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भाग १० — डूबते सूरज को अर्घ्यसुबह की पहली किरण अभी गाँव की गलियों तक पहुँची भी न...
छत से लटकता साया और माधव का राजकबीर के हाथ में पकड़े मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशन...
आज मैं जहाँ हूँ… और आगे की उम्मीद हर सफर की एक शुरुआत होती है।कुछ रास्ते आ...
Part 1 — पहली मुलाकातशहर में उस दिन सुबह से ही बारिश हो रही थी।आसमान बादलों से ढ...
पंद्रह साल पहले बिछड़े राघव और अवनी की कहानी, जिसे वक्त और परिस्थितियां कभी खत्म...
अध्याय-२८रमेशभाईने जैसे ही बात की, सभी बड़ों ने कहा, "वाह! यह तो आपने बहुत सुंदर...
पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर वर्मा अपनी मेज पर बैठे राहुल के फोन की लोकेशन ट्रैस...
रूद्र {विशा की तस्वीर को देखते हुए } आपके बगैर सब कुछ अधूरा सा लगता है काश आप हम...
माँ: "चलो बेटा, हमारे साथ चलो। अब यहाँ रुकने का मतलब सिर्फ अपनी और बेइज़्ज़ती करवा...
श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा भाग 13 — कंस का वधजय श्रीकृष्ण पिछले भाग में आपने जान...
उस समय की बात है, जब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। गांवों में गरीबी और बेरोजगारी का ऐसा आलम था कि पेट की आग बुझाने के लिए लोग अपनी मिट्टी छोड़कर सैकड़ों मील दूर परदेस जाने को मज...
दिल्ली की तेज, बर्फीली बारिश किसी को भी भिगो सकती थी, लेकिन आकाश के लिए यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि उसकी बेबसी के थपेड़े थे।सड़क किनारे एक टूटी हुई टीन की छत के नीचे खड़े आकाश ने क...
मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहता। पिछले महीने तक मेरे पास सब था। एक अच्छी नौकरी, एक शादी जिसे मैंने...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...
बहुत पुरानी बात नहीं है, यह उस दौर की कहानी है जब लोग आँखों से दिलों का हाल पढ़ लिया करते थे। शहर के बीचों-बीच बसा पुराना कॉलेज, जिसकी दीवारों पर इतिहास की परतें जमी थीं और गलियारो...
करीब चार सौ - पांच सौ साल पहले ................... शिवनगर में हुए खौफनाक हादसे के आखिरी दिन एक विचित्र घटना घटी। हुआ यूँ कि आखिरी दिन बाबा बटेश्वर की नज़र गेरुआ धोती में लिपटी...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो की आवाज़, चाय की दुकानों पर भीड़ और लोगों के चेहरों पर काम पर पहुँचने की...
नोट - इस लेख में बॉलीवुड फिल्मों में पुरानी डांसर पर चर्चा की गयी है जो आज गुमनाम हैं …. बॉलीवुड के नृत्य आज दुनिया भर में मशहूर है . बॉलीवुड नृत्य अब ऑस्कर अकादमी अवार्ड से...
28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने अपने परिवार वालों की तरफ एक हल्की मुस्कुराहट के साथ देखा... जैसे मानो वह उनसे कुछ कहना चाहती हो, पर...
कोलकाता: गुनाह का काला जश्न कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था, और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...
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