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सुबह के आठ बजकर सत्रह मिनट हो चुके थे।कमरे की खिड़की से आती हल्की धूप धीरे-धीरे...
️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 33 — भरोसे के पीछे पिछले कुछ दिनों में सिया के काम...
बिल्कुल ️ मैं लगभग 609 शब्दों की एक नई प्रेम कहानी लिख रहा हूँ।अअधूरी मुलाकात का...
" किरदार तो दुनिया देखती है, लेकिन किरदार के पीछे छिपा इंसान बहुत कम लोग समझ पात...
(रात का समय।कमरे में हल्की नीली रोशनी फैली हुई है। खिड़की से आती हवा सीया के बाल...
भाग 3: सच्चा ज्ञान और असली धनसोनू के पिता की बात सुनकर चौपाल पर गहरा सन्नाटा छा...
शैलजा हल्की नींद से उठती है। कमरे में हल्की धूप फैल रही है।कुछ देर पहले की मधुर...
अदिति किचन में जल्दी-जल्दी हाथ चला रही थी। दीवार घड़ी में एक बज रहा था। डेढ़ बजे...
समय अपनी गति से लगातार आगे बढ़ रहा था। कलियुग की छाया धीरे-धीरे संसार पर गहराती...
..."यार, बहुत काम कर लिया... अब थोड़ा आराम का वक़्त है।" RD उसे तिरछी निगाहों से द...
शैलजा सिंह की एंट्री – नया कमरा, नई शुरुआत… या कुछ और?शाम का धुंधलका धीरे-धीरे शहर पर उतर रहा था। आसमान में हल्की बैंगनी छटा थी और हवा में अजीब सी ठंडक घुली हुई थी।शैलजा सिंह ऑटो स...
कॉलेज के पहले दिन की वह सुबह हर साल की तरह आम थी, लेकिन रोहन के लिए यह दिन उसकी जिंदगी का सबसे खास मोड़ बनने वाला था। रोहन शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बी.टेक के पहले वर्ष में दाख...
शादी से बचने का आख़िरी रास्ता सुबह के आठ बजे। दिल्ली की सड़कें रोज़ की तरह भाग रही थीं। हॉर्न, मेट्रो की आवाज़, चाय की दुकानों पर भीड़ और लोगों के चेहरों पर काम पर पहुँचने की...
एक अनजान मुलाकातशहर की भीड़ हमेशा की तरह अपने काम में व्यस्त थी।सड़कों पर गाड़ियों का शोर था। लोग जल्दी-जल्दी अपने ऑफिस जा रहे थे। कोई फोन पर बात कर रहा था, तो कोई अपने काम के लिए...
काहिरा के रेगिस्तानी इलाके में रात का गहरा सन्नाटा था। बंद पड़ी सीमेंट फैक्ट्री के अंदर पीली बत्तियों की रोशनी में दर्जनों लोग अत्याधुनिक हथियार और हेरोइन के पैकेट बड़े-बड़े कंटेनर...
मेरा नाम अनन्या है। 27 साल की उम्र में मैंने जिंदगी का सबसे कड़वा सच देखा। जब सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहता। पिछले महीने तक मेरे पास सब था। एक अच्छी नौकरी, एक शादी जिसे मैंने...
नवंबर की हल्की ठंड... और मीठी-सी धूप में... आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी। तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई... ? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...
अधूरी किताब – सीजन 2 एपिसोड 1 : रहस्यमयी किताब वाराणसी की रात हमेशा से रहस्यमयी मानी जाती थी। दिन में जितनी चहल-पहल रहती, रात होते ही शहर की पुरानी गलियाँ किसी अनकहे रहस्य में डू...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या वो छलावा थी, क्या सबकुछ सिर्फ एक भ्रम था? क्या हक़िक़ि ज़िंदगी अब शुरू हुई है...
28 साल की मीशा अपने काम से जाने की घर वालों से विदा लेकर अपनी कार में बैठी। उसने अपने परिवार वालों की तरफ एक हल्की मुस्कुराहट के साथ देखा... जैसे मानो वह उनसे कुछ कहना चाहती हो, पर...
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