The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
“कुछ चाहिए क्या?&r...
अद्विक अधीर को बाथरूम में लाकर शावर के नीचे खड़ा कर देता है।अधीर बड़ी-बड़ी आंखों...
जीवन इसी का नाम है रामनाथ सिंह भिलाई स्टील प्लांट की...
अगली सुबह Aashi की शुरुआत अपनी डायरी से हुई। रात को लिखी गई पंक्तियाँ पढ़कर उसके...
आत्मग...
भाग 7 — सपनों से बिखराव तककॉलेज में प्रवेश लेने के बाद विभा के जीवन में धीरे-धीर...
दो दोस्त है चुन्नू और मुन्नू। चुन्नू जो है वो एकदम मजाकिया वाले जो होता है ना उस...
अगला दृश्य...वेरेला विला का गार्डन। युई हाथ में फलों की प्लेट लिए धीरे-धीरे बगीच...
प्रथम अध्याय: अनकहे अल्फाज़ और रात का सन्नाटारात के ढाई बज रहे थे। कमरे की खिड़क...
दस्तक देती ख़ुशियां जो मीरास महल के दरवाज़े पर तयार खड़ी, फूलों के बीच से अपने स...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...
0.0 — रामायण और रामायण की व्याख्या में अंतररामायण केवल राम और रावण के बीच हुए युद्ध की कथा नहीं है। इसे धर्म, अधर्म, कर्तव्य, अहंकार, मोह, बुद्धि और नियति के प्रश्नों के रूप में भी...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...
मेरा नाम अनाया है। मेरी मौत मेरे बाईसवें जन्मदिन पर हुई थी। एक सड़क हादसे में। उस दिन मैं कॉलेज से घर लौट रही थी। माँ ने मेरे लिए खीर बनाई थी। मुझे आज भी याद है, मेरी माँ सुनीता मु...
"किसी अनकहे सच का पता लगाना ठीक उतना ही मुश्किल है, जितना आग की लपटों से किसी ज़िंदा इंसान को निकाल लाना..." एक ऐसे ही अनकहे सच की तलाश में था राजू। उसे खुद मालूम नहीं था...
ઓટલો ગામની એ સવાર આજે પણ મારી આંખો સામે એવી જ ઊભી થાય છે સૂરજ હજી પૂરો ઉગ્યો ન હતો આકાશમાં હળવો લાલ રંગ પથરાયો હતો ઘરના આંગણામાં પડેલી ઠંડી માટી પર મારા નાના પગલા પડતા અને હું દોડત...
बनारस,1952, गंगा के किनारे वाली पुरानी हवेली जैसी लाइब्रेरी। छत तक ऊँची अलमारियाँ, लकड़ी की खुशबू, और पंखे की धीमी चिर-चिर। रवि वहीं लाइब्रेरी में हिसाब-किताब और किताबें संभालता...
पीपल का चबूतरा, हुक्के की गुड़गुड़ और वहम की रातउस रात मोनू सिर्फ अपनी माँ की आवाज़ सुनना चाहता था।उसे नहीं पता था कि उस एक आवाज़ की तलाश उसे ऐसी चीज़ के सामने खड़ा कर देगी, जो शाय...
कलयुगी महा-उत्पाद और अधर्म की भयानक ज्वालाएँ भड़कने से ठीक १०० वर्ष पूर्व, जब काल-चक्र ने एक पावन युग की रचना का निर्णय लिया, तब पृथ्वी पर परम-पवित्र भूमि सिंभाला की स्थापना हुई। स...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser