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Featured Books

त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

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रेल सेवा:कुछ यादें, कुछ किस्से By Kishanlal Sharma

अजीब दास्तान है, मेरी,

चाहता था, क्या बनना

और

किस्मत

किस मोड़ पर ले आयी,

उन दिनों, मै जोधपुर विश्व विद्यालय में बी एस सी में पढ़ रहा था।

यह बात है, वर्ष 1969 की...

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अधूरे इश्क की पूरी दास्तान By Nirali Ahir

खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। 56 साल का प्रीतम अपनी कुर्सी पर बैठा बैठा कुछ सोच रहा था ।बाहर से आता शोर मानो उसके कानो तक...

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वशीकारिणी By Pooja Singh

" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... "

जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...

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हमराज By Gajendra Kudmate

खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...

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Whisper in The Dark By priyanka jha

पुणे,महाराष्ट्र, इंडिया।।।।।।

सनशाइन कैफे,,

कैफे के अंदर बहुत सारे लोग मौजूद थे,,क्योंकि अभी दोपहर का वक्त हुआ था,,वहीं कैफे में कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे,,वहीं कुछ स्टूड...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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रॉ एजेंट By bhagwat singh naruka

इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...

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अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

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त्रिशा... By vrinda

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

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मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। By kajal jha

"रात 3:12 बजे की दस्तक"
— इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक
बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।

एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक
रात का सन्नाटा इतना गह...

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रेल सेवा:कुछ यादें, कुछ किस्से By Kishanlal Sharma

अजीब दास्तान है, मेरी,

चाहता था, क्या बनना

और

किस्मत

किस मोड़ पर ले आयी,

उन दिनों, मै जोधपुर विश्व विद्यालय में बी एस सी में पढ़ रहा था।

यह बात है, वर्ष 1969 की...

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अधूरे इश्क की पूरी दास्तान By Nirali Ahir

खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। 56 साल का प्रीतम अपनी कुर्सी पर बैठा बैठा कुछ सोच रहा था ।बाहर से आता शोर मानो उसके कानो तक...

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" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... "

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खिड़की खुली जरा, जरा परदा सरक गया बहोत ही खबसूरत सा गाना सोनू नीगम का गाया हुआ रेडिओ पर बज रहा था और तभी रोडपर हंगामा हो गया. कोई राह चलता हुआ युवक एक महिला से टकरा गया जो सब्जीमंड...

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पुणे,महाराष्ट्र, इंडिया।।।।।।

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

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इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द,
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अदृश्य पीया By Sonam Brijwasi

सुनीति ऑफिस से वापस आती है। उसके चेहरे पर थकान और उदासी साफ झलक रही है।
आज ऑफिस में बॉस ने उसे डाँट दिया था। पहली बार उसे अपने आप पर भरोसा टूटा हुआ लगा।
कमरे में आते ही वो ज़मीन पर...

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