मानवीय विज्ञान कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Human Science in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी के साधन By Rajveer Kotadiya । रावण ।

प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी के साधनों को दो भागों में बाँटा जा सकता है- साहित्यिक साधन और पुरातात्विक साधन, जो देशी और विदेशी दोनों हैं। साहित्यिक साधन दो प्रकार के हैं- धार्...

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एक रूह की आत्मकथा - 5 By Ranjana Jaiswal

'एक बात कहूँ बुरा तो नहीं मानेंगी कामिनी भाभी'-समर ने सकुचाते हुए मुझसे कहा। -कहो न,क्या कहना है?मैंने अपनी खुशी के अतिरेक पर विराम लगाते हुए पूछा। 'ये बच्चा....ये .......

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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 49 - केतकी का सच By Captain Dharnidhar

ट्रेन में केतकी की हमशक्ल युवती के बारे मे अभय जानने का प्रयास कर रहा था । किंतु युवती की मम्मी ने नाराजगी भरे लहजे मे मना कर दिया । अभय कनखियो से उस युवती को देख रहा था । उसे अब भ...

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विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 9 By सीमा बी.

विश्वास (भाग -9)"सरला जी, एक प्लेट में खाना लगा कर भुवन बेटे को भी वहीं दे देते हैं ,वो भी खा लेगा"। उमा जी ने कहा तो सरला ने भी कहा "हाँ ये ठीक रहेगा, मैं दे आती हुँ"। सरला भुवन क...

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बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय बोध By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कृष्ण विहारी लाल पाण्डेय की बुन्देली भाषा विज्ञान सम्बन्धी लेखमाला-बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय-बोधके बी एल पाण्डेयमनुष्य ने काल के निरवधि विस्तार को अपने बोध की दृष्टि से खंडों म...

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दतिया की बौद्धिक सम्पदा By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

लेखदतिया की बौद्धिक संपदा के कुछ प्रतिमानडॉ.के बी एल पाण्डेयदतिया में साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा के साथ ही कुछ ही दशकों पहले यहां गंभीर और प्रचंड बौद्धिकता का भी असाधारण बना र...

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लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है  By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

o लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है केबीएल पाण्डेय का इंटरव्यूप्रश्न 1 आपके मतानुसार लोक संस्कृति से क्या आशय है?केबीएल पाण्डेय-काफी समय तक संस्कृति के ऐसे विभाजन हम नहीं देखते ह...

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गांव और लोक संस्कृति By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

गांव और लोक संस्कृतिके बी एल पाण्डेय'लोक' और 'संस्कृति' शब्द कोषतः चाहे.. कितना व्यापक अर्थ रखते हों, किंतु आज परस्पर सन्निधि में सामान्यतः आशय विशेष में रूढ़ है । ल...

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प्रकृति और हम By ROHIT CHATURVEDI

क्या है प्रकृति ? और क्या हैं हम ?प्रकृति अर्थात निर्माता की हर वह संरचना, जिसे हमने नहीं बनाया और हमारे आसपास मौजूद है, वही है प्रकृति । परंतु कौन है वह निर्माता? जिसने हर चीज को...

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जीवन की सीख By Sonu Rj

१ सच है, शत्रु से संभलकर और हो सके तो चार हाथ दूर ही रहने में भलाई होती है। २ सीख - बुद्धिमानों की सलाह गंभीरता से लेनी चाहिए। ३. सीख- आपस की फूट सदा ले डूबती है। ४. सीख -- 1. एकता...

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सपना - अच्छे दिनों का By धरमा

दोस्तो कल रात को एक सपना आया, देखा कि मेरे मोबाइल में संदेश आया है....... कि भारत सरकार ने पचास लाख रुपये मेरे "जन धन योजना वाले बैंक खाते मैं डिपाजिट कर दिए है. मैं बड़ी ख़ुशी से...

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धरती पर क्यों खाली हाथ आए हैं और खाली हाथ लौटकर जाते है। By Akash Gupta

खाली हाथ आए थे, खाली हाथ जाना है.....लेकिन प्रश्न यह कि क्यों ?क्यों खाली हाथ आए थे और क्यों खाली हाथ जाना है ?और जब खाली हाथ ही जाना है, तो फिर कमाना किसके लिए है ?बीवी बच्चों के...

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प्रेम को समझने में बटें शैक्षणिक विषय By vidrohi

प्रेम मानव का एक आधारभूत मनोभाव हैं। जिसके बिना जीना कुछ अपवादों(वो भी एक लंबे अरसे के प्रशिक्षण के बाद) को छोड़कर असंभव सा जान पड़ता हैं। इसे परिभाषित कैसे करें। इसके बारें में संसा...

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अंधविश्वास का जादू By Ranjana Jaiswal

कोई कुछ भी कहे, हमारा देश महान तो है ही। जरा आप ही सोचिए-इस संसार में है कोई ऐसा देश, जहाँ देवी-देवताओं की संख्या उतनी ही हो, जितनी योनियाँ। यानी चौरासी लाख। इतना ही क्यों कुछ वर्ष...

