हिंदी सामाजिक कहानियां कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

संतुलन - भाग ४
द्वारा Ratna Pandey

राधा का इस तरह शादी से इंकार करने पर विनय ने उसे समझाते हुए कहा, “राधा तुम्हें मैंने बचपन से हर काम में, हर चीज में संतुलन करना सिखाया ...

शेष जीवन (कहानियां पार्ट 3)
द्वारा किशनलाल शर्मा

2--बदला"साहब है/""नही।गाज़ियाबाद गए है।रात तक लौट आएंगे।कोई काम है?"रचना ने राम दीन से पूछा था।"नही।काम तो कुछ भी नही है।साहब के नाम एक लिफाफा आया था।साहब छुट्टी पर है।मैने ...

अय्याश--भाग(१४)
द्वारा Saroj Verma

सत्या फौरन ही श्रीधर के गले लग गया ,दोनों इतने दिनों बाद एकदूसरे से गले मिले तो दोनों की ही आँखें नम हो गई,फिर श्रीधर ने सत्या से पूछा.... ...

संतुलन - भाग ३   
द्वारा Ratna Pandey

राधा के मेडिकल में एडमिशन की ख़बर सुनते ही पूरे परिवार में ख़ुशी की फुहार बरस रही थी। विनय की माँ भी ख़ुशी के इस मौके पर परिवार के ...

अय्याश--भाग(१३)
द्वारा Saroj Verma

वैजयन्ती ने जब ये सुना कि उसका बेटा तवायफ़ो के पास जाने लगा है तो उसे स्वयं से बहुत शर्मिन्दगी हुई,उसे अपनी परवरिश पर अब संदेह हो रहा था,वो ...

शेष जीवन (कहानियां पार्ट 2)
द्वारा किशनलाल शर्मा

रमेश कुछ देर तक इला को देखता रहा।जब वह कुछ नही बोली तब वह फिर बोला,"मैं तुम्हे प्रपोज करना चाहता हूँ"।"क्या शादी और मुझसे?"रमेश की बात सुनकर इला चोंक्की ...

अय्याश--भाग(१२)
द्वारा Saroj Verma

उस औरत के पति के सवाल पूछने पर सत्यकाम कुछ अचम्भित सा हुआ फिर बोला.... जी! मैं दीनानाथ जी का ही भान्जा हूँ ।। मैं शुभेंदु चटोपाध्याय और ये ...

संतुलन - भाग २  
द्वारा Ratna Pandey

मीरा और विनय के स्वयं के लिए भले ही बड़े सपने ना हों लेकिन अपनी बेटी राधा के लिए वे बड़े-बड़े सपने देखते थे और उन सपनों को सच ...

अय्याश--भाग(११)
द्वारा Saroj Verma

जब विन्ध्यवासिनी ने कोई जवाब ना दिया तो सत्यकाम ने फिर से पूछा.... पानी पिओगी बिन्दू! लाऊँ तुम्हारे लिए गिलास भरकर।। नहीं! अभी मुझे प्यास नहीं है सत्या! विन्ध्यवासिनी ...

संतुलन - भाग १
द्वारा Ratna Pandey

मीरा और विनय के विवाह को लगभग पाँच वर्ष बीत गए थे। पूजा पाठ पर अत्यंत ही भरोसा करने वाले दोनों पति-पत्नी ने मंदिर-मंदिर जाकर भगवान से विनती की ...

अय्याश--भाग(१०)
द्वारा Saroj Verma

विन्ध्यवासिनी अपने पति और सास की दशा देख देख कर परेशान हो रही थी और बराबर रोएं जा रही थी,उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था कि इतनी रात ...

समानांतर किनारे
द्वारा Rama Sharma Manavi

"नदी के किनारे उद्गम से सागर में समापन तक लगभग समानांतर रहते हैं, जब वक्री होकर अति विस्तृत होते हैं तो सरितप्रवाह अत्यधिक मद्धम हो जाता है और अति ...

अय्याश--भाग(९)
द्वारा Saroj Verma

जब वीरेन्द्र ने मलखान से बोल-चाल बंद कर दी तो मलखान इस अपमान से तिलमिला गया और वो मन ही मन विन्ध्यवासिनी से बदला लेने की सोचने लगा,उसने सोचा ...

स्वीकृति - 13
द्वारा GAYATRI THAKUR

पार्ट 13 कल जमके हुई भारी बरसात के बाद आज सुबह से ही मौसम काफी साफ था. रमन देर तक बिस्तर पर सोया रहा, आंख खुलते ही वह बिस्तर ...

अय्याश--भाग(८)
द्वारा Saroj Verma

उस तवायफ़ को नाश्ता देकर सत्या फौरन डिब्बे से बाहर चला आया और बाहर आकर एक पेड़ के नीचें बैठ गया फिर कुछ सोचते हुए उसकी आँखों से दो ...

अय्याश--भाग(७)
द्वारा Saroj Verma

सत्यकाम इस बात से बिल्कुल बेखबर था कि सेठ जी को मधुमाल्ती और उसके रिश्ते से परेशानी है,अपनी बड़ी बहन की तरह ही मधुमाल्ती से उसका रिश्ता था,लेकिन सेठ ...

हमें अलग घर बनाना होगा  
द्वारा Ratna Pandey

सविता ने अपनी बहू शालिनी के आते ही स्वयं को घर के कामकाज से एकदम दूर कर लिया। शालिनी के जीवन की पतंग की डोरी उन्होंने अपने हाथ में ...

अय्याश--भाग(६)
द्वारा Saroj Verma

सेठ हजारीलाल ने फिर अपने परिवार से सत्यकाम का परिचय करवाया,सेठ हजारीलाल के घर में उनकी दूसरी पत्नी मधुमाल्ती तथा उनका बेटा परमसुख था जो कि अभी केवल दस ...

अय्याश--भाग(५)
द्वारा Saroj Verma

सभी लठैत दीनानाथ त्रिवेदी की बात मानकर रामभक्त को गाँव से निकालने के लिए जुट पड़े,उन्होंने रामभक्त को बदनाम करने का तरीका निकाला और एक रोज सुबह के वक्त ...

बदलते सपने 
द्वारा Ratna Pandey

अजय एक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत था। उसकी पत्नी वैशाली घर पर ही सिलाई-बुनाई करके घर के ख़र्च में हाथ बटाती थी। कम आमदनी होने के ...

अय्याश--भाग(४)
द्वारा Saroj Verma

दूसरे दिन विन्ध्वासिनी की विदाई थी और सत्यकाम अपने घर में उदास बैठा था,उसके मन का हाल केवल गंगाधर और श्रीधर ही समझ सकते थे,तब सत्यकाम की माँ वैजयन्ती ...

यही है जिंदगी
द्वारा Rama Sharma Manavi

इस बार मायके से लौटने के पश्चात वो ऊर्जा,वह खुशी महसूस नहीं हो रही थी, जो अबतक होती आई थी।चार दिन लौटे हुए हो गए थे, बैग से सामान ...

दायरों के पार - अंतिम भाग
द्वारा नादान लेखिका

"देखा मम्मी, अपने लाडले को। मैं कहती थी ना....आप को विश्वास ही नही हो रहा था मुझपर। एक पति के जीवन मे कोई दूसरी महिला है या नही ये ...

अय्याश--भाग(३)
द्वारा Saroj Verma

दीनानाथ जी फौरन इलाहाबाद आएं और लड़कों के कमरें पहुँचे,गंगाधर ने उन्हें फौरन गिलास में घड़े से पानी भरकर दिया लेकिन दीनानाथ जी ने पानी से भरा गिलास फेंक ...

सूना आँगन- भाग 13 - अंतिम भाग
द्वारा Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा सभी के मनाने और समझाने के बाद वैजयंती विवाह के लिए मान गई। उसके बाद अशोक ने सौरभ को बुलाकर विवाह की बात कही। सौरभ ...

अय्याश--भाग(२)
द्वारा Saroj Verma

पंडित भरतभूषण चतुर्वेदी की बेगुनाही साबित हो चुकी थी और उनके गाँव से चले जाने पर सभी गाँव वालों को पश्चाताप हो रहा था,लेकिन अब कोई फायदा नहीं था,चतुर्वेदी ...

छल - Story of love and betrayal - अंतिम भाग
द्वारा Sarvesh Saxena

तीनों ने हैरानी और दर्द में चिल्लाते हुए मुड़कर देखा तो सामने भैरव खड़ा था, भैरव दौड़कर प्रेरित के पास जाने लगा तो नितेश उसे पकड़ कर बोला, " ...

काढ़ागोला : एक यात्रा - भाग - 2
द्वारा rajeshdaniel

काढ़ागोला : एक यात्रा - भाग - 2 काढ़ागोला की आत्मा : कू कूक कू की आवाज़ के साथ ही हम सिंघेश्वर साह जी की दुकान से उठकर स्टेशन ...

अय्याश--भाग(१)
द्वारा Saroj Verma

अय्याश! ये ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने समाज में अच्छे कार्यों के बदले केवल बदनामी ही पाई,दिल से अच्छे और सच्चे इन्सान की ऐसी दशा कर दी समाज ...

सूना आँगन- भाग 12
द्वारा Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा ऊषा ने अपने पति अशोक से वैजयंती के विवाह के बारे में बात तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी। फिर ऊषा ने वैजयंती को बुलाकर ...

छल - Story of love and betrayal - 36
द्वारा Sarvesh Saxena

कुशल ने कराहते हुए कहा - " मैंने उस आदमी को रंगे हाथों घर से पकड़वा दिया और उसे सात साल की जेल हो गई, उसका नाम भैरव था ...

मेरा फौजी (भाग-1)
द्वारा Jyoti Prajapati

"अरे शीतल, वो दीपा बोल रही थी मानसी के लिए रिश्ता आया और लड़का फौज में है..!! बात हो गयी क्या पक्की..??" दीपा की मां और श्रीमती शीतल दक्ष ...