हिंदी Books and Novels are free to read and download

You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.


श्रेणी
Featured Books

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

Read Free

होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी By kalpita

“मैडम, क्या आप किसी का इंतज़ार कर रही हैं?”
सफेद ड्रेस पहने और हाथ में टैब लिए वेटर ने काम्या से विनम्रता से पूछा।
“हाँ… अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हूं.. वो बस आता ही होगा,...

Read Free

ऐसे बरसे सावन By Devaki Singh

स्वरा..... स्वरा....उठो स्वरा ....कब तक यूं ही सोती रहोगी ??

क्या माँ....सोने भी दो ना.... बिल्कुल भी नहीं.....
चलो जल्दी उठो

जाओ देखो तुम्हारी बरडी तुम्हारा कब से इंतजार कर...

Read Free

राज़ के सात फेरे. By jaisy singh

मुंबई...
सपनों की नगरी...
एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।
जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्वाब लेकर आती है।
इस शहर में हर आँख में एक सपना पलता है...

Read Free

હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

Read Free

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन By RACHNA ROY

इस तरह एक सदियां बीत गए।।

लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी।

और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...

Read Free

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

Read Free

बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...

Read Free

दिल ने देर से चुना. By priyanshi bhuva

तीन दोस्त, एक लड़की और अधूरा प्यार

स्कूल से शुरू हुई कहानी:

शहर के एक छोटे से लेकिन पुराने स्कूल में उस दिन सुबह बाकी दिनों जैसी ही थी। बच्चे अपनी-अपनी क्लास की तरफ भाग रहे थ...

Read Free

ख़ाकी बिंदिया By Shilpy Aggarwal

आज मृदुला कुछ अलग ही अंदाज़ में सजी हुई थी। गहरे हरे रंग की सिल्क की साड़ी, माथे पर लाल बिंदिया और जूड़े में लगे सफेद मोगरे के फूल—सब मिलकर उसके भीतर उमड़ते रोमांच को प्रकट कर रहे...

Read Free

अयान एक नफ़रत की आग या वजूद की तलाश By Irfan ayan Khan

चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...

Read Free

होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी By kalpita

“मैडम, क्या आप किसी का इंतज़ार कर रही हैं?”
सफेद ड्रेस पहने और हाथ में टैब लिए वेटर ने काम्या से विनम्रता से पूछा।
“हाँ… अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हूं.. वो बस आता ही होगा,...

Read Free

ऐसे बरसे सावन By Devaki Singh

स्वरा..... स्वरा....उठो स्वरा ....कब तक यूं ही सोती रहोगी ??

क्या माँ....सोने भी दो ना.... बिल्कुल भी नहीं.....
चलो जल्दी उठो

जाओ देखो तुम्हारी बरडी तुम्हारा कब से इंतजार कर...

Read Free

राज़ के सात फेरे. By jaisy singh

मुंबई...
सपनों की नगरी...
एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।
जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्वाब लेकर आती है।
इस शहर में हर आँख में एक सपना पलता है...

Read Free

હું રમતી હતી ઓટલે. By yogina patel

ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...

Read Free

सात फेरे हम तेरे - सेकेंड सीजन By RACHNA ROY

इस तरह एक सदियां बीत गए।।

लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी।

और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...

Read Free

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

Read Free

बांसुरी की धुन By prem chand hembram

भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे।
देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...

Read Free

दिल ने देर से चुना. By priyanshi bhuva

तीन दोस्त, एक लड़की और अधूरा प्यार

स्कूल से शुरू हुई कहानी:

शहर के एक छोटे से लेकिन पुराने स्कूल में उस दिन सुबह बाकी दिनों जैसी ही थी। बच्चे अपनी-अपनी क्लास की तरफ भाग रहे थ...

Read Free

ख़ाकी बिंदिया By Shilpy Aggarwal

आज मृदुला कुछ अलग ही अंदाज़ में सजी हुई थी। गहरे हरे रंग की सिल्क की साड़ी, माथे पर लाल बिंदिया और जूड़े में लगे सफेद मोगरे के फूल—सब मिलकर उसके भीतर उमड़ते रोमांच को प्रकट कर रहे...

Read Free