नई जारी की गई हिंदी कहानियाँ

Reading stories is a greatest experience, that introduces you to the world of new thoughts and imagination. It introduces you to the characters that can inspire you in your life. The stories on Matrubharti are published by independent authors having beautiful and creative thoughts with an exceptional capability to tell a story for online readers.


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Featured Books
  • ज़हरीली थाली

    मिट्टी में ज़हर घोलकर, कैसा स्वाद ढूंढते हो, बीमारियों की फसल बोकर, फौलाद ढूंढते...

  • भीड़ में अकेली - 1

    भीड़ में अकेलीअध्याय–1 : एक अनजान    संदेश रात के साढ़े दस बज रहे थे। शहर की ऊँच...

  • पीछे छूटा इंसान- भाग 1

    लोग कहते हैं कि बड़े शहर में आकर गाँव का इंसान बदल जाता है, पर कोई यह नहीं पूछता...

  • तेरे हो गये हम - भाग 1

    सुबह की हल्की धूप गाँव के पुराने घरों पर चमक रही थी।18 साल की आशी वर्मा, हल्के ग...

  • मनोज - एक ज़िद्दी लड़के की कहानी - 1

    टाइटलमनोज: एक ज़िद्दी लड़के की कहानीडिस्क्रिप्शनमनोज एक छोटे शहर का लड़का है। उस...

  • जंगल का खजाना - 1

    *अध्याय 1: पुराना नक्शा*गर्मियों की छुट्टियां थीं। *विक्रम* लखनऊ से नानी के गांव...

  • ​बिन माँ की रसोई

    घर में मेहमानों का ताँता लगा हुआ था और रसोई की पूरी कमान पड़ोस की ताईजी के हाथों...

  • I Am Your Bodyguard - 1

    GL story:- इस कहानी में 2 लड़कियों का किरदार है जिसमें पहेली लड़की जिसका नाम yuk...

  • ​भरोसे का खून

    *लकी गलियों में अपनी दरियादिली और याराना मिजाज के लिए जाना जाता था, पर यही खूबी...

  • Love Life - 1

    ( एक बहुत बड़ी कंपनी है DSR इस कंपनी की मालकिन हैमियाओ - देखने में अच्छी है, पर...

अमर समर्पण: एक अनकही दास्तान By Anamika

लेखिका "अनामिका"गाँव की गलियों में जब पैरों में पायल बांधे छह साल की नन्हीं मीरा दौड़ती, तो हवा में उसकी बेफिक्र हँसी गूँज उठती। माँ अक्सर रसोई के झरोखे से मुस्कुराते हुए उसे पुकार...

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हुक्म और हसरत - 18 By Diksha mis kahani

️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaहाथों का वो एक पल का साथ, सदियों की दुआ बन गया,जिसे छूना भी मुनासिब न था, वही दिल की वजह बन गया।वो ख़ामोश रहा, हम भी कुछ कह न सके,मगर उस ख़ामोशी में इश्क़......

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Devil की दास्तान - 21 By Sonam Brijwasi

(मंदिर के बाहर सुबह की हल्की किरणें फैल रही हैं।रात का अँधेरा धीरे-धीरे मिट चुका है। करण मंदिर की सीढ़ियों पर बैठा है, सिमरन उसकी गोद में शांत पड़ी हुई है।करण की आँखों में अब भी आँ...

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (76) By Ramesh Desai

                                  शहद की गुड़िया - प्रकरण 76        " दादू ने ' माधुरी एक्सपोर्ट्स ' में जाहिर ' voluntary retirement scheme ' का लाभ उठाकर निवृत्ति...

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एक प्यार की अधूरी दास्तां - 2 By Mukul Tiwari

शाम के सात बज चुके थे। तमिलनाडु के इस छोटे से शहर की सड़कें अब भी दिन भर की धूप से उबल रही थींअभी फिलहाल 2026 चल रहा है मई का महीना है गर्मी का मौसम अभी मैं तमिलनाडू मै हु यहा एक ब...

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The Last Promise - 18 By CHIRANJIT TEWARY

उसमे से एक कहता है --गुंडा: - ऐ ऐसे डरो मत रे। ये अभी बहोत घायल है , हम सब एक साथ जाएगें तो ये कुछ नही कर सकता । उस गूडें की बात को सुनकर रुद्रा एक स्माइल देता है । और टुटते आवाज स...

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स्वयंवधू - 69 By Sayant

इसमें धुम्रपान और शराब का सेवन है। लेखक इसे प्रोत्साहित नहीं करता।  साथ ही, इसमें हिंसा, खून-खराबा और कुछ जबरन संबंध भी शामिल हैं। पाठकगण कृपया विवेक से पढ़ें।69. कमरे के पीछे का क...

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प्यार की एक नई शुरुआत - 3 By Leela nagetiya

एक तरफ मम्मी- पापा और मायरा आपस में प्यार से बातें कर रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ खडा रोहन लगातार आदित्य को घूर रहा था. उसकी आँखें आदित्य के चेहरे पर टिकी थीं. रोहन का इस तरह देखना आ...

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ज़हरीली थाली By sukhvinder Singh Rai

मिट्टी में ज़हर घोलकर, कैसा स्वाद ढूंढते हो, बीमारियों की फसल बोकर, फौलाद ढूंढते हो। डाइनिंग टेबल पर माहौल खामोश था। आर्यन अपनी थाली के सामने गुमसुम बैठा था, उसके हाथ में रोटी का एक...

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मेरे हिस्से की ज़िंदगी - अध्याय 2 By sapna

मेरे हिस्से की ज़िंदगीभाग 2: अधूरा प्यार... पर मेरा था!"यार, तुम्हें लाइफ में कैसा पार्टनर चाहिए?"लंच ब्रेक में पेड़ की छांव में बैठकर हम पाँचों सहेलियाँ अक्सर इस टॉपिक पर बात करती...

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हुक्म और हसरत - 18 By Diksha mis kahani

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प्यार की एक नई शुरुआत - 3 By Leela nagetiya

एक तरफ मम्मी- पापा और मायरा आपस में प्यार से बातें कर रहे थे, तो वहीं दूसरी तरफ खडा रोहन लगातार आदित्य को घूर रहा था. उसकी आँखें आदित्य के चेहरे पर टिकी थीं. रोहन का इस तरह देखना आ...

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ज़हरीली थाली By sukhvinder Singh Rai

मिट्टी में ज़हर घोलकर, कैसा स्वाद ढूंढते हो, बीमारियों की फसल बोकर, फौलाद ढूंढते हो। डाइनिंग टेबल पर माहौल खामोश था। आर्यन अपनी थाली के सामने गुमसुम बैठा था, उसके हाथ में रोटी का एक...

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मेरे हिस्से की ज़िंदगी - अध्याय 2 By sapna

मेरे हिस्से की ज़िंदगीभाग 2: अधूरा प्यार... पर मेरा था!"यार, तुम्हें लाइफ में कैसा पार्टनर चाहिए?"लंच ब्रेक में पेड़ की छांव में बैठकर हम पाँचों सहेलियाँ अक्सर इस टॉपिक पर बात करती...

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