कुछ भी कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Anything in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures....Read More


Categories
Featured Books

सफ़र एहसासों का By Pranava Bharti

लीना खेरिया ------------- एक गुलदस्ता होता है न जिसमें ख़ुशबू होती है, छुअन होती है, रफ़्ता-रफ़्ता चलते कुछ सवाल होते हैं और उसी रफ़्तार से चलते उनके जवाब भी ! वे सब गुम होती दिशाओं के...

Read Free

ज़िद्दी इश्क़ - 18 By Sabreen FA

माज़ और रामिश भागते हुए अंदर आये तो देखा शेर खान सीरियस एक्सप्रेशन के साथ सोफे पर बैठे थे। उनके सामने सोफे पर माहेरा अपना सिर झुकाए बैठी अपनी नाखूनों से खेल रही थी। "डैड व्हाट आ सरप...

Read Free

जुआरी फिल्मप्रोड्यूसर - 6 - अंतिम भाग By Brijmohan sharma

(6) फिल्म शुरू  विजय ने अपनी फिल्म का भारी एडवर्टाइजमेंट किया । उसने शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर फिल्म के हाट सीन तथा काश्मीर की वादियों के सुन्दर द्रश्य वाले बेनर लगा दिए ।...

Read Free

विविधा - 47 - अंतिम भाग By Yashvant Kothari

47-साँप: हमारे मित्र   साँप का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में डर और एक लिजलिजा अहसास आ जाता है आदमी साँपों से डरता है और उन्हें हानिकारक समझता है; लेकिन वास्तविक स्थिति ऐसी नही...

Read Free

ब्राह्मकमल By Jaimini Brahmbhatt

 हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में ब्रह्मकमल को एक अत्यन्त पवित्र फूल माना जाता है। यहाँ के लोगों का विश्वास है कि ब्रह्मकमल के दर्शन मात्र से ही जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।...

Read Free

मेरी दादी By Arjit Mishra

बहुत सौभाग्यशाली मानता हूँ खुद को कि मेरी परवरिश एक भरे पूरे परिवार में हुई जहाँ मुझे हर रिश्ते में बहुत प्यार और अपेक्षित सम्मान मिला| कहते हैं कि एक बच्चे के आरंभिक जीवन में दादा...

Read Free

साहब - मेरे ताऊजी (पार्ट 1) By Kishanlal Sharma

"बाऊजी का जवाब नही था।नाम था उनका।रोब था"सुरेश बोलामेरे ताऊजी के एल शर्मा बांदीकुई में रेलवे में मेल ड्राइवर थे।लोग उन्हें के एल शर्मा के नाम से जानते थे।पर उनका पूरा नाम था--कन्है...

Read Free

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 20 By Kishanlal Sharma

मेरे बड़े कजिन जगदीश जो गणेश ताऊजी के सबसे बड़े बेटे थे।इन्द्र जो ताऊजी कन्हैया लाल के बड़े बेटे थे और मैं हम तीनों का गुट था और हम में अच्छी पटती थी।मेरे गांव पहुचने के दूसरे दिन मैं...

Read Free

Autobiography - forgotten memories - 6 By Kishanlal Sharma

It was Diwali on Nov 10,1969.I was very restless that day.There was panic inside my heart.Amxiety from Bali's side.And that dream was not giving up at all.Bapu had gone to the...

Read Free

मोहताज़ गण और तंत्र By Yashvant Kothari

व्यंग्यमोहताज़ गण और तंत्र यशवन्त कोठारीसर्वत्र तंत्र का राज्य है । गण मोहताज है । हर विकास,योजना पर तंत्र का अधिकार है । गण को कोई नहीं पूछता उसेक्या चाहिये । तंत्र जो उचित समझता...

Read Free

सफ़र एहसासों का By Pranava Bharti

लीना खेरिया ------------- एक गुलदस्ता होता है न जिसमें ख़ुशबू होती है, छुअन होती है, रफ़्ता-रफ़्ता चलते कुछ सवाल होते हैं और उसी रफ़्तार से चलते उनके जवाब भी ! वे सब गुम होती दिशाओं के...

Read Free

ज़िद्दी इश्क़ - 18 By Sabreen FA

माज़ और रामिश भागते हुए अंदर आये तो देखा शेर खान सीरियस एक्सप्रेशन के साथ सोफे पर बैठे थे। उनके सामने सोफे पर माहेरा अपना सिर झुकाए बैठी अपनी नाखूनों से खेल रही थी। "डैड व्हाट आ सरप...

Read Free

जुआरी फिल्मप्रोड्यूसर - 6 - अंतिम भाग By Brijmohan sharma

(6) फिल्म शुरू  विजय ने अपनी फिल्म का भारी एडवर्टाइजमेंट किया । उसने शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर फिल्म के हाट सीन तथा काश्मीर की वादियों के सुन्दर द्रश्य वाले बेनर लगा दिए ।...

Read Free

विविधा - 47 - अंतिम भाग By Yashvant Kothari

47-साँप: हमारे मित्र   साँप का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में डर और एक लिजलिजा अहसास आ जाता है आदमी साँपों से डरता है और उन्हें हानिकारक समझता है; लेकिन वास्तविक स्थिति ऐसी नही...

Read Free

ब्राह्मकमल By Jaimini Brahmbhatt

 हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में ब्रह्मकमल को एक अत्यन्त पवित्र फूल माना जाता है। यहाँ के लोगों का विश्वास है कि ब्रह्मकमल के दर्शन मात्र से ही जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।...

Read Free

मेरी दादी By Arjit Mishra

बहुत सौभाग्यशाली मानता हूँ खुद को कि मेरी परवरिश एक भरे पूरे परिवार में हुई जहाँ मुझे हर रिश्ते में बहुत प्यार और अपेक्षित सम्मान मिला| कहते हैं कि एक बच्चे के आरंभिक जीवन में दादा...

Read Free

साहब - मेरे ताऊजी (पार्ट 1) By Kishanlal Sharma

"बाऊजी का जवाब नही था।नाम था उनका।रोब था"सुरेश बोलामेरे ताऊजी के एल शर्मा बांदीकुई में रेलवे में मेल ड्राइवर थे।लोग उन्हें के एल शर्मा के नाम से जानते थे।पर उनका पूरा नाम था--कन्है...

Read Free

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे - 20 By Kishanlal Sharma

मेरे बड़े कजिन जगदीश जो गणेश ताऊजी के सबसे बड़े बेटे थे।इन्द्र जो ताऊजी कन्हैया लाल के बड़े बेटे थे और मैं हम तीनों का गुट था और हम में अच्छी पटती थी।मेरे गांव पहुचने के दूसरे दिन मैं...

Read Free

Autobiography - forgotten memories - 6 By Kishanlal Sharma

It was Diwali on Nov 10,1969.I was very restless that day.There was panic inside my heart.Amxiety from Bali's side.And that dream was not giving up at all.Bapu had gone to the...

Read Free

मोहताज़ गण और तंत्र By Yashvant Kothari

व्यंग्यमोहताज़ गण और तंत्र यशवन्त कोठारीसर्वत्र तंत्र का राज्य है । गण मोहताज है । हर विकास,योजना पर तंत्र का अधिकार है । गण को कोई नहीं पूछता उसेक्या चाहिये । तंत्र जो उचित समझता...

Read Free