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    अभी तक आपने पढ़ा कि चित्रा के घर पहुँचकर रूपा दोनों लड़कियों की हूबहू समानता को...

  • तुम्हारी शादी है - 1

    Rajasthanजहां सबसे ज्यादा रेत पाई जाती हैं , वो गर्म इलाके में रेत के टीलों पर क...

  • अन्तर्निहित - 61

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  • अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 76

    अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 76— मेरी जैसी दिखने वाली लड़की“तो आखिर मेरी...

  • भाग्य

    कहानी - भाग्यसोहन एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर था। उसकी पत्नी सुधा, पढ़ी-...

  • धूरे इश्क की पूरी दास्तान - 22

    नीलिमा का दिमाग एकदम से सुन्न हो गया उसके हाथ कांप रहे थे।उसने सोचा बाहर हॉल में...

  • पिंकू की परी - 7

    'द डार्क सेक्टर' के उस लंबे, काले और डरावने गलियारे में पिंकू पांडे और प...

  • बेटी

    मैं एक बेटीलेखक: विजय शर्मा एरीमैं एक बेटी हूँ। बस इतना सा वाक्य है, लेकिन इसमें...

  • कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए! - 6

    (आसमान की छह-सात सौ फीट की बुलंदी पर सन्नाटे को चीरती हुई वह पर्पल कनवर्टिबल कार...

  • ध्रुव की तारा - भाग 16

    ध्रुव की ताराभाग - १६लेखिका "अनामिका"​ध्रुव के वापस आने की खुशी में दोनों परिवार...

कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए!. By sukhvinder Singh Rai

(नूरगढ़ की चौड़ी पक्की सड़क पर ढलती हुई धूप ने एक अजीब सी चमक बिखेर रखी थी। हवा में हल्की ठंडक और आसपास के खेतों से आती हुई सौंधी खुशबू घुली हुई थी। गाँव के बाहर से गुजरने वाले मुख...

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ध्रुव की तारा By Anamika

सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी।
​"अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...

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सृष्टि By Radha

वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति से जीने दे। ऐसे ही मेरी लाइफ में भी है जो मुझे शांति से जीने नहीं देते। ऐसा ही मेरा छोटा भ...

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एक अनजाना सा इश्क By trisha

लखनऊ, नवाबों का शहर। शाम के सात बज रहे थे। हजरतगंज की रौशनी, चौक की चाट की खुशबू और गोमती नगर की ठंडी हवा, सब कुछ रोज की तरह ही था। पर आयशा के लिए आज कुछ भी रोज जैसा नहीं था।

आय...

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Possessed by her ( An untold story ) By Sonam Brijwasi

शैलजा सिंह की एंट्री – नया कमरा, नई शुरुआत… या कुछ और?शाम का धुंधलका धीरे-धीरे शहर पर उतर रहा था। आसमान में हल्की बैंगनी छटा थी और हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी।शैलजा सिंह ऑटो स...

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BLAST By Muhib Khan

काहिरा के रेगिस्तानी इलाके में रात का गहरा सन्नाटा था। बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री के अंदर पीली बत्तियों की रोशनी में दर्जनों लोग अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन के पैकेट बड़े-बड़े कंटेनर...

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बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...

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अँधेरे वाला स्टेशन By Shahroz khan

रात के ठीक ग्यारह बज चुके थे। यूपी से बिहार जाने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का थर्ड एसी कोच लगभग पूरी तरह से शांत हो चुका था। ट्रेन के पहियों की पटरियों से टकराने वाली छुक-छुक की लयबद...

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अनकहा रिश्ता: दिल से दिल तक By mahendr Kachariya

कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन उसकी जिंदगी का सबसे खास मोड़ बनने वाला था। रोहन शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बी.टेक के पहले वर्ष में दाख...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? By Azoorey

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...

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