लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • सच्चे गुरु का प्रकाश

    हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य...

  • Sex vs ब्रह्मचारी

    भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से...

  • मैं कौन हूँ?

    क्या आपने कभी खुद से ये सवाल किया है- "मैं कौन हूँ?" मीरा भी ऐसे ही एक सुबह इस स...

भय की छाया By AKANKSHA SRIVASTAVA

रात का समय था। शहर की गलियों में एक सन्नाटा पसरा हुआ था, और सड़कों पर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। प्रीति, जो अभी-अभी अपने काम से लौट रही थी, जल्दी से अपने कदम बढ़ा रही थी। उस...

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Sad Story By Mohd shabab

दूर घाटी में वो बस्ती देख रहे न साहब वही पे मेरा घर था वही मेरा बाप चाय के बागान में काम किया करता था, बहुत हसमुख इंसान था मेरा बाप सारे वर्कर उसकी बहुत इज़्ज़त किया करते थे यूनियन क...

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गोल रोटियों का सफ़र By AKANKSHA SRIVASTAVA

"प्रेम, परंपरा और परिपूर्णता की कहानी" गोल रोटी—सुनने में जितनी साधारण, बनाने में उतनी ही कठिन! यह भारतीय रसोई की वह कारीगरी है, जिसे हर नवविवाहिता से लेकर अनुभवी गृहिणी तक परिपूर्...

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विपरीत ध्रुव By Deepak sharma

  विषय नाज़ुक है और स्थिति जटिल….. पत्नी मेरी प्रेमपात्र है और पति मुझे अपना विश्वासपात्र बनाए चले जा रहा है….. “तुम्हारी मै'म ने आजकल घर को मुक्केबाज़...

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कर्नल का कोर्ट मार्शल By Devendra Kumar

  कर्नल का कोर्ट मार्शल  -देवेन्द्र कुमारकर्नल  एम.पी. सिंह, पी.वी.एस.एम को फौज से रिटायर हुए लगभग 10/12 वर्ष हो चुके थे| रिटायर होने के बाद उन्होंने दिल्ली में द्वारका सेक्टर 7 की...

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Unsafe Environment By AKANKSHA SRIVASTAVA

"हाय मॉम, कैसी है आप?""बेटा मैं ठीक हूँ, तू ठीक है ना। ""क्या मॉम!ऑलवेज सेम क्वेश्चन रिपीट!हद है माँ, पहले रटती थी कि खाना खाया नहीं खाया, दिन कैसा गया तेरा और अब तू ठीक है ना, तू...

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वाह ! बेटा वाह ! - भाग 2 By H.k Bhardwaj

        ■  वाह  ! बेटा वाह! ■ भाग 02(एक कलियुगी बेटे की करतूत पिता के प्रति)                ( भाग 02)-------------------------------------------------------------------------------...

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You Are My Choice - 65 By Butterfly

आकाशजैसे ही विमान चंडीगढ़ की रनवे पर उतरा, शाम की धुंध आसमान पर उतरने लगी थी। मैं अपनी सीट पर पीछे झुक गया और उस छोटे से गोल खिड़की से दूर दिख रही पहाड़ियों को देखने लगा। रोशनी ढल...

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राम और हिमालय की गाथा By Bikash parajuli

बहुत समय पहले, त्रेता युग में जब अयोध्या में भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ, तो पूरी धरती पर सुख-शांति का युग छा गया। प्रजा खुशहाल थी, ऋषि-मुनि अपने आश्रमों में साधना कर रहे थे और वन...

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जाने कहां गए वो दिन By Nandini Sharma

जाने कहां गए वो दिनसंध्या का समय था। सूर्य अपनी अंतिम किरणों को धरती पर बिखेर रहा था। हवा में हल्की ठंडक घुली हुई थी, और पीपल के पेड़ की पत्तियाँ सरसराहट कर रही थीं। गली के कोने पर...

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अनजानी सी दूरी By InkImagination

कहानी शीर्षक: "अनजानी सी दूरी"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी दोस्ती समय की कसौटी पर टूटने लगती है, लेकिन एक छोटी सी कोशिश उसे फिर से जिंदा कर सकती है। यह कहानी है सिया और...

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तुम्हारा ही इंतजार है By S Sinha

                                                                                 तुम्हारा ही इंतजार है       उस दिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मुंबई में इतनी तेज बारिश होगी  . अभी त...

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बिकाश – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – मासूम शुरुआतनेपाल की तराई का एक छोटा-सा गाँव।हरी-भरी खेतियाँ, चारों ओर फैली हवा में मिट्टी की खुशबू, और बीच में एक मिट्टी का घर – यही था बिकाश का संसार।बचपन से ही उसकी आ...

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तुम और तुम्हारा साथ By Arya Tiwari

अध्याय 1: पहली सुबहअमला गाँव की घाटी में सूरज की सुनहरी किरणें गिर रही थीं।बेंच पर रेशु पहले से ही बैठी थी, हाथ में कॉफी का कप।आर्या धीरे-धीरे वहाँ पहुँचे, हाथ में ताज़ा कॉफी।“तुम...

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किस – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई शुरुआतदिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस।साल 2030।बारिश की हल्की फुहारें और कैम्पस के पुराने पेड़ों के नीचे चहल-पहल।यहीं पहली बार अर्जुन ने सिया को देखा।सिया सफेद कुर्ते और...

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उसका पहला गुरु-दक्षिणा By InkImagination

कहानी शीर्षक: "उसका पहला गुरु-दक्षिणा"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी एक शिक्षक सिर्फ किताबों का गुरु नहीं, बल्कि जिंदगी का मार्गदर्शक बन जाता है। यह कहानी है 12वीं कक्षा...

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2050 – भविष्य की कहानी By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई सुबहसाल 2050 की पहली सुबह।दिल्ली अब वही पुरानी दिल्ली नहीं थी। चारों ओर पारदर्शी गुंबद बने थे जिनके अंदर मौसम को इंसान अपनी इच्छा से बदल सकता था। सड़कों पर अब गाड़िया...

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सारंग - एक अधूरी धड़कन By InkImagination

कहानी शीर्षक: "सारंग – एक अधूरी धड़कन"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनासियोल की ठंडी हवाओं में शुरू होती है एक ऐसी प्रेम कहानी, जो मासूमियत और ठंडे दिल के बीच पनपती है। यह है 20 सा...

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सत्य का बलिदान By mood Writer

सुरजनगर एक पुराना, शांत और रंग-बिरंगा शहर था। यहाँ की गलियों में बचपन से ही दोस्तियाँ पनपती थीं। मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान की आवाज़ें एक-दूसरे में घुल-मिल जाती थीं। मोहल्...

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बहता जीवन By Nandini Sharma

गंगा किनारे बसे एक छोटे से गाँव में राघव नाम का युवक रहता था। उसका जीवन बिल्कुल नदी की तरह था—कभी शांत, कभी उफान पर। बचपन से ही उसने बड़े सपने देखे थे। वह चाहता था कि एक दिन शहर जा...

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अजीब ख़ामोशी By Nandini Sharma

शहर के बीचोंबीच खड़ा वह पुराना हवेलीनुमा मकान हमेशा लोगों के लिए रहस्य बना रहा था। उसकी टूटी हुई खिड़कियाँ और जंग लगे गेट देखने वालों को भीतर झाँकने का मन तो करातीं, पर एक अनजाना ड...

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कर्मा – एक इंसान की कहानी By Bikash parajuli

सपनों का सफ़रबिहार के एक छोटे से गाँव दरभंगा में राहुल मिश्रा नाम का एक साधारण लड़का रहता था।परिवार ग़रीब, लेकिन सपने बहुत बड़े।पिता हरिनारायण मिश्रा खेतों में मज़दूरी करते, माँ सर...

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सच्चे गुरु का प्रकाश By Nandini Sharma

हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य बहुत जिज्ञासु स्वभाव का था। उसे हमेशा जीवन का रहस्य जानने की तलाश रहती थी। वह सोचता, “मैं कौन हूँ? ज...

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Sex vs ब्रह्मचारी By Bikash parajuli

भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से ही धार्मिक वातावरण में बड़ा हुआ था। उसके गुरुजी हमेशा कहते –“बेटा, ब्रह्मचर्य ही जीवन की सबसे बड़ी...

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मैं कौन हूँ? By Neha kariyaal

क्या आपने कभी खुद से ये सवाल किया है- "मैं कौन हूँ?" मीरा भी ऐसे ही एक सुबह इस सवाल के साथ जागती है। बाहर की दुनिया में जवाब ढूंढती हुई, वह अपने रिश्तों, अपनों और अजनबियों से टकरात...

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तुमसे ही By p batrae

उसने अपने कमरे का दरवाजा खोला ... अपनी कैप उतार कर टेबल पर रखी...और बिस्तर पर लेट गई.... उसने देखा तो सुबह के पांच बजे थे....थकान उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी... लगातार तीन दि...

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सरफराज की कहानी: गाँव से IAS तक By iqbaal

सरफराज एक छोटे से गाँव का लड़का था। उसका गाँव हरे-भरे खेतों और संकरी गलियों से घिरा हुआ था। सुबह-सुबह सूरज की पहली किरणें खेतों पर पड़तीं, और सरफराज अपने पिता के साथ खेतों में काम...

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रोते हुए साए By Piyush Parmar

रोते हुए साए--- Introduction ज़िन्दगी की राहों पर चलने वाला हर इंसान अपने साथ कुछ साए लिए घूमता है।कभी यह साए उसके बचपन की अधूरी हँसी होते हैं, कभी जवानी के टूटे सपनों के, और कभी र...

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तेरी मासूमियत, मेरा इकरार By InkImagination

कहानी शीर्षक: "तेरी मासूमियत, मेरा इकरार"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावना : कभी-कभी प्यार एक मजबूरी से शुरू होता है, लेकिन दिल की गहराई में वह एक अनोखी मोहब्बत बन जाता है। यह कहान...

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कामसूत्र – प्रेम की पूर्ण कथा By Bikash parajuli

प्रस्तावनाकभी-कभी प्रेम को शब्दों से परिभाषित करना मुश्किल हो जाता है। शादी के बाद बहुत से रिश्ते केवल जिम्मेदारियों तक सीमित हो जाते हैं। लेकिन समीर और रागिनी की यात्रा इस बात का...

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देनदार By Deepak sharma

“टुकटुक की शादी मैं ने तय कर दी है,” बेटी को मेरी पूर्वपत्नी टुकटुक कहती, “शादी इसी चौबीस जुलाई को होगी। और रिसेप्शन पच्चीस को…..” “शादी से पहल...

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मुझे तेरी जरूरत है..... By W.Brajendra

रात के सन्नाटे में खिड़की के पास बैठा, मैं आसमान में टिमटिमाते तारों को देख रहा था। बाहर बारिश हो रही थी, लेकिन मेरे अंदर जो खालीपन था, वो किसी तूफ़ान से भी बड़ा था। ये अजीब है न,...

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दो मन गेहूँ जितना ब्याज By kunal kumar

कच्ची मिट्टी की दीवारों, बाँस की टाटी और खपरैल की छत के नीचे एक छोटा सा घर था। बरसात की रातों में जब पानी की बूँदें छत पर गिरती थीं, तो लगता था जैसे थकान खुद आकर बैठ गई हो | उस घर...

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तेरे बिना By Bikash parajuli

भाग 1 – पहली मुलाक़ातआयुष और अनामिका की मुलाक़ात कॉलेज के पहले दिन हुई थी। भीड़-भाड़ वाले कैंपस में अनामिका की मासूम मुस्कान ने आयुष का दिल छू लिया। धीरे-धीरे दोनों दोस्त बने और फि...

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कॉलेज फ्रेंड्स की कहानी By mood Writer

राघव पहली बार अपने शहर से बाहर पढ़ाई करने जा रहा था। उसका एडमिशन एक नामी कॉलेज में हो गया था और परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। स्टेशन पर खड़े होकर जब उसने अपने माता-पिता को अलवि...

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मैं अधूरा जी रहा हूं...... By W.Brajendra

मैं अधूरा जी रहा हूं…“तेरे बिना साँसें तो हैं, पर ज़िंदगी नहीं…”कमरे की खामोशी अब मेरी साथी बन चुकी है।ये चार दीवारें हर रोज़ मेरी तन्हाई का मज़ाक उड़ाती हैं।अलार्म बजता है, मोबाइल...

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अमीर बाप का औलाद By Bikash parajuli

पहला भाग – शुरुआतदिल्ली के एक पॉश इलाके में विशाल कोठी में रहने वाला अर्जुन मल्होत्रा सिर्फ़ 22 साल का था। उसका बाप राकेश मल्होत्रा शहर के सबसे बड़े बिज़नेसमैन में से एक था। पैसों...

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दोस्ती का असली मतलब By Nandini Sharma

दोस्ती का असली मतलबराहुल और आरव बचपन से ही सबसे अच्छे दोस्त थे। उनके मोहल्ले में जब भी कोई उनकी जोड़ी को देखता तो कहता, "इनकी दोस्ती की मिसाल दी जा सकती है।" दोनों का रिश्ता इतना ग...

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पृष्ठभूमि में नैनीताल: By महेश रौतेला

पृष्ठभूमि में नैनीताल:1973 से 1977 का नैनीताल पृष्ठभूमि में जा चुका था। सोच ही रहा था-"जीवन हैकहीं से निकल लेगा,ठोकर लगेगी,गिरेगा फिर उठ जायेगा।उसका अन्त नहीं मिलेगागायेगा,नाचेगा स...

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पूस की रात By Deepak sharma

सूत्रों के अनुसार ‘पूस की रात’ कहानी पहली बार माधुरी के मई, 1930 अंक में प्रकाशित हुई थी। कैसे तो प्रेमचंद ने अपनी इस कहानी की भूमिका बांधी है!   ‘पूस की अंध...

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कौसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस By kunal kumar

कौसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ————————————   6 दिसंबर 2023 पूर्णिया कोर्ट रेलवे स्टेशन | रात 12:00 बजे   दिसंबर की ठंड हड्डियों तक उतर चुकी थी। प्लेटफॉर्म पर कोसी सुपरफास्ट की सीटी गूंज...

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गिरहकट By dilip kumar

पन्ना, मैक, लंबू,हीरा, छोटू इनके असली नाम नहीं थे लेकिन दुनिया अब इसे ही इनका असली नाम मानती थी।मंगल प्रसाद गुप्ता ही पन्ना था, मथुरादास पांडे मैक बन चुका था। लंबू का असली नाम खलील...

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तरू सिख By Manjibhai Bavaliya મનરવ

 सोमन जब छोटा था ।तब से उसमें कई कला का आविर्भाव बहता था । सब उसका बखान कर थकता ।गांव की शेरी गलि मे सब जगह उसकी ही बोल बाला रहती ।स्कुल से आते ही मम्मी उसको खिलाकर अपने भावी का भा...

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मैं खुश हूं उसकी यादों में... By W.Brajendra

मैं उसकी यादों में खुश हूँरात के अंधेरे में अक्सर मैं खुद से बातें करता हूँ। खिड़की पर टिमटिमाती चाँदनी जब मेरे कमरे में उतरती है, तो लगता है जैसे वह चुपके से मेरे पास बैठ गई हो।वह...

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साया-ए-दिल By InkImagination

कहानी शीर्षक: "साया-ए-दिल"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावना : कभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे इंसानों से मिलाती है, जो हमारे साए की तरह हमारे साथ चलते हैं, बिना किसी शोर के, बिना किसी शर्त...

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टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 7 By Ayesha

 5निंदनीय टेली-सीरियलप्रकाश चंद्र असधीर"क्या टीपू पर धारावाहिक प्रसारित किया जाना चाहिए?" — यह प्रश्न प्रत्येक हिन्दू के ध्यान का पात्र है।धारावाहिक 'द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान...

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चायवाले से नेता तक – एक प्रेरक यात्रा By mood Writer

भाग 1 – साधारण शुरुआतगुजरात के एक छोटे कस्बे में, रेलवे स्टेशन के किनारे, एक पुरानी लकड़ी की गुमटी थी। सुबह-सुबह भाप उड़ाती चाय की खुशबू दूर तक फैल जाती।यहीं खड़ा होता था मनोज, अपन...

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बर्डस ऑफ पैसेज By Devendra Kumar

  बर्ड्स ऑफ़ पैसेज  विदेश मंत्रालय की विदेश सेवा में राजनयिक बन कर जाना हमारे समय में सर्वोत्कृष्ट सर्विस माना जाता था| इसीलिये आईए.एस. की परीक्षा के फार्म भरते समय लगभग सभी उम्मीदव...

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भय की छाया By AKANKSHA SRIVASTAVA

रात का समय था। शहर की गलियों में एक सन्नाटा पसरा हुआ था, और सड़कों पर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था। प्रीति, जो अभी-अभी अपने काम से लौट रही थी, जल्दी से अपने कदम बढ़ा रही थी। उस...

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Sad Story By Mohd shabab

दूर घाटी में वो बस्ती देख रहे न साहब वही पे मेरा घर था वही मेरा बाप चाय के बागान में काम किया करता था, बहुत हसमुख इंसान था मेरा बाप सारे वर्कर उसकी बहुत इज़्ज़त किया करते थे यूनियन क...

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गोल रोटियों का सफ़र By AKANKSHA SRIVASTAVA

"प्रेम, परंपरा और परिपूर्णता की कहानी" गोल रोटी—सुनने में जितनी साधारण, बनाने में उतनी ही कठिन! यह भारतीय रसोई की वह कारीगरी है, जिसे हर नवविवाहिता से लेकर अनुभवी गृहिणी तक परिपूर्...

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विपरीत ध्रुव By Deepak sharma

  विषय नाज़ुक है और स्थिति जटिल….. पत्नी मेरी प्रेमपात्र है और पति मुझे अपना विश्वासपात्र बनाए चले जा रहा है….. “तुम्हारी मै'म ने आजकल घर को मुक्केबाज़...

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कर्नल का कोर्ट मार्शल By Devendra Kumar

  कर्नल का कोर्ट मार्शल  -देवेन्द्र कुमारकर्नल  एम.पी. सिंह, पी.वी.एस.एम को फौज से रिटायर हुए लगभग 10/12 वर्ष हो चुके थे| रिटायर होने के बाद उन्होंने दिल्ली में द्वारका सेक्टर 7 की...

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वाह ! बेटा वाह ! - भाग 2 By H.k Bhardwaj

        ■  वाह  ! बेटा वाह! ■ भाग 02(एक कलियुगी बेटे की करतूत पिता के प्रति)                ( भाग 02)-------------------------------------------------------------------------------...

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राम और हिमालय की गाथा By Bikash parajuli

बहुत समय पहले, त्रेता युग में जब अयोध्या में भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ, तो पूरी धरती पर सुख-शांति का युग छा गया। प्रजा खुशहाल थी, ऋषि-मुनि अपने आश्रमों में साधना कर रहे थे और वन...

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जाने कहां गए वो दिन By Nandini Sharma

जाने कहां गए वो दिनसंध्या का समय था। सूर्य अपनी अंतिम किरणों को धरती पर बिखेर रहा था। हवा में हल्की ठंडक घुली हुई थी, और पीपल के पेड़ की पत्तियाँ सरसराहट कर रही थीं। गली के कोने पर...

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अनजानी सी दूरी By InkImagination

कहानी शीर्षक: "अनजानी सी दूरी"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी दोस्ती समय की कसौटी पर टूटने लगती है, लेकिन एक छोटी सी कोशिश उसे फिर से जिंदा कर सकती है। यह कहानी है सिया और...

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तुम्हारा ही इंतजार है By S Sinha

                                                                                 तुम्हारा ही इंतजार है       उस दिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मुंबई में इतनी तेज बारिश होगी  . अभी त...

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बिकाश – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – मासूम शुरुआतनेपाल की तराई का एक छोटा-सा गाँव।हरी-भरी खेतियाँ, चारों ओर फैली हवा में मिट्टी की खुशबू, और बीच में एक मिट्टी का घर – यही था बिकाश का संसार।बचपन से ही उसकी आ...

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तुम और तुम्हारा साथ By Arya Tiwari

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किस – एक गाथा By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई शुरुआतदिल्ली यूनिवर्सिटी का कैंपस।साल 2030।बारिश की हल्की फुहारें और कैम्पस के पुराने पेड़ों के नीचे चहल-पहल।यहीं पहली बार अर्जुन ने सिया को देखा।सिया सफेद कुर्ते और...

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उसका पहला गुरु-दक्षिणा By InkImagination

कहानी शीर्षक: "उसका पहला गुरु-दक्षिणा"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावनाकभी-कभी एक शिक्षक सिर्फ किताबों का गुरु नहीं, बल्कि जिंदगी का मार्गदर्शक बन जाता है। यह कहानी है 12वीं कक्षा...

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2050 – भविष्य की कहानी By Bikash parajuli

अध्याय 1 – नई सुबहसाल 2050 की पहली सुबह।दिल्ली अब वही पुरानी दिल्ली नहीं थी। चारों ओर पारदर्शी गुंबद बने थे जिनके अंदर मौसम को इंसान अपनी इच्छा से बदल सकता था। सड़कों पर अब गाड़िया...

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सारंग - एक अधूरी धड़कन By InkImagination

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सत्य का बलिदान By mood Writer

सुरजनगर एक पुराना, शांत और रंग-बिरंगा शहर था। यहाँ की गलियों में बचपन से ही दोस्तियाँ पनपती थीं। मंदिर की घंटियों और मस्जिद की अज़ान की आवाज़ें एक-दूसरे में घुल-मिल जाती थीं। मोहल्...

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बहता जीवन By Nandini Sharma

गंगा किनारे बसे एक छोटे से गाँव में राघव नाम का युवक रहता था। उसका जीवन बिल्कुल नदी की तरह था—कभी शांत, कभी उफान पर। बचपन से ही उसने बड़े सपने देखे थे। वह चाहता था कि एक दिन शहर जा...

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अजीब ख़ामोशी By Nandini Sharma

शहर के बीचोंबीच खड़ा वह पुराना हवेलीनुमा मकान हमेशा लोगों के लिए रहस्य बना रहा था। उसकी टूटी हुई खिड़कियाँ और जंग लगे गेट देखने वालों को भीतर झाँकने का मन तो करातीं, पर एक अनजाना ड...

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कर्मा – एक इंसान की कहानी By Bikash parajuli

सपनों का सफ़रबिहार के एक छोटे से गाँव दरभंगा में राहुल मिश्रा नाम का एक साधारण लड़का रहता था।परिवार ग़रीब, लेकिन सपने बहुत बड़े।पिता हरिनारायण मिश्रा खेतों में मज़दूरी करते, माँ सर...

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सच्चे गुरु का प्रकाश By Nandini Sharma

हिमालय की गोद में बसे एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक युवक रहता था। आदित्य बहुत जिज्ञासु स्वभाव का था। उसे हमेशा जीवन का रहस्य जानने की तलाश रहती थी। वह सोचता, “मैं कौन हूँ? ज...

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भाग 1 – आरंभअर्जुन एक साधारण परिवार का युवक था। वह पढ़ाई में अच्छा था और बचपन से ही धार्मिक वातावरण में बड़ा हुआ था। उसके गुरुजी हमेशा कहते –“बेटा, ब्रह्मचर्य ही जीवन की सबसे बड़ी...

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मैं कौन हूँ? By Neha kariyaal

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तुमसे ही By p batrae

उसने अपने कमरे का दरवाजा खोला ... अपनी कैप उतार कर टेबल पर रखी...और बिस्तर पर लेट गई.... उसने देखा तो सुबह के पांच बजे थे....थकान उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी... लगातार तीन दि...

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सरफराज की कहानी: गाँव से IAS तक By iqbaal

सरफराज एक छोटे से गाँव का लड़का था। उसका गाँव हरे-भरे खेतों और संकरी गलियों से घिरा हुआ था। सुबह-सुबह सूरज की पहली किरणें खेतों पर पड़तीं, और सरफराज अपने पिता के साथ खेतों में काम...

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रोते हुए साए By Piyush Parmar

रोते हुए साए--- Introduction ज़िन्दगी की राहों पर चलने वाला हर इंसान अपने साथ कुछ साए लिए घूमता है।कभी यह साए उसके बचपन की अधूरी हँसी होते हैं, कभी जवानी के टूटे सपनों के, और कभी र...

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तेरी मासूमियत, मेरा इकरार By InkImagination

कहानी शीर्षक: "तेरी मासूमियत, मेरा इकरार"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावना : कभी-कभी प्यार एक मजबूरी से शुरू होता है, लेकिन दिल की गहराई में वह एक अनोखी मोहब्बत बन जाता है। यह कहान...

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कामसूत्र – प्रेम की पूर्ण कथा By Bikash parajuli

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मुझे तेरी जरूरत है..... By W.Brajendra

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दो मन गेहूँ जितना ब्याज By kunal kumar

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मैं अधूरा जी रहा हूं...... By W.Brajendra

मैं अधूरा जी रहा हूं…“तेरे बिना साँसें तो हैं, पर ज़िंदगी नहीं…”कमरे की खामोशी अब मेरी साथी बन चुकी है।ये चार दीवारें हर रोज़ मेरी तन्हाई का मज़ाक उड़ाती हैं।अलार्म बजता है, मोबाइल...

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अमीर बाप का औलाद By Bikash parajuli

पहला भाग – शुरुआतदिल्ली के एक पॉश इलाके में विशाल कोठी में रहने वाला अर्जुन मल्होत्रा सिर्फ़ 22 साल का था। उसका बाप राकेश मल्होत्रा शहर के सबसे बड़े बिज़नेसमैन में से एक था। पैसों...

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दोस्ती का असली मतलब By Nandini Sharma

दोस्ती का असली मतलबराहुल और आरव बचपन से ही सबसे अच्छे दोस्त थे। उनके मोहल्ले में जब भी कोई उनकी जोड़ी को देखता तो कहता, "इनकी दोस्ती की मिसाल दी जा सकती है।" दोनों का रिश्ता इतना ग...

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पृष्ठभूमि में नैनीताल: By महेश रौतेला

पृष्ठभूमि में नैनीताल:1973 से 1977 का नैनीताल पृष्ठभूमि में जा चुका था। सोच ही रहा था-"जीवन हैकहीं से निकल लेगा,ठोकर लगेगी,गिरेगा फिर उठ जायेगा।उसका अन्त नहीं मिलेगागायेगा,नाचेगा स...

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पूस की रात By Deepak sharma

सूत्रों के अनुसार ‘पूस की रात’ कहानी पहली बार माधुरी के मई, 1930 अंक में प्रकाशित हुई थी। कैसे तो प्रेमचंद ने अपनी इस कहानी की भूमिका बांधी है!   ‘पूस की अंध...

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कौसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस By kunal kumar

कौसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ————————————   6 दिसंबर 2023 पूर्णिया कोर्ट रेलवे स्टेशन | रात 12:00 बजे   दिसंबर की ठंड हड्डियों तक उतर चुकी थी। प्लेटफॉर्म पर कोसी सुपरफास्ट की सीटी गूंज...

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गिरहकट By dilip kumar

पन्ना, मैक, लंबू,हीरा, छोटू इनके असली नाम नहीं थे लेकिन दुनिया अब इसे ही इनका असली नाम मानती थी।मंगल प्रसाद गुप्ता ही पन्ना था, मथुरादास पांडे मैक बन चुका था। लंबू का असली नाम खलील...

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तरू सिख By Manjibhai Bavaliya મનરવ

 सोमन जब छोटा था ।तब से उसमें कई कला का आविर्भाव बहता था । सब उसका बखान कर थकता ।गांव की शेरी गलि मे सब जगह उसकी ही बोल बाला रहती ।स्कुल से आते ही मम्मी उसको खिलाकर अपने भावी का भा...

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मैं खुश हूं उसकी यादों में... By W.Brajendra

मैं उसकी यादों में खुश हूँरात के अंधेरे में अक्सर मैं खुद से बातें करता हूँ। खिड़की पर टिमटिमाती चाँदनी जब मेरे कमरे में उतरती है, तो लगता है जैसे वह चुपके से मेरे पास बैठ गई हो।वह...

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साया-ए-दिल By InkImagination

कहानी शीर्षक: "साया-ए-दिल"लेखिका: InkImaginationप्रस्तावना : कभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे इंसानों से मिलाती है, जो हमारे साए की तरह हमारे साथ चलते हैं, बिना किसी शोर के, बिना किसी शर्त...

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टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ? - 7 By Ayesha

 5निंदनीय टेली-सीरियलप्रकाश चंद्र असधीर"क्या टीपू पर धारावाहिक प्रसारित किया जाना चाहिए?" — यह प्रश्न प्रत्येक हिन्दू के ध्यान का पात्र है।धारावाहिक 'द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान...

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चायवाले से नेता तक – एक प्रेरक यात्रा By mood Writer

भाग 1 – साधारण शुरुआतगुजरात के एक छोटे कस्बे में, रेलवे स्टेशन के किनारे, एक पुरानी लकड़ी की गुमटी थी। सुबह-सुबह भाप उड़ाती चाय की खुशबू दूर तक फैल जाती।यहीं खड़ा होता था मनोज, अपन...

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बर्डस ऑफ पैसेज By Devendra Kumar

  बर्ड्स ऑफ़ पैसेज  विदेश मंत्रालय की विदेश सेवा में राजनयिक बन कर जाना हमारे समय में सर्वोत्कृष्ट सर्विस माना जाता था| इसीलिये आईए.एस. की परीक्षा के फार्म भरते समय लगभग सभी उम्मीदव...

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