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बड़ा सा फ्लैट…जहाँ पहले हँसी गूंजती थी, वहाँ अब एक अजीब-सी खामोशी थी। 7 साल का श...
"बस… एक और मदद कर दो…ऋतिक"काम्या की आवाज़ नरम थी—"आज का दिन… पूर्वी के पास रुक...
अयान ने जैसे ही कहा कि वो राज हरदम उसके साथ है, वीर सिंघानिया के चेहरे पर...
आगे के भाग में आपने पढ़ा कि दृष्टि के पति ने अपने माता-पिता को मनाने का दृष्टि क...
BLACK MONKEY — THE UNYIELDINGCHAPTER 2THE MAN WHO COULDN'T BREAKजब रुद्र को...
ट्रेन की सीटी ने रात की खामोशी को चीर दिया।गाड़ी एक हल्के झटके के साथ सरकी...
एपिसोड 2: व्हाट्सएप वाली चाची कविता में रोने पर ओर मोबाइल में आकर लाइव होने एसा ...
जिस घर में आरव पहले भी रह चुका थासुबह के ठीक पाँच बज रहे थे।घर के अंदर अजीब-सी...
रात के 11 बज चुके थे। दिल्ली के एक छोटे से किराए के फ्लैट में लैपटॉप की नीली रोश...
'भूलना' वरदान है या श्राप। एक सामान्य व्यक्ति दिन में कई बार इस समस्या क...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...
महत्वपूर्ण नोट (Disclaimer): यह कहानी पूरी तरह से एक काल्पनिक हॉरर स्टोरी (Fictional Horror Story) है। कहानी का मुख्य प्लॉट, घटनाएँ और भूतिया तत्व लेखक की कल्पना पर आधारित हैं। हाल...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...
एक रहस्य, एक अधूरी याद, एक प्रेम कहानी और एक ऐसा सच जो सब बदल देगा भाग 1 — एक तस्वीर का राज़ अनाया को किताबों से बहुत प्यार था। कॉलेज की लाइब्रेरी में उसकी पसंदीदा जगह आखिरी...
भाग १ — एक दिन, कई जिम्मेदारियाँ सुबह छह बजे अलार्म बजा। मिहिर ने आँखें खोलीं, लेकिन कुछ क्षणों तक बिस्तर पर ही पड़ा रहा। बगल में उसकी पत्नी निशा अभी सो रही थी। सामने की द...
शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी। खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था। आज कुछ अलग सा लग रहा था। दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...
अवेकनिंग फेलआसमान में ढलते सूरज की लालिमा धीरे-धीरे पूरे लोटस माउंटेन पर फैल रही थी।छोटी सी सिटी की सड़कों पर लोग अपने-अपने घरों की तरफ लौट रहे थे।पेड़ों के ऊपर बैठे पंछी भी शोर मच...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो की आवाज़, चाय की दुकानों पर भीड़ और लोगों के चेहरों पर काम पर पहुँचने की...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
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