेर का सोनार किला चाँदनी में नहाया हुआ था, और रेगिस्तान की ठंडी हवा रेत के कणों को हल्के-हल्के उड़ा रही थी। दूर से लोक-संगीत की धुनें आ रही थीं—रावणहत्था क...
अब मान भी जाओ राधे ...!! राधा और देव कभी पड़ोसी हुआ करते थे। दोनों के पारिवारिक सबंध भी बहुत अच्छे थे। दोनों के पापा बिजनेसमैन थे।. दोनों साथ में खेलते ,कभी लड़ाई करते तो कभी...
"चलो " राहुल ने कहा... "बैठो, अगर तुम आयी हो, तो मेमसाहब अजली ऐसा करो " चुप हो गया राहुल।जॉन को एक टक देख कर बोलता हुआ बोला, "अजली ------"फिर चुप हो गया।...
"क्या देख रही हो?" उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह नही हुआ करते थे।मेरे पिता रेलवे में थे और उनके ट्रांसफर होते रहते थे।इसलिए मेरी शिक्ष...
एक चिड़िया आती है,चिव-चिव गीत सुनाती है, दो दिल्ली की बिल्ली है,देखो जाती दिल्ली है, तीन चूहे राजा है देखो बजाते बाजा है,चार घर में कार है,हम जाने को लाचार हैं।........
अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी लेखा- जोखा मैंने अपनी आत्मकथा के पहले खंड “ आमी से गोमती तक “ में दे दिया है जिसे...
भारतीय संस्कृति और भक्तिराधारमण वैद्य आचारमूलाः जातिः स्यादाचारः शास्त्रमूलकः। वेदवाक्यं शास्त्रमूलं वेदः साधकमूलकः।। क्रियामूलं साधकश्च क्रियापि फलमूलिका। फलमूलं सुखं चैव सुखमाननन...
सुबह के दस बज रहे थे. मैं अपने कमरे में बैठी उदास नजरों से खिड़की के बाहर देख रही थी. अचानक डोर ओपन होने की आवाज सुनकर मेरा ध्यान उस तरफ चला गया. डोर ओपन होते ही मेरी नजरें उससे जा...
लेखांक – १ मुंबई से रात को निकली बस की ये सवारी सुबह की पहली किरन के साथ अपने आखरी मुकाम तक पहुच चुकी थी शहर की भीड़ में बसने अपनी रफ़्तार कम कर ली थी सुबह की धुप के साथ ये शहर...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser