करूं शब्द-शब्द मैं प्रीत की बातें, हाँ तुम मेरा आधार पिया, मैं जोगन कभी बैरागन बनती, और तुम मेरा संसार पिया।~ रूपकीबातें (Introvert Writer)

    कोई उपन्यास उपलब्ध नहीं है

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