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    अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 64 : अर्णव का सचलाल आसमान के नीचे वह जंगल अचानक हजारो...

DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? By Azoorey

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...

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ध्रुव की तारा By Anamika

सूरज की गुनगुनी धूप में सामान से भरी पिकअप वैन नई सोसाइटी के गेट पर आकर रुकी। आज से सात साल की तारा की दुनिया बदलने वाली थी।
​"अरे विजय! वक्त पर पहुँच गया यार," तारा के पा...

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प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता By RAAHULL SHARMA

कोलकाता: गुनाह का काला जश्न

कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था,

और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...

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तुम हो तो सब कुछ है By Ankit Khatri

एक नई शुरुआत

सुबह के करीब छह बजे थे।

छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं हुई थी। कहीं किसी घर के आंगन में झाड़ू लग रही थी, तो कहीं चाय की पहली खुशबू हवा...

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Her Silent Secret By Sonam Brijwasi

विराट का आलीशान घर – सुबह

रसोईघर में

संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली -
अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...

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नामुमकिन इश्क By kajal jha

यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...

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वेद्रान - एक इश्क़, एक श्राप By Sandhu Sandhu

फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला।

ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी से नाच रहा था। मौका था करोड़पति कपड़ा व्यापारी बिशम्बर मल्होत्रा की 23 वर्षीय...

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श्रीकृष्ण की पूरी जीवन-कथा By Banwari Lal

भाग 1 — कंस की भविष्यवाणी और श्रीकृष्ण के जन्म की शुरुआत
जय श्रीकृष्ण
मथुरा नगरी में उस समय चारों ओर खुशियाँ थीं। राजा उग्रसेन की पुत्री देवकी का विवाह यदुवंशी वीर वसुदेव के साथ...

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कुड़ी मुंडा पट्टण नू फिरदी ए!. By sukhvinder Singh Rai

(नूरगढ़ की चौड़ी पक्की सड़क पर ढलती हुई धूप ने एक अजीब सी चमक बिखेर रखी थी। हवा में हल्की ठंडक और आसपास के खेतों से आती हुई सौंधी खुशबू घुली हुई थी। गाँव के बाहर से गुजरने वाले मुख...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 By Sonam Brijwasi

रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी।
उम्र लगभग चालीस...

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