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किस्त 2: आधा नकाब, अधूरी चायशिकागो की सुबह जितनी खूबसूरत दिखती है, जैक के लिए उत...
किटी... अंकित ने धीरे से कहा “ …कुसुम ने अपनी आंखें खोल दी ! “हम्म।” कुसुम ने धी...
रात के ठीक 11:43 बज रहे थे। दीवार पर टंगी पुरानी घड़ी के पेंडुलम की आवाज़ उस सन्ना...
चलो दूर कहीं.. 21 रात के लगभग ग्यारह बजे थे। भोपाल–दिल्ली हाईवे अंधेरे के विशाल...
रावल रतन सिंहः खिलजी द्वारा चित्तौड़ का नाश व पहला साका जौहर (1303 ईसवी)रावल रतन...
अदील की मंगनी की तैयारियां ज़ोरो शोरो पर थीं कौसर बेगम कभी देवरानी तो कभी नन्द क...
हाथ में थमी वह पुरानी, पीली पड़ चुकी चाबी काव्या को बेहद भारी महसूस हो रही थी। य...
अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर...
उन होठों पर खेलती उस मुस्कुराहट को देख अनायास ही वेदांश को अपना गला सूखता हुआ मह...
और ड्राइविंग सीट पर वही कालू ड्राइवर बैठा था, जिसका चेहरा अब आधा जला हुआ और खौफन...
"तानाशाह"लेखक: मनोज संतोकी मानसप्रस्तावनादेश का नाम भले ही "आजादिस्तान" हो, लेकिन इस धरती पर आज़ादी नाम मात्र की चीज़ थी। यहाँ के लोग एक निर्दयी तानाशाह "आकाश ठ...
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अनुराधा के आलीशान घर में माँ दुर्गा की स्थापना हुई थी। नौ दिनों तक घर में पूजा अर्चना के साथ-साथ अष्टमी के दिन कन्या भोजन का आयोजन भी किया गया था। अनुराधा...
उत्तर भारत के एक छोटे से गांव में एक अजीब सी खामोशी थी, जिसमें किसी प्रकार के बदलाव की कोई संभावना दिखाई नहीं देती थी। यह गांव अपनी पारंपरिक संस्कृति और मान्यताओं के कारण जाना जाता...
बारिश बहुत तेजो से झमाझम बरस रही थी। वही एक लड़की सड़क पर भागे जा रही थी। उसके पीछे एक लड़का हाथों में चाकू लिए उसके पीछे भाग रहा था। वो लड़की बेहद ही सुंदर थी लेकिन इस वक्...
अचिन्त्य परमेश्वर की अतर्क्स लीला से त्रिगुणात्मक प्रकृति द्वारा जब सृष्टि-प्रवाह होता है तो उस समय रजोगुण से प्रेरित वे ही परब्रह्म परमात्मा सगुण होकर अवतार ग्रहण करते हैं। वस्तुत...
पागल खाना पर पाठकीय प्रतिक्रिया याने समय का एक नपुंसक विद्रोह यशवंत कोठारी राजकमल ने ज्ञान चतुर्वेदी का पागलखाना छापा है.२७१ पन्नों का ५९५रु. का उपन्या...
शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली थी। लोग कहते थे कि वहां अजीब घटनाएं होती हैं—रात में किसी के रोने की आवाजें आती हैं, दरवाजे खुद-ब-खुद खुलते-बंद होते हैं, और कभी-कभी क...
कोई भूखा मंदिर इस उम्मीद में जाय कि उसे एक दो लड्डू या बूंदी मिल जाय तो रात आराम से निकल जाएगी और वहाँ से मिले मक्खन मलाई का दोना तो जो हालत उस भूख के मारे बंदे की होगी , बिल्कुल व...
दोपहर के तीन बज रहे थे। सूर्य का तेज मध्यम हो चला था। पर सड़कों पर अभी लोगों का आना जाना न के बराबर है। कोई कोई व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते ही बाहर निकलने की हिम्मत दिखा पा रहा था।...
एक लड़का दौड़ते हुए कहीं जा रहा था । उसकी उम्र 25 साल के आस पास रही होगी । उसने सफेद रंग की ट्रैक पैंट के साथ काले रंग का टी - शर्ट पहना हुआ था । उसने अपने बाएं हाथ में एक काले...
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