जीवन मनुष्य की बहुमूल्य निधि है, पता नहीं कितने भिन्न भिन्न प्रकारों के जन्मों के बाद मनुष्य जीवन प्राप्त होता है। अपने आपको भाग्यशाली, मानकर ही जीवन को सही माप-दंडो के अनुरुप चलाने में साहित्य की अपनी विशिष्ठ भूमिका होती है। पेशे से वकील होते हुए भी बचपन से साहित्य के प्रति सदा अनुराग रहा है। कुछ सालों से लेखन के प्रति झुकाव बढ़ गया है। कोई जरुरी नहीं बड़े-लेखकों की श्रेणी में आऊ, पर अच्छा लिखूं, सुधार को सदा मान्यता दूँ। कोशिश भर ही समझे, मेरे लेखन को, और मेरा मार्ग-दर्शन करे। शुभकामनाओं के साथ,

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