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सुबह के पाँच बजे थे।चंदनगढ़ की सुबह बाकी जगहों जैसी नहीं थी। न अज़ान की आवाज़, न...
आख़िरी चिट्ठी का रहस्यबारिश की हल्की बूंदें गाँव की कच्ची गलियों को भिगो रही थीं...
जयगुरु क्या दीक्षा आवश्यक है? — शास्त्र, संत और मानवता की दृष्टि से एक विचारभारत...
ठंडी हवा चल रही थी…कोरिया की सड़कों पर हल्की रोशनी थी…और सुनामी और कृतिक साथ-साथ...
अक्षय गहरी नींद में सोया हुआ था. लेकिन उसकी नींद के अंधेरे में किसी की आवाज लगात...
चलो दूर कहीं.. 25सुबह के लगभग 7 बज रहे थे। दिल्ली के सूनी सड़कों पर इक्का-दुक्का...
“वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाणे रे।पर दुःखे उपकार करे तोये मन अभिमान न...
उसे देखकर कहीं खोया हुआ राजस वापस आना चाह रहा था, लेकिन क्या यह सहज संभव था? तो...
संध्या की बात सुनकर अभिमन्यु की आँखें फटी की फटी रह गईं।संध्या: "अभिमन्यु, ईशान...
[ ] chapter:--3-- scene 1.................................(प्रतिज्ञा हवे मैं हाथ...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
चाय की एक मशहूर दुकान के सामने, शहर की व्यस्त सड़क पर गाड़ियों का शोर अपने चरम पर था। वहाँ खड़ी एक सफेद सेडान कार के बोनट से पीठ टिकाए कबीर खड़ा था। उसकी सादी सूती शर्ट की आस्तीनें कोह...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह भी नहीं बची थी गर्मी बढ़ जाने की वजह से तेज धूप हो जाती थी और दोपहर के वक्त गायों को छांव में इकठ्ठा...
"समाज का सुधार केवल विचार से ही संभव है, क्रांति नहीं, विचार क्रांति चाहिए।" प्रस्तावना भारत एक महान देश है, लेकिन एक बहुत बड़ी समस्या से जूझ रहा है - जाति-प्रथा। हजारों...
अंधेरी रात, दिल्ली के आसमान पर काले बादल उमड़े हुए। लाल बिजली चमकती है। धरती पर एक अजनबी उतरा है। जिसका चेहरा इंसानों जैसा है, मगर रगों में खून नहीं आग बहती है। करण धीरे-धीरे एक...
कानपुर जहां गंगा की हल्की हवा के संग आधुनिक शहर की हलचल मिलती है। यहां के कॉलेजों की गलियों में युवा उम्मीदों की खुशबू बस्ती है। और भीड़ भाड़ वाले बाजारों में जीवन की रंगीन कहानि...
रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...
अनंत के उस पार पति की रहस्यमयी मृत्यु के बाद मीरा नीलगढ़ लौटती है, लेकिन वहाँ उसे बदलती तस्वीरें, रहस्यमयी डायरी और ऐसे संकेत मिलते हैं जो उसकी पूरी पहचान पर सवाल खड़े कर देते हैं...
15 अक्टूबर 2003 को दिल्ली की अस्पताल में मेरा जन्म हुआ था. उस वक़्त वक़्त तेज बारिश हो रही थी. मेरा चेहरा देखकर मेरे माता पिता खुशी से पागल हो गये थे. मैं काफ़ी शरारती थी...
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