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जादुई मन - 7 - सुनने की क्षमता बढाने की साधना By Captain Dharnidhar

आकाश तत्व की ज्ञानेन्द्री हमारे कान हैं । ध्वनि आकाश तत्व का गुण है । सुनने की क्षमता सभी जीवों मे अलग अलग हो सकती है । ध्वनि की तीव्रता को सहन करने की क्षमता भी सभी मे अलग अलग होत...

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आत्महत्या By Reshu Sachan

 न जाने कितने लोग रोज अपने अपनों को बेगाना करके इस दुनियां को अलविदा कहकर चले जाते हैं| उनकी अकाल मृत्यु की वजह भी क्या आख़िर आत्महत्या| माना जा सकता है कि उनकी मौत की वजह वो खुद ही...

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प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी के साधन By Rajveer Kotadiya । रावण ।

प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी के साधनों को दो भागों में बाँटा जा सकता है- साहित्यिक साधन और पुरातात्विक साधन, जो देशी और विदेशी दोनों हैं। साहित्यिक साधन दो प्रकार के हैं- धार्...

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एक रूह की आत्मकथा - 5 By Ranjana Jaiswal

'एक बात कहूँ बुरा तो नहीं मानेंगी कामिनी भाभी'-समर ने सकुचाते हुए मुझसे कहा। -कहो न,क्या कहना है?मैंने अपनी खुशी के अतिरेक पर विराम लगाते हुए पूछा। 'ये बच्चा....ये .......

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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 49 - केतकी का सच By Captain Dharnidhar

ट्रेन में केतकी की हमशक्ल युवती के बारे मे अभय जानने का प्रयास कर रहा था । किंतु युवती की मम्मी ने नाराजगी भरे लहजे मे मना कर दिया । अभय कनखियो से उस युवती को देख रहा था । उसे अब भ...

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विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 9 By सीमा बी.

विश्वास (भाग -9)"सरला जी, एक प्लेट में खाना लगा कर भुवन बेटे को भी वहीं दे देते हैं ,वो भी खा लेगा"। उमा जी ने कहा तो सरला ने भी कहा "हाँ ये ठीक रहेगा, मैं दे आती हुँ"। सरला भुवन क...

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बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय बोध By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कृष्ण विहारी लाल पाण्डेय की बुन्देली भाषा विज्ञान सम्बन्धी लेखमाला-बुंदेलखंड के लोक जीवन में समय-बोधके बी एल पाण्डेयमनुष्य ने काल के निरवधि विस्तार को अपने बोध की दृष्टि से खंडों म...

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दतिया की बौद्धिक सम्पदा By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

लेखदतिया की बौद्धिक संपदा के कुछ प्रतिमानडॉ.के बी एल पाण्डेयदतिया में साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा के साथ ही कुछ ही दशकों पहले यहां गंभीर और प्रचंड बौद्धिकता का भी असाधारण बना र...

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लोक संस्कृति स्थिर व गतिशील होती है  By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

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क्या है प्रकृति ? और क्या हैं हम ?प्रकृति अर्थात निर्माता की हर वह संरचना, जिसे हमने नहीं बनाया और हमारे आसपास मौजूद है, वही है प्रकृति । परंतु कौन है वह निर्माता? जिसने हर चीज को...

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१ सच है, शत्रु से संभलकर और हो सके तो चार हाथ दूर ही रहने में भलाई होती है। २ सीख - बुद्धिमानों की सलाह गंभीरता से लेनी चाहिए। ३. सीख- आपस की फूट सदा ले डूबती है। ४. सीख -- 1. एकता...

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दोस्तो कल रात को एक सपना आया, देखा कि मेरे मोबाइल में संदेश आया है....... कि भारत सरकार ने पचास लाख रुपये मेरे "जन धन योजना वाले बैंक खाते मैं डिपाजिट कर दिए है. मैं बड़ी ख़ुशी से...

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धरती पर क्यों खाली हाथ आए हैं और खाली हाथ लौटकर जाते है। By Akash Gupta

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प्रेम को समझने में बटें शैक्षणिक विषय By vidrohi

प्रेम मानव का एक आधारभूत मनोभाव हैं। जिसके बिना जीना कुछ अपवादों(वो भी एक लंबे अरसे के प्रशिक्षण के बाद) को छोड़कर असंभव सा जान पड़ता हैं। इसे परिभाषित कैसे करें। इसके बारें में संसा...

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अंधविश्वास का जादू By Ranjana Jaiswal

कोई कुछ भी कहे, हमारा देश महान तो है ही। जरा आप ही सोचिए-इस संसार में है कोई ऐसा देश, जहाँ देवी-देवताओं की संख्या उतनी ही हो, जितनी योनियाँ। यानी चौरासी लाख। इतना ही क्यों कुछ वर्ष...

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आकाश तत्व की ज्ञानेन्द्री हमारे कान हैं । ध्वनि आकाश तत्व का गुण है । सुनने की क्षमता सभी जीवों मे अलग अलग हो सकती है । ध्वनि की तीव्रता को सहन करने की क्षमता भी सभी मे अलग अलग होत...

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आत्महत्या By Reshu Sachan

 न जाने कितने लोग रोज अपने अपनों को बेगाना करके इस दुनियां को अलविदा कहकर चले जाते हैं| उनकी अकाल मृत्यु की वजह भी क्या आख़िर आत्महत्या| माना जा सकता है कि उनकी मौत की वजह वो खुद ही...

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