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Mr. & Ms. FakeEpisode 44 – The Name Behind the Mysteryकमरे की दीवार पर लिखा था—R...
रात के करीब साढे दस बज रहे थे.शहर की सडकें धीरे- धीरे खाली हो रही थीं.ऑफिस की ऊँ...
एपिसोड 67— कबीर कौन है? कमरे में अचानक ऐसी खामोशी छा गई, जैसे पूरी...
सुबह Aashi कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी उसके फोन पर Vihaan का मैसेज आय...
भाग 6 — एकांत से नए अनुभवों तकविभा अब अपने विचारों को शब्दों में ढालने लगी थी। ल...
Chapter 5: मिशन बैक-गेटकैंटीन से बाहर निकलते ही तीनों की चाल ऐसी थी मानो कॉलेज क...
हितेश अपनी बाइक चालू करता है और राजू को पीछे बिठाकर उसके गाँव की तरफ निकल पड़ता...
Scene 1 — Aashi, Ariyan & जलन का पहला धुआँ Aashi जैसे ही नीचे आई, उसी पल Ariya...
चाँदनी रात का वादाएक सुंदर से गाँव में राज नाम का एक मेहनती लड़का रहता था। वह बह...
ध्रुव की ताराभाग - २३लेखिका "अनामिका"रात भर तारा की आँखों में नींद की एक बूँद त...
एक शहर की लड़की गांव घूमने आती है। उसे क्या पता था कि इस गांव से वापस जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। क्या वो लड़की इस जबरदस्ती के रिश्ते को कभी अपनाएगी? या इस कैद से भाग जाएगी? और ज...
प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जंगलों के कटने सेपरेशान है, तब हमारे देश के...
शाम का वक्त था।बस स्टैंड लगभग खाली था — बस एक 16 साल की लड़की वहाँ खड़ी थी।उसका नाम था आशी कपूर 4'11 की नाजुक सी हाइट, दूध जैसा गोरा रंग, कमर तक आते काले घने बाल,नीली बड़ी-बड़...
जीठा का नौजवानएक सच्ची घटना से प्रेरित काल्पनिक उपन्यासरात के साढ़े ग्यारह बजे थे।लाहौर की सड़कों पर धीरे-धीरे सन्नाटा उतर रहा था। दिनभर शोर से भरे रहने वाले बाज़ारों की दुकानें बं...
सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी। "अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...
रामनाथ सिंह भिलाई स्टील प्लांट की सेवा से रिटायरमेंट ले चुके थे, रिटायरमेंट के बाद उन्हें बी.एस.पी से अच्छी खासी धन राशि मिली है .अपनी तीनों बेटियों की शादी उन्होंने अपने सेवाकाल म...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
शाम के सात बजे थे। अक्टूबर की ठंडी हवा चल रही थी और आसमान एकदम साफ था। चाँद तारों के संग अठखेलियाँ कर रहा था।छत पर पड़ी चारपाई पर लेटी पीहू तारों को निहार रही थी। उसे तारों में अलग...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि अपनी ही साँसों की आवाज किसी अनजान खतरे की आहट लग रही थी. आसमान को काले बादलों ने निगल लिया था और...
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