Sangini book and story is written by Bharti 007 in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Sangini is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. संगिनी Bharti 007 द्वारा हिंदी लघुकथा 289 438 Downloads 1.3k Views Writen by Bharti 007 Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “संगिनी”आस्था के कमरे में आज अजीब-सी हलचल थी। दीवार पर टंगी घड़ी की टिक-टिक उसे बार-बार याद दिला रही थी कि शाम होने वाली है। माँ ने हल्के गुलाबी रंग की साड़ी निकालकर बिस्तर पर रख दी थी और खुद आईने के सामने खड़ी होकर उसके बाल सलीके से गूँथ रही थीं।“इतनी चुप क्यों है?” माँ ने आईने में उसकी आँखों से झाँकते हुए पूछा।आस्था ने हल्की-सी मुस्कान ओढ़ ली। “बस… ऐसे ही।”असल में ‘ऐसे ही’ कुछ नहीं था। आस्था एक बड़े मीडिया घराने में काम करती थी। कैमरे, हेडलाइंस और डेडलाइंस के बीच रहने वाली आस्था खुद की जिंदगी More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी