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    ध्रुव की ताराभाग - २३लेखिका "अनामिका"​रात भर तारा की आँखों में नींद की एक बूँद त...

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    आरव की जिंदगी में पिछले कुछ हफ्तों में बहुत कुछ बदल चुका था।नई नौकरी, नई जिम्मेद...

  • नई शुरूआत

    कहानी-संग्रह ‘नई शुरुआत’ प्रकाशक  लोकमत प्रकाशन, दिल्ली राज बोहरे एक स्थापित कहा...

  • नामुमकिन इश्क - एपिसोड 51

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  • Mitalika - Ek Adhuri Prem Kahani - Part 26

    बाबा ने गंभीर स्वर में कहा— “हाँ। वही शादी जो सदियों पहले अधूरी रह गई थी।” उन्हो...

संभाला में हुआ रुद्र रूद्राणी का जन्म By Rudra Rudrani

कलयुगी महा-उत्पाद और अधर्म की भयानक ज्वालाएँ भड़कने से ठीक १०० वर्ष पूर्व, जब काल-चक्र ने एक पावन युग की रचना का निर्णय लिया, तब पृथ्वी पर परम-पवित्र भूमि सिंभाला की स्थापना हुई। स...

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वेद्रान - एक इश्क़, एक श्राप By Sandhu Sandhu

फूलों से सजा और जगमगाती रोशनी में नहाया मल्होत्रा विला।

ढोल-बाजे की आवाज़ के शोर के बीच हर कोई खुशी से नाच रहा था। मौका था करोड़पति कपड़ा व्यापारी बिशम्बर मल्होत्रा की 23 वर्षीय...

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प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता By RAAHULL SHARMA

कोलकाता: गुनाह का काला जश्न

कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था,

और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...

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DASTAN-E-KARB - भ्रम से परे क्या है? By Azoorey

"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...

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हुक्म और हसरत By Diksha mis kahani

हुक्म था — बचाओ, हसरत थी — छीन लो... और मोहब्बत कभी इजाज़त नहीं मांगती।"
"प्यारे Parahearts परिवार, अध्याय 7 में मुझसे अनजाने में प्रातिलिपि पर रेटिंग लिख दी गई, जबकि मेरा...

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Mr. Ms. Fake By kajal jha

शादी से बचने का आख़िरी रास्ता

सुबह के आठ बजे।

दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो की आवाज़, चाय की दुकानों पर भीड़ और लोगों के चेहरों पर काम पर पहुँचने की...

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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई By Khwaab

कहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।
न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।
बस एक दिन कोई अनजान इंसान हमारी दुनिया में आता है और धीरे-धीरे हमारी कहानी का ऐसा हिस्सा...

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एकतरफा प्यार है ये. By Ankit Khatri

एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...

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आईने में बदलता जीवन By Chandni

आज जब मैं खुद को आईने में देखती हूँ, तो कुछ अलग-सा महसूस होता है। आईने में चेहरा तो वही दिखाई देता है, लेकिन लगता है जैसे जीवन में न जाने कितने बदलाव आ गए हैं।

एक समय था, जब लोग...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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