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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 18: वो कहानी जिसे अनन्या भूल गई थीकमरे में...
अस्तित्ववेदांत 2.0: सृष्टि, मनुष्य और सिद्धांतों के निर्माण से पहले की 'मूल...
गर्मी का मौसम आते ही लू लगने का डर सबको सताता है। सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी जैस...
“शिकार की शुरुआत”बारिश पूरी रात होती रही।शिवपुर की सड़कों पर पानी जमा था।सुबह हो...
कमरे की सीलन भरी हवा में छत वाले पुराने पंखे की 'कटर-कटर' आवाज़ किसी उल्ट...
(भारी लोहे के दरवाज़े के खुलने की कर्कश आवाज़। जेल के गलियारे में कैदियों के फुस...
रावल जैत्र सिंह (1213-1253 ईसवी)रावल जैत्रसिंह का जीवन एवं कार्य तीन कारणों से व...
कहानी *चिड़चिड़ा*कभी-कभी सबको प्यार बाँटने वाला भी प्यार के लिए प्यासा रह जाता ह...
अभी सिया अपनी सिसकियों पर काबू पा ही रही थी कि फार्महाउस के गेट पर सायरन की गूँज...
"सुबह के 7:00 बजे थे। मुंबई के ए...
महान गुप्त साम्राज्य, अवंती प्रदेश, उज्जैन प्रांत।उज्जैन प्रांत की आठ प्रमुख एकेडमीयों में से एक छाया झील एकेडमी के प्रवेशद्वार से एक लडका अपनी कमर पर सेबर लटकाकर बाहर निकला।“सीनिअ...
कहावत है कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं, लेकिन कबीर और अवनि की जोड़ी दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक स्टेशन पर एक ज़ोरदार दुर्घटना के साथ ज़मीन पर उतरी थी। शाम के छह बजे थे। मेट्रो स्ट...
पहली बारिश, पहला प्यार शाम धीरे-धीरे शहर पर उतर रही थी। आसमान बादलों से भरा था और बारिश की छोटी बूंदें खिड़कियों पर ऐसे गिर रही थीं जैसे कोई पुराना गीत चुपचाप बज रहा हो। र...
कामदेव के वाण और प्रजातंत्र के खतरे यशवन्त कोठारी होली का प्राचीन संदर्भ ढूंढने निकला तो लगा कि बसंत के आगमन के साथ ही चारों तरफ कामदेव अपने वाण छोड़ने को आतुर हो जाते हैं मा...
शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की जिद कर रही थी । जिस कारण से अशोक अपनी एकलौती बेटी जानवी को डांटता है । अशोक धनबाद शहर का एक जाना...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की ताकत की नशे में चूर इंसानों ने खुद को भगवान से कमतर नही आक रहे थे और तभी इंसानों की हाथ लगा एक रहस्...
अध्याय १: मुंबई की मिट्टी और बचपन की महक मुंबई। सपनों का शहर, जहां हर कोई कुछ बनने की जद्दोजहद में लगा रहता है। सी-लिंक की चमक के पास, एक साधारण से इलाके में रहती थी **निधि...
एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्रेसिंग सेंस को देखकर कोई भी कह सकता है कि वो कपड़े इतने महंगे है , की कोई आम बिजनेसमैन तो उन्हें अफोर्...
कही से भी शुरू कर लीजिये आप को समझ पड़ जायेगी। ये कोई भी नकल के आधारत नहीं है, मै जिम्मेदारी लेता हुँ कि ये उपन्यास कुछ हट के है, जज्बात और भाबुक से बढ़ के कुछ जो रब करता है, हम हमेश...
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