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The Last Hopeदो साल बाद...सर्दियों की एक शांत रात।कमरे की खिड़की से ठंडी हवा अंद...
रामनगर की एक पुरानी गली में, जहाँ सुबह की पहली किरण आते ही मोहल्ले की गलियों में...
हम अक्सर किसी व्यक्ति के बाहरी ठाट-बाट, महंगे कपड़ों, सोने के गहनों या उसकी मीठी...
अपना-घरजिंदगी की कहानी बस इतनी सी है, जो चीज हमारे पास नहीं होती, उसे पाने के लि...
️ लेखिका: Zeenat Taufeeqसुबह के आठ बजे थे। सूरज की हल्की सुनहरी किरणें शहर की ऊँ...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 27 : सत्यलेखक का पहला सत्यलाल किताब के भीतर से निकली...
उधर...जंगल से सैकड़ों किलोमीटर दूर...रात के लगभग दो बजे थे। घर में सन्नाटा पसरा...
बर्बाद इश्कएपिसोड 14 — जब माज़ी लौटामुंबई में कुछ रातें ऐसी होती हैं जब पुराने ज...
मैं बिना एक पल गँवाए बोला, "सर, मैंने अब तक जितना खोया है, उसके बाद डरना लगभग छो...
इस खबर ने कमरे में मौजूद हर शख्स को पत्थर बना दिया। पंडित शास्त्री केवल एक पुजार...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
भाग 1: देवपुर रियासत सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था। चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी. मेरा चेहरा देखकर मेरे माता पिता खुशी से पागल हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी...
पहला हा सही सुना अपने कुछ उसके बारे में एहसास से ज्यादा करने का मन हो रहा है सोचा कुछ लिखा ही जाए बस कुछ गुदगुदहात सी होती है न जब पहला प्यार , इजहार ,पहली मुलाकात , जै...
बहुत लंबे और थकान भरे दिन के बाद अगर जिंदगी में कहीं सुकून है तो वो है सिर्फ़ ये मसाला चाय! मैं अपने घर की बालकनी में एक खाट पर बैठी थी। पास में एक हुक्का रखा हुआ था जिसे मैं घूरे...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
बारिश की हल्की-हल्की बूंदें शहर को किसी फिल्म जैसा बना रही थीं।लेकिन उस खूबसूरत मौसम से बिल्कुल उलट थी अनन्या मिश्रा की हालत।"हे भगवान... आज ही लेट होना था!"वह एक हाथ में क...
संत कबीर जी के इस दोहे को अक्सर लोग गलत समझ लेते हैं। वे सोचते हैं कि कबीर जी हमें डरा रहे हैं या जीवन से निराश कर रहे हैं कि “जब अंत में मिट्टी ही होना है, तो मेहनत क्यों करें?” ल...
"चलो " राहुल ने कहा... "बैठो, अगर तुम आयी हो, तो मेमसाहब अजली ऐसा करो " चुप हो गया राहुल।जॉन को एक टक देख कर बोलता हुआ बोला, "अजली ------"फिर चुप हो गया।...
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