The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
भाग - 11 निशा का हाथ कुंडी पर ही रुक गया उसकी नजर दरव...
भाग 4: रूपा: एक रहस्यमयी पहेलीभार्गव के लिए रूपा एक ऐसी किताब थी जिसे वह बार-बार...
दोहा:१३अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप।अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप...
अनय :- अरे शमिका ये तुमसे झुट बोला है , ये मेरे कंपनी का मामुली सा एम्पलाई है ,...
सच, झूठ और फैसलासुबह का समय था।शिवाय बालकनी में खड़ा था। भोपाल की हल्की ठंडी हवा...
विमान धीरे-धीरे स्विट्जरलैंड के पहाड़ों और झीलों के ऊपर से गुजर रहा था। नीले आका...
Part 17: इश्क बनाम इज़्ज़तहॉल में खामोशी थी…मगर उस खामोशी के अंदर तूफान उठ चुका...
नई सुबहपटना से उठी "विश्वास विश्वविद्यालय" और "विश्वास दल" की रोशनी अब पूरी दुनि...
आर्यन ने अयान की आँखों में आँखें डालीं और चेहरे पर एक फीकी सी मुस्कान लाकर बोला”...
शहद की गुड़िया - प्रकरण -34 " मेरे प्यारे वाचकों, मित्रो...
क्या है जिंदगी? (1) मुश्किले आसान होती अगर तेरा नाम जिंदगी होता जिंदगी क्या हैै ? बस ये जानने की एक कोशिश है समझने की एक इच्छा है उस इच्छा को पूरा करना और जीवंत होकर जीना ही तो है...
न था इंतज़ार कीसुका फ़िर भी उम्र भर इंतज़ार में रहें
नमस्कार दोस्तों.... ! यू तो हर इंसान की जिंदगी में कुछ ना कुछ ख़ास पल होते हैं.... जो खुशियों या ग़म के होते हैं उन्ही कुछ ख़ास पलों के एहसासो को मैंने शायरी में पिरोया हैं... जो पेश...
जलवे .. जुल्फ है या कोई घना कोहरा .. घटाए शायद दे रही है पेहेरा .. आखोमे छुपे है “मंजर”कई.सारे मस्तीके दिखते है हसीन नजारे . चेहेरेकी “रौनकका क्या कहना .. मुश्कील है .देखकर खु...
संवेदनाओं के स्वरः एक दृष्टि (1) हे माँ वीणा वादिनी ..... हे माँ वीणा वादिनी, शत् शत् तुझे प्रणाम । हम तेरे सब भक्त हैं, जपते तेरा नाम ।। शांत सौम्य आभा लिए, मुख में है मुस्कान । ग...
कविताए
प्रतुत पुलिसिया व्यंगिकाएं मेरी पुस्तक हाँ नहीं तो से पुलिस विभाग पर व्यंग करती कुछ रचनाएँ हैं इन तमाम रचनाओं का आशय किसी विशेष राज्य या शहर की पुलिस पर आक्षेप करना नहीं, वरन प्...
जब भी कोई नई सोच आई तब लीख दिया अच्छा लगा मन की बात कह कर
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved.
Please enable javascript on your browser