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इंतेक़ाम By Mamta Meena

आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

महाभारत की कहानी - भाग- १ शिखंडी की कहानी और भीष्म की इच्छामृत्यु   प्रस्तावना संपूर्ण महाभारत पढ़ने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकांश लोगों ने महाभारत की कुछ कहानी पढ़ी, सु...

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नेहरू फाइल्स By Rachel Abraham

नेहरू की भूलों की सूची में ‘आजादी से पूर्व की भूलों’ के तहत अधिक भूलें दर्ज नहीं हैं, जबकि उनकी ‘आजादी के बाद की भूलों’ की सूची काफी लंबी है और ऐसा शायद इसलिए है; क्योंकि आजादी से...

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा By Varun

घर भरा हुआ था।

आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक।

शादी की तारीख़ पास थी, और हर कोना तैयारियों से भरा हुआ।

सौम्या गुनगुनाती हुई कमरे में आई।...

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अंश, कार्तिक, आर्यन By Renu Chaurasiya

पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था।

उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

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वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत By vikram kori

सुहानी को भीड़ पसंद नहीं थी, लेकिन अकेलापन उससे भी ज़्यादा डराता था।
‎शहर की यह शाम भी कुछ वैसी ही थी—आधी भागदौड़ में डूबी हुई, आधी थकी हुई।

‎वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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इंतेक़ाम By Mamta Meena

आसमान में काले बादल छाए हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे आज इंदर देव रूष्ट हो और अपना सारा कोप निकालना चाहते हो,बरसात आने की आशंका में सभी लोग अपना काम जल्दी-जल्दी समेट कर अपने घर पहुंचन...

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महाभारत की कहानी By Ashoke Ghosh

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नेहरू फाइल्स By Rachel Abraham

नेहरू की भूलों की सूची में ‘आजादी से पूर्व की भूलों’ के तहत अधिक भूलें दर्ज नहीं हैं, जबकि उनकी ‘आजादी के बाद की भूलों’ की सूची काफी लंबी है और ऐसा शायद इसलिए है; क्योंकि आजादी से...

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इस घर में प्यार मना है By Sonam Brijwasi

इस घर में प्यार मना है…
क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा।
या शायद…
क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है।

अध्याय 1— एक अनचाही शादी

“संस्कृति… तैयार...

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मेरे दूल्हे को मरना होगा By Varun

घर भरा हुआ था।

आँगन में रिश्तेदारों की आवाज़ें थीं—हँसी, गाने, बर्तनों की खनक।

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सौम्या गुनगुनाती हुई कमरे में आई।...

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अंश, कार्तिक, आर्यन By Renu Chaurasiya

पुलिस स्टेशन के सामने, धूप में झुलसता हुआ एक बूढ़ा आदमी घुटनों के बल पड़ा था।

उसकी आँखों के आंसू कब के सूख चुके थे, पर चेहरा अब भी रो रहा था।

उसकी कांपती उंगलियाँ जमीन पर ऐसे...

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
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एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

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‎वह कैफ़े के कोने वाली कुर्सी पर ब...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

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यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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