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प्यार की जोखिमएक रोमांटिक-सस्पेंस फिल्म की कहानीशैली: Romance | Suspense | Drama...
SCENE 4. "रास्ते से हटो, रास्ते से हटकर खड़े हो जाओ।" तांगे के आगे की तरफ़ बैठा...
कहानी - कथनी और करनीरोहित बहुत ही धार्मिक व्यक्ति था। सबकी सहायता के लिए हमेशा त...
भाग १० — किसके लिए जिऊँ?मिहिर अस्पताल की सीढ़ियों पर बैठा बहुत देर तक सोचता रहा।...
हर इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ रास्ते सामने तो कई होते हैं, ले...
उसी hall के दूसरे कोने में, एक और बेंच पर, अनन्या अपनी sunglasses उतारकर बैग में...
शहर की उस पुरानी गली में शाम हमेशा थोड़ी जल्दी उतरती थी। सूरज पहाड़ियों के पीछ...
सच सच जानना था, सो चुपचाप हो गया। पता है, चुप होकर किसी के अन्दर से सच निकालने...
आजादी के बाद हुए तीन आम चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जो 2004 तक कई घड़ों...
अस्पताल के उस ठंडे कमरे में फैली गहरी खामोशी को अचानक रीना की भारी सिसकियों ने त...
स्थान: गांव का चौपाल समय: शाम ढलने का वक्त बड़ा पीपल का पेड़ झूम रहा है। कुछ बुज़ुर्ग और नौजवान बैठे हैं। महिलाएं थोड़ी दूरी से सुन रही हैं। बच्चे खेलते-खेलते धीरे-धीरे पास आ रहे...
इंस्पेक्टर सुखी सुबह के 6 बजे शुख की नींद में थे, कि अचानक उनके मोबाइल की रिंग बजी..आँखें मलते हुए..हाथ में मोबाइल लेकर बोले “नाम सुखी है लेकिन दुनिया शुख से रहने नहीं देती..इस मोब...
एलारिया की शांत और सुंदर दुनिया में, जहाँ हरे-भरे मैदान और घने जंगल फैले हुए थे, एक छोटा-सा गाँव लिलीवुड अपनी सादगी और खुशियों के लिए जाना जाता था। यहाँ के लोग प्रकृति के करीब रहते...
अस्पताल में दवाओं का गंध हमेशा बना रहता था | और रक्तांश खुराना को इससे हमेशा से नफ़रत थी लेकिन इस वक्त वह उस गंध को मेहसूस नही कर पा रहा था | रक्तांश इस वक्त वीआईपी वार्ड...
"साहब, इस बिल्डिंग में बारह ही मंज़िलें हैं। तेरहवीं कभी बनी ही नहीं।" वॉचमैन की आवाज़ में न जाने कैसा कंपन था जो विशाल को बेचैन कर गया। सुबह की पहली किरण अभी ठीक से ज़...
रात के 11:42 हो चुके थे। सोसाइटी की सारी लाइटें बुझ चुकी थीं। हवा में अजीब सी सर्दी थी, जो जून की गर्मी में भी अजनबी लग रही थी। अर्जुन एक नया डिलीवरी बॉय था। आज उसे एक ऑर्डर मिल...
बनारस का वो महीना सावन का था, और आसमान में छाई थी हल्की हल्की धुंध। शहर की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी में पहला दिन था काव्या का। नीली सलवार-कुर्ता, एक हाथ में किताबें, दूसरे में छतरी...
आज शनिवार की शाम दिल्ली के कनॉट प्लेस की सड़कों पर जहाँ ट्रैफिक जाम था, वहीं क्लब पैराडाइस में अमन भी अपने दोस्तों के साथ जाम से जाम टकरा रहा था I उसके दोस्त, नयन, रोहि...
वह लड़का उस जगह से बेतहासा भागने की कोशिश कर रहा था। उसे अपने सामने एक सीधी सड़क नजर आ रही थी। और चारों तरफ बस अंधेरा। सामने से देखने से लग रहा था कि वह सड़क कभी खत्म नहीं होगी। वह...
लैब की बत्तियाँ धीरे-धीरे झपकती हैं, और बाहर तूफान का शोर और तेज़ हवाओं का अहसास भीतर भी होने लगता है। लैब का वातावरण ठंडा और सन्नाटे से भरा हुआ है। आरव, अपने कंप्यूटर के पास, बिना...
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