कैप्टन धरणीधर पारीक (सेवानिवृत्त)आर्मी पिता- श्री राधेश्यामपारीक जन्म स्थान - मूण्डरू सीकर निवास स्थान- जयपुर राजस्थान,मेरी शिक्षा - संस्कृत साहित्य से व हिंदी साहित्य से शास्त्री शिक्षाशास्त्री, समाज सेवक - गायत्री परिवार के माध्यम से । कवि लेखक, मेरी पुस्तकें- सपनों के शुभ-अशुभ फल, सूपनखा, होलिका दहन, अप्सरा, महिला पुरूषों में टकराव क्यों ?, डोगी का प्रेम, ऐसा क्यों ? , जादुई मन, और आने वाली पुस्तकें - गायत्री व्रत कथा, मृत्यु के बाद का सच,