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Chapter 5: मिशन बैक-गेटकैंटीन से बाहर निकलते ही तीनों की चाल ऐसी थी मानो कॉलेज क...
हितेश अपनी बाइक चालू करता है और राजू को पीछे बिठाकर उसके गाँव की तरफ निकल पड़ता...
Scene 1 — Aashi, Ariyan & जलन का पहला धुआँ Aashi जैसे ही नीचे आई, उसी पल Ariya...
चाँदनी रात का वादाएक सुंदर से गाँव में राज नाम का एक मेहनती लड़का रहता था। वह बह...
ध्रुव की ताराभाग - २३लेखिका "अनामिका"रात भर तारा की आँखों में नींद की एक बूँद त...
आर्यमन के पिता ने गहरी सांस ली। उन्हें भी लगने लगा था कि शायद शादी ही एक रास्ता...
रात के 10:00 , शेखावत हवेली को खूबसूरती से सजाया गया था। वह इस वक्त किसी सोने के...
आरव की जिंदगी में पिछले कुछ हफ्तों में बहुत कुछ बदल चुका था।नई नौकरी, नई जिम्मेद...
कहानी-संग्रह ‘नई शुरुआत’ प्रकाशक लोकमत प्रकाशन, दिल्ली राज बोहरे एक स्थापित कहा...
एपिसोड 51— रुद्रा का चेहरा“नहीं... अर्जुन। मैं उसे नहीं जानती।”आयत की आवाज कांप...
आधी रात का रिस्क... एक खिड़की का दीदार और छूटा हुआ जूता! शिव, दिनेश और शैलेंद्र का मास्टरप्लान: कुत्तों से ध्यान भटकाना, तीन की शेड पर पत्थर मारना और बिना आवाज बाइक खींच ले जाना। प...
"किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लपटों से किसी ज़िंदा इंसान को निकाल लाना..." एक ऐसे ही अनकहे सच की तलाश में था राजू। उसे खुद मालूम नहीं था...
शाम का वक्त था।बस स्टैंड लगभग खाली था — बस एक 16 साल की लड़की वहाँ खड़ी थी।उसका नाम था आशी कपूर 4'11 की नाजुक सी हाइट, दूध जैसा गोरा रंग, कमर तक आते काले घने बाल,नीली बड़ी-बड़...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी। "अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
एक शहर की लड़की गांव घूमने आती है। उसे क्या पता था कि इस गांव से वापस जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। क्या वो लड़की इस जबरदस्ती के रिश्ते को कभी अपनाएगी? या इस कैद से भाग जाएगी? और ज...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
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