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त्रिशा अपने ही अंदर गूंज रही और आपस में एक दूसरे से लड़ रही उन दोनों आवाजों को...
एपिसोड: 'अंधेरे का उदय और वजूद की जंग'सेफ-हाउस के बाहर पुलिस की गाड़ियों...
दुर्गा पूजा की रात थी पंडाल में सब देवी को पूज रहें थें। चारों तरफ सिंदूर था और...
: : प्रकरण -39 : : उस रात को पार्टी के बाद कहते ह...
बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खाम...
धीरे-धीरे Sneha की आँखों में नींद उतर आई।सुबह जब उसकी नींद खुली, तो उसने देखा कि...
काली गुस्से अपने दांत भिंचते हूए कहता है ---काली :- " आ....ह , थक गया हूँ मैं इन...
[ 12. और अधिक भूल और उनसे संबंधित पहलू ](बी1) नेहरू ने उपहार-स्वरूप दी काबो घाटी...
तीसरे वर्ष ऐसा हुआ कि मैंने जुलाई में ही बीए भाग एक का प्रवेश सम्पन्न कर 25 जला...
Car के अंदर, रात का समय, हल्की हल्की हवा चल रही है।Kabir ड्राइव कर रहा है। Karan...
आर्यन की जिंदगी हमेशा साधारण रही थी। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में एक छोटा सा अपार्टमेंट, एक मामूली नौकरी, और एक एकाकी जीवन। लेकिन उसके भीतर हमेशा एक खालीपन था, जिसे कोई भी चीज़...
शहर की गलियों में उस दिन बरसात कुछ ज़्यादा ही बेक़रार थी... जैसे बादलों के पास कहने को बहुत कुछ हो और वो किसी से छुप-छुप कर रो रहे हों। काव्या, एक छतरी के बिना, बूँदों से भीगती...
धरती पर लाखों साल बीतने के बाद छोटे से छोटे और बड़े से बड़े जानवर विशालकाय होने लगे। कुछ शांत स्वभाव के थे तो कुछ इतने खतरनाक कि उनकी झलक मात्र से लोगों की रूह कांप जाती थी। समय के...
शहर से दूर, पुराने गाँव के कोने में एक हवेली थी, जिसे लोग “काली हवेली” कहते थे। वहाँ कभी किसी ज़मींदार का परिवार रहता था, लेकिन दशकों से वह वीरान थी। टूटी खिड़कियाँ, दरकती दीवारें...
अजीब रात रात का सन्नाटा कुछ अलग ही था। शहर की गलियों में हल्की धुंध तैर रही थी। स्ट्रीट लाइट की टिमटिमाती पीली रोशनी इस धुंध को और रहस्यमयी बना रही थी। हवा ठंडी थी, लेकिन उस ठंड...
भूमिका: सफलता क्या है? हर इंसान जीवन में सफल होना चाहता है। लेकिन सफलता की परिभाषा हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। किसी के लिए सफलता का अर्थ आर्थिक समृद्धि है, तो किसी के लिए आंत...
देख बेटा कौन है ?छवि की मां ने आवाज लगाते हुए छवि को बुलाया पर छवि तो किसी गहरी सोच में डूबी हुई और होठों पर मुस्कुराहट आंखों में उदासी लिए हुए बैठी थी. ए लड़की भी ना कहती ह...
शहर की भाग-दौड़ से दूर, एक छोटी-सी कॉफ़ी शॉप थी – Moonlight Café। वहाँ शाम को हल्की-सी भीड़ रहती थी, मगर एक कोने की टेबल पर हमेशा एक ही चेहरा दिखता था – आरव।पढ़ाई में होशियार, मगर...
अहमदाबाद के थलतेज इलाके में स्थित एक शानदार कॉफी शॉप। 28 मार्च, 2015 की शाम का समय। अभिमन्यु सिंह अपनी बिजनेस मीटिंग खत्म करके बाहर निकल रहा था। 45 साल की उम्र में भी उसकी शख्सियत...
हवा में अजीब सी घुटन थी। आसमान में बादल थे, लेकिन बिजली नहीं चमक रही थी। सिर्फ एक बेचैनी थी — जो हर दिशा से वेद को घेर रही थी। उसका गांव छोटा था, शांत और पहाड़ियों से घिरा हुआ।...
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