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THE RETURN OF SITA - CHAPTER 1बहुत समय पहले त्रेतायुग में एक ऋषि ने माता सीता के...
सुबह के पांच बजकर तीस मिनट हुए थे।शहर अभी पूरी तरह जागा नहीं था।सड़क पर इक्का-दु...
Scene — अनकही पहचानबस स्टैंड पर भीड़ बढ़ रही थी…लोग इधर-उधर जा रहे थे, लेकिन Nig...
भाग 15 — आस्था का चमत्कारजानकी के मुँह से निकले शब्दों ने जैसे पूरे कमरे की हवा...
अब उसकी उठने की हिम्मत नही थी---आंखे भर आयीं----बार बार दिल समर के बारे में सोच...
[62]नदी का जल पीकर दोनों ने भूख को शांत करने का प्रयास किया। “शैल, अब हमें आगे क...
वर्षा के चेहरे पर एक अजीब सी चमक थी, लेकिन उसकी आँखों में वही जलन और कड़वाहट भी...
अध्याय 4मीरा हल्का-सा मुस्कुराई। दिया चुप थी।मीरा: जी, अंकल। जरूर। वैसे आप यहाँ...
ॐAgyat Agyaniअज्ञात अज्ञानीIndependent Researcher & PhilosopherVedanta 2.0 | Co...
श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा️ भाग 18 — महाभारत का युद्ध और श्रीकृष्ण की रणनीतिजय श...
एक नई शुरुआत सुबह के करीब छह बजे थे। छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...
गंगा के किनारे बसा वह छोटा-सा गाँव सूर्योदय के साथ ही जाग जाता था। सुबह के पाँच बजे थे। आसमान अभी अँधेरा था, लेकिन पूरब की दिशा में हल्की लालिमा दिखाई देने लगी थी। दूर मंदिर...
आठ वर्ष पूर्व :- दूसरे दिन प्रात: ब्राह्म मुहूर्त से ही सेलेना की योग साधना प्रारंभ होनेवाली थी। सेलेना को रात्री भर निद्रा नहीं आई। कारण यह नहीं था कि पहाड़ पर सभी सुख सुविधा का...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...
भाग 1 — कंस की भविष्यवाणी और श्रीकृष्ण के जन्म की शुरुआत जय श्रीकृष्ण मथुरा नगरी में उस समय चारों ओर खुशियाँ थीं। राजा उग्रसेन की पुत्री देवकी का विवाह यदुवंशी वीर वसुदेव के साथ...
भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी भी वैसी ही थी, जैसे आज़ादी की किरण पहाड़ों के उस पार कहीं रुक गई हो। पेट की आग, कर्ज क...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली। लेकिन अब— यहाँ सिर्फ सन्नाटा था। ऐसा सन्नाटा, जो कानों...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
सूर्य कैसा है ! सूर्य क्या है ! सूर्य हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है . वैगेनिकों के अनुसार इसका जन्म या इसकी उत्पत्ति लगभग 460 करोड़ वर्ष पूर्व हुई थी . यह एक घूमता हु...
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