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किडनी का तोह्फ़ा ...
यह दुनिया बहुत बड़ी है और सबके खयालात भी अलग होते हैं, इसलिए मैंने आज कुछ अलग सो...
“राधा… ज़रा धीरे चल बेटी…”माँ हाँफती हुई पीछे से बोली।“तेरे कदमों में अभी जवानी...
सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के...
शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ानविशेष एपिसोड: “रक्तपंख बनाम नरकवीर”[दृश्य 1 – महा...
मेरा नाम आरव मल्होत्रा है, और मैं झूठ बोलने में माहिर हूँ। लेकिन जो कहानी मैं आप...
बारिश की बूंदें खिड़की पर टकरा रही थीं, जैसे कोई पुरानी यादें दरवाजे पर दस्तक दे...
1.स्याही का दामन।"मेरे लफ्जो ने स्याही का दामन थाम लिया है। अब लिखूँगी मैं अपनी...
दुर्गा पूजा की रात थी पंडाल में सब देवी को पूज रहें थें। चारों तरफ सिंदूर था और...
बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खाम...
रुद्रपुर की पहाड़ियों पर आज रात आसमां से पानी नहीं, बल्कि साक्षात कहर बरस रहा था। बादलों के गरजने की गूँज ऐसी थी मानो पहाड़ अपना सीना पीट रहे हों। मूसलाधार बारिश ने नीचे की घाटियों क...
रात के ठीक 11:57 बजे थे। मुंबई शहर बारिश में डूबा हुआ था। अनिकेत अपनी कार पार्क करके अपार्टमेंट की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही उसने मुख्य दरवाज़ा खोला, उसकी नज़र ज़मीन पर पड़े एक सफ...
धड़ाम! जैसे ही वह बैंक के अंदर भागा, एक भारी आग बुझाने वाला सिलेंडर (Fire Extinguisher) कबीर के सिर पर आ लगा, जिससे वह वहीं बेहोश हो गया। दुनिया में जैसे अंधेरा छा गया और उसकी आँ...
एक अनकहा पन्ना..."सदियों से इतिहास ने हीर-रांझा को सिर्फ तड़पते और बिछड़ते देखा है... लेकिन क्या होता अगर हीर लाचार होने के बजाय निडर होती? आइए देखते हैं आज के दौर के हीर-रांझा...
एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था। चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… उस सन्नाटे को चीर रही थी। घर के एक कोने में एक ग्यारह साल की बच्ची...
धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । दोनो बाप बेटा शहर मे लड़कियों की smuggling और ड्रग्स का धंधा करता है , पर रुद्रा और एंथोनी जो अ...
"प्यार, दोस्ती और अंतहीन सस्पेंस से बुनी एक ऐसी दास्तान, जहाँ हर कदम पर एक नया राज़ छिपा है। तीन दोस्त—अमन, कबीर और ज़ोया, जिनकी ज़िंदगी एक आलीशान कॉटेज में हमेशा के लिए बदल जा...
कॉलेज की छुट्टियां होते ही हम पांच दोस्तों—मैं, रोहित, नितिन, स्नेहा और अंजलि ने कुछ ऐसा करने का सोचा जो हमारी बोरिंग जिंदगी में रोमांच भर दे। हम सब हॉरर फिल्मों और भूतिया कहानियों...
शुरुआत दिल्ली के बाहरी इलाके में बनी नई हाईराइज़ सोसायटी ब्लैकवुड रेजीडेंसी दिन में जितनी चमकती थी, रात में उतनी ही डरावनी लगती थी। ऊँची इमारतें, लंबे सुनसान कॉरिडोर, सीसीटीवी कैम...
रसोई में चाय की भाप उठ रही थी। सुबह का समय था। राधा चुपचाप खाना बना रही थी। उसके बालों में अब सफेदी की हल्की लकीरें आ चुकी थीं। चेहरे की चमक पहले जैसी नहीं रही थी। उम्र लगभग चालीस...
खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो अग्नि की लालिमा से रंग उठा था। बेला की सुगंध हवा में घुलकर वातावरण को मधुर बना रही थी।...
छोटे शहर का लड़का और वो पहली मुलाकात लखनऊ से करीब दो घंटे की दूरी पर बसा एक छोटा, शांत और हरा-भरा कस्बा—'मलिहाबाद'। जहाँ सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट और मिट्टी की सोंधी...
वर्ष 4999 की बाद है, जब मानवता ने अपनी मानवता खो चुका था और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की ताकत की नशे में चूर इंसानों ने खुद को भगवान से कमतर नही आक रहे थे और तभी इंसानों की हाथ लगा एक रहस्...
कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, बड़े-बड़े झुमके, माथे पे बिंदी, खुले बाल जो कमर तक थे, हाथों में चूड़ियाँ ! वो खुद को देख ही रही थी ज...
सोने का पिंजरा हवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह एक कने से दौड़ना शुरू करे, तो साँस फल जाएगी दूसरे कोने तक पहुँचने से पहले। सेठ धरमचंद की इकलौती...
रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...
मैं, सतोशी नाकामोतो, और एक लकड़ी का फलसफ़ा चारों तरफ घना अँधेरा। मैं एक अजीब सी जगह पर था। मैंने अपने हाथों को देखने की कोशिश की, पर वहाँ कुछ था ही नहीं, सिर्फ घुप्प अँधेरा। "...
राणा जैसे ही कमरे में प्रविष्ट हुआ तो चौंक उठा राज के सिर पर पट्टी बंधी हुई थी।उसके पास बैठते हुए राणा बोला, क्या रात में दीवार के साथ सिर टकराया था ?हां।अगर यह सच है तो तुम्हें पा...
क्या आपके अपने माता-पिता को कुछ अपशब्द कहने के बाद पछतावा हुआ ?हम अक्सर कई बार अपने माता-पिता को कहते हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है।उन्हें कुछ आता नहीं है।आप नहीं समझ पाओगे।आपगे जम...
कोलकाता: गुनाह का काला जश्न कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था, और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...
(बैकग्राउंड में हल्की बारिश की आवाज़, धीरे-धीरे एक उदास पियानो म्यूजिक शुरू होता है) नरेटर (गहरी और शांत आवाज़): "इंसान की ज़िंदगी में कुछ लम्हे ऐसे आते हैं, जहाँ वो हार मान लेता...
सुबह 7:30 बजे J. K. Commerce College कॉलेज बोहोत हरा भरा था। कम से कम दस बिसेस कालेज के सामने खड़े थे। सभी बच्चे अपनी दोस्तों के साथ मस्ती करते बस चढ़ रहे...
यह कहानी एक काल्पनिक सुपरहीरो से प्रेरित है, लेकिन इसके किरदार और जज़्बात पूरी तरह से मौलिक हैं।" लेखक _समीर खान क़िस्त 1: शिकागो की ठंडी धूप शिकागो की शाम और ऊपर से गिर...
यह एक पूर्णतः काल्पनिक (Fictional) कहानी है। इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान (जहाँ विशेष रूप से वास्तविक स्थान का केवल पृष्ठभूमि के रूप में उल्लेख न हो), संवाद और प्रसंग लेखक...
"Hii..." अंश के फोन की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चमक उठा। सुबह की हल्की-सी रोशनी कमरे में फैली हुई थी। अंश ने आँखें मलते हुए फोन उठाया और मैसेज पढ़ते ही उसके होंठों पर अनचाही...
बाल्यकाल एवं यौवन सांगा की हत्या के उपरांत मेवाड़ में सत्ता पाने के लिए गृहयुद्ध छिड़ गया। उस काल का संक्षिप्त विवरण इसलिए आवश्यक हो जाता है, क्योंकि इस गृहयुद्ध का प्रताप के जीवन...
मेरे ख्वाबो मे जो आए,,,, आ के मुझे छेड़ जाए,,,,, उससे कहो मेरे.... सामने तो आए,,, मेरे ख्वाबो मे जो आए ,,,,ऐ,,,,ऐ,,,, तभी माँ ने अंदर से आवाज लगाई,...
दुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून नहीं बहता, उनके लिए कोई पट्टी नहीं बंधती और न ही डॉक्टर की रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख मिलता है। फिर भी वे इंसान को...
रात का गहरा अंधेरा चारों तरफ फैला हुआ था। सड़क लगभग सुनसान थी। दूर-दूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था। एक काली कार तेज़ रफ्तार से सड़क पर दौड़ी चली जा रही थी। उसकी हेडलाइट...
कानपुर की कड़कड़ाती ठंड में जब सूरज की पहली किरण गंगा के घाटों को छूती है, तब शहर के बीचों-बीच खड़ी 'गोयंका हवेली' अपनी भव्यता के साथ जागती है। यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्क...
"जिस दिन इंसान नहीं, किस्मत रोई थी..." रात के ठीक बारह बजे... आसमान जैसे अपना सारा दर्द धरती पर उँडेल रहा था। बिजली की हर कड़क के साथ पूरा शहर काँप उठता, और उसी बारिश में श...
सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर। लॉकर रूम और कॉरिडोर बच्चों की भीड़ से भरा हुआ है। तभी एक तरफ से लारा और सोफिया अपने सादे कपड़ों में, किताबों का ढेर थ...
क्या होगा जब दुनिया को एक महामारी से बचाने निकला एक डॉक्टर परिवार, एक ऐसे प्रतिबंधित जंगल में कदम रखेगा जहाँ साठ सालों से किसी इंसान का जाना मना है? 'ब्लैक ज़ोन: द लॉस्ट वर्...
सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ लगी हैं बगल में एक छोटी मेज पर फोन रखा है। बातुल और नायकम बात कर रहे हैं। वे कमाण्डर तथा उनके साथियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।) बातुल- समय तो हो...
झूठ बोल कर निकली, ये कहानी शुरू होती है एक झूठ से, प्रतिज्ञा ने अपने घर पर सबको बोला था, कि वो कॉलेज ट्रिप पर जा रही है, लेकिन सच ये था कि, ये कोई आम कॉलेज ट्रिप नहीं थी, ये एक कपल...
बात उन दिनों की है जब मेरी नई नई शादी हुई थी। मेरे पिता जी अपनी ड्यूटी के चक्कर में पड़े हुए थे, अतः उनका हमारे परिवार की ओर ध्यान लगभग कम ही था अतः हमारा सयुंक्त परिबार दादीअम्मा...
"कुछ मुलाकातें ज़िंदगी बदल देती हैं... और मेरी ज़िंदगी की वह मुलाकात एक शादी के समारोह में हुई थी।" मैं उससे पहली बार एक शादी के समारोह में मिली थी। वह लड़के वालों की तरफ़...
कलावती हॉस्पिटल के लेबर रूम में प्रसव पीड़ा को चुपचाप सहन कर रही थी रेशमा… ना कोई चीख, ना चित्कार… बस चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी। पीला पड़ा चेहरा और सफेद होती आँखें किसी और ही...
** कुछ अधूरी कहानियाँ कभी पीछा नहीं छोड़तीं। ## **अध्याय 1: पुराना ठिकाना और नई शुरुआत** अमित ने भारी सूटकेस को जमीन पर रखा और गहरी सांस ली। कमरा छोटा था, लेकिन उसकी खिड़की स...
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम के बोझ, पैसों की चिंता, रिश्तों की उलझनों और हर समय फोन-इंटरनेट के इस्तेमाल के कारण लगभग हर व्यक्ति तनाव, चिंता और मानसिक दबाव से जूझ रहा है जिससे...
शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक संकरी गली के कोने में बना वह छोटा सा कैफे, 'द ओल्ड ओक', आज कुछ ज्यादा ही खामोश लग रहा था। शायद उस खामोशी की वजह दोपहर का वक्त था, या शायद कुदरत ख...
राजस्थान का ठाकुरगढ़ गांव। रेत, गर्मी, और ठाकुरों का राज। यहां कानून किताबों में नहीं, बंदूकों में लिखा जाता था। *Scene 1: कर्ज और कयामत ~ 400 शब्द* आराध्या शर्मा। 22 साल।...
सुनसान सड़क पर एक काली एसयूवी स्थिर गति से आगे बढ़ रही थी। कार की रफ्तार लगभग चालीस किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। इंजन की धीमी घरघराहट और टायरों की सड़क पर रगड़ खाने की आवाज़ के अल...
विराट का आलीशान घर – सुबह रसोईघर में संपूर्णा (चाय बनाते हुए, मुस्कान के साथ) बोली - अच्छा, आज विराट जी को जल्दी जाना है, तो चाय गर्म और नाश्ता तैयार। विवान, अपना खिलौना इध...
दिल्ली से छः सौ किलोमिटर दूर हिमाचल प्रदेश की गोद बसा एक टाउन अवासा इस समय शांत था। अवासा एक छोटा टाउन था लेकिन जितना छोटा था उतना ही समृद्ध भी था। पहाडियो की गोद मे बसा ये शहर कि...
चाय की एक मशहूर दुकान के सामने, शहर की व्यस्त सड़क पर गाड़ियों का शोर अपने चरम पर था। वहाँ खड़ी एक सफेद सेडान कार के बोनट से पीठ टिकाए कबीर खड़ा था। उसकी सादी सूती शर्ट की आस्तीनें कोह...
अध्याय 1: अनाथ आश्रम की रहस्यमयी लड़की भाग 1 शहर की चकाचौंध से दूर, पुराने पहाड़ों के बीच एक छोटा सा अनाथ आश्रम था — "नई उम्मीद आश्रम"। यह आश्रम बाहर से साधारण दिख...
भूमिका कुछ कहानियाँ पढ़ने के लिए नहीं होतीं, उन्हें महसूस करने के लिए लिखा जाता है। यह कहानी एक ऐसी लड़की की है, जिसे दुनिया ने कई नाम दिए—कमज़ोर, साधारण, बेबस। लेकिन किसी ने...
Part 1: श्रापित गांव ~ साल था 1826। जगह थी - *राजस्थान का गांव "धू-धू"*। पिछले 100 साल से यहां बारिश नहीं हुई। कुएं सूखे। खेत बंजर। लोग भूखे। बूढ़े कहते थे: "य...
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