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त्रिपुरोपनिषद---त्रिपुरोपनिषद् का उपलब्ध पाठ १६ मुख्य मन्त्रों में है। यह ऋग्वेद...
एक सच्ची घटना पर आधारित कहानी..."यह कहानी समाज के उस कड़वे सच को दर्शाती है, जो...
रोशनी एक छोटे शहर की साधारण लड़की थी, जिसके सपने उसकी ज़िंदगी के दायरे से कहीं ब...
उस गुप्त कमरे के भीतर सन्नाटा पसरा हुआ था। बाहर कॉरिडोर में किसी के कदमों की आहट...
---*26 सितंबर*एक गुजराती लड़की, रितु पटेल। SR अकाउंटेंट, सीधी, समझदार, पर दिल से...
THE RETURN OF SITA - CHAPTER 1बहुत समय पहले त्रेतायुग में एक ऋषि ने माता सीता के...
सुबह के पांच बजकर तीस मिनट हुए थे।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था।सड़क पर इक्का-दु...
Scene — अनकही पहचानबस स्टैंड पर भीड़ बढ़ रही थी…लोग इधर-उधर जा रहे थे, लेकिन Nig...
भाग 15 — आस्था का चमत्कारजानकी के मुँह से निकले शब्दों ने जैसे पूरे कमरे की हवा...
अब उसकी उठने की हिम्मत नही थी---आंखे भर आयीं----बार बार दिल समर के बारे में सोच...
शहनाई की गूंज, गेंदे के फूलों की मादक महक और हवन कुंड से उठते पवित्र धुएं ने उस पुरानी हवेली के विशाल प्रांगण को एक जादुई आभामंडल से भर दिया था।हवेली की वह पुरानी छत, जिसकी पारंपरि...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...
शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी। खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था। आज कुछ अलग सा लग रहा था। दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...
बहुत पुराने ज़माने की बात है। एक छोटा-सा गाँव था। उसी गाँव में एक बूढ़ी औरत रहती थी। उसका पति कब का मर-खप चुका था। घर में बस वही बूढ़ी औरत और उसका एक इकलौता बेटा बचा था। अब बेटा...
पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रातउस रात मोनू सिर्फ अपनी माँ की आवाज़ सुनना चाहता था।उसे नहीं पता था कि उस एक आवाज़ की तलाश उसे ऐसी चीज़ के सामने खड़ा कर देगी, जो शाय...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...
28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने अपने परिवार वालों की तरफ एक हल्की मुस्कुराहट के साथ देखा... जैसे मानो वह उनसे कुछ कहना चाहती हो, पर...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो की आवाज़, चाय की दुकानों पर भीड़ और लोगों के चेहरों पर काम पर पहुँचने की...
इस तरह एक सदियां बीत गए।। लेकिन नैना वनवास खत्म नहीं हुआ था शायद वो अब जिंदगी को एक नया मोड़ पर समझना चाहती थी। और फिर नैना को अब सब कुछ अच्छा लगने लगा था क्या चल रहा था नैन...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
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