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[31]सोनिया और राहुल ने मीरा घटना के सभी कागजों, फ़ाइलों, चित्रों, रिपोर्टों, चलचि...
धर्म की दुकान जो कहते हैं—“हम ही सत्य हैं,गुरु ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश हैं,गुरु...
---एपिसोड 69 — “कमज़ोरी पर पहला वार”झील के किनारे का सन्नाटा अभी भी बाकी था।अयान...
आदरणीय संपादक महोदय, यह 'शापित प्रेम की छाया' का अगला भाग है। इसमें अध्य...
महाभारत की कहानी - भाग-१८१ गांधारी का कुरुक्षेत्र दर्शन और कृष्ण को अभिशाप प्र...
भूल-110 अभिमानी, दंभी और घमंड से भरे हुए नेहरू खुद को एक महान् अकादमिक एवं बुद्ध...
आधी रात का डररात के 12 बजे। कमरा शांत। हल्की–सी हवा परदे हिला रही है।तीनों गहरी...
उस दिन के बाद से सिया कई दिनों तक ऑफिस नहीं आई। अर्शित रोज़ अपने केबिन में बैठकर...
आदित्य जान बूझकर जानवी को जलाने के लिए कहता है --आदित्य :- कंश मामा ..!तिरु :- य...
रूम नंबर 101(सस्पेंस थ्रिलर हिन्दी कहानी | लगभग 1500 शब्द)लेखक: विजय शर्मा एरीबर...
ब्लैक फॉर्मल ड्रेस में सजी हुई, आँखों पर ब्लॉक गॉगल्स लगाए, अर्शित रॉय—शहर का जाना माना, प्रसिद्ध और ताकतवर C.E.O—ऑफिस के दरवाज़े से बाहर निकला। उसके हर कदम में उच्चस्तरीय आत्मविश्...
इस कहानी में हर मोड़ पर मौत खड़ी है। हर कदम के साथ खतरा बढ़ता जाता है और ज़िंदगी व मौत के बीच की रेखा मिटती चली जाती है। यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, जिसका किसी भी वास्तविक व्...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...
इस घर में प्यार मना है… क्योंकि यहाँ प्यार ने कभी किसी को पूरा नहीं छोड़ा। या शायद… क्योंकि इस घर का मालिक प्यार से नफरत करता है। अध्याय 1— एक अनचाही शादी “संस्कृति… तैयार...
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी जीवित, जंतु, मानव संसाधन से कोई लेना देना नही है अगर ऐसा होता है तो ये मात्र एक सयोग होगा ,,, जय हिन्द, इस कहानी को लिखने का उद्देश्य क...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
आरव एक साधारण सा युवक था। सुबह काम पर जाना, शाम को बाइक से शहर की सड़कों पर घूमना और रात को अपने छोटे से कमरे में थक कर सो जाना — यही उसकी ज़िंदगी थी। उसे नहीं पता था कि उसकी यह सा...
1. प्रारंभिक स्वरूप परंपरागत मानसिकता में पूजा–पाठ धर्म का आरंभिक और सबसे प्रचलित रूप है। यह वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति बाह्य देवताओं या प्रतीकों की आराधना करता है, मंत्रोच्चार औ...
कबीर" टाईम 7:20 ,लोकेशन: कबीर का फ्लैट मुंबई... बाहर हो रही धीमी बारिश...और बैकग्राउंड में पंखे की आवाज... कबीर: चेयर पर बैठा हुआ लेपटॉप खुला है, लेकिन स्क्रीन पर वही C...
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