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अर्जुन की बाहों में खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थी… लेकिन फोन पर लिखे दो शब्द म...
शहद की गुड़िया - प्रकरण - 4 "अब तो बस इंतजार है उस प...
रह-रहकर उसका शरीर सिहर उठता। तभी झट से दरवाजा खोल कर उसका दोस्त रमेश भीतर दाखिल...
अध्याय 7: धमाका!इस कोयले की खान का विवरण देखते ही काओ शिंग की आँखें चमक उठीं।इतन...
“वो चिट्ठी… जिसने सब बदल दिया”रात के करीब साढ़े दस बजे थे।शहर की सड़कों पर हल्की...
त्रिजला कहती है--> आपकी आञा हो तो इसे अभी यहां से कुंभ्मन के पास लेकर चलुं ? मात...
एक दिन का बॉयफ्रेंड मुंबई की सुबह हमेशा की तरह तेज़ थी।मेट्रो स्टेशन के बाहर लोग...
काव्या पुरानी बात। लेकिन तेरा राज़..." झगड़ा चरम पर। अनन्या ने चाय फोड़ दी। आर्य...
Human Mindset (मानव मन की शक्ति)मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत उसकी शारीरिक शक्ति नहीं...
Vedanta 2.0 : H₂O जीवन जीना ही ईश्वर है अज्ञात अज्ञानी विषय-सूची प्रारंभिक ख...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
शीर्षक: स्टार-सेंटिनल्स: वल्चर के बाद[दृश्य 1 – शोक की धरती]वल्चर की शहादत के बाद शहर की रातें और भी लंबी हो गई थीं। टूटी हुई मूर्ति के सामने मोमबत्तियाँ जल रही थीं। हवा में एक अजी...
दिन दहाड़े कॉलेज स्कूल से हो रही लड़किया और बच्चे गायब कैसे,,,? पुलिस गार्ड की सख्त सिक्योरिटी के बाद भी ये सिलसिला जारी रहना लोगो के अंदर खोफ ले रहा जन्म और पुलिस के नाकामी के वज...
मैं अपने बचपन में दादा-दादी की लाड़ली थी।उनकी आँखों का नूर, उनके आँगन की सबसे प्यारी हँसी।घर में अगर कोई सबसे पहले मेरी ओर देखता था,तो वे दादा-दादी ही होते थे।उनके लिए मैं केवल उनक...
आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...
सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था। शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भागदौड़ में डूबी हुई, आधी थकी हुई। वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...
मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!! वंदना: 8 बज गए है । सूर्य देवता सर पर है ,पर राजकुमारी अभी तक सोई हुई है ( वो खिड़की का परदा हटाते...
बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खामोशी। पुराने एयर कंडीशनर की घरघराहट ऐसी लग रही थी जैसे कोई वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें ले रहा हो। आरंभी...
घर भरा हुआ था। आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक। शादी की तारीख़ पास थी, और हर कोना तैयारियों से भरा हुआ। सौम्या गुनगुनाती हुई कमरे में आई।...
ये कहानी एक काल्पनिक कहानी है इस कहानी का वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नही है ये कहानी केवल मनोरंजन के लिए है इसमे बताये गये सभी किरदार काल्पनिक है . . . . लेखक -MASHAALLHA ये इस क...
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