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    अध्याय - 8अमृता को अचानक चक्कर आ गए और इससे पहले कि वह गिरती, राजेश ने उसे अपनी...

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  • अधूरी मोहब्बत: दो दुनिया - भाग 15

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  • रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 10

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  • PLATFORM - 4

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कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक By miss k

आज में बात करने वाली हुं एक लड़की के बारे में है थोड़ी सी नटखट , चुलबुली जिसे देख मन बस उसी के पास चला इतनी भोली शक्ल की कोई उससे नफ़रत न कर सके ।
हां, बहुत छोटी सी ही है सिर्फ ४...

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कालू की पहाड़ी By RAAHULL SHARMA

अभिशप्त रूह का तांडवदुनिया के नक्शे पर कुछ जगहें ऐसी होती हैं जिन्हें कुदरत ने शायद स्वर्ग का द्वार बनाने के लिए रचा था, लेकिन इंसानी फरेब और खून ने उन्हें नर्क का रास्ता बना दिया।...

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मंजिले By Neeraj Sharma

बात उन दिनों की है, एक मकान बना कर रहना, एक मिसाल और योग्यता थी। मकान अगर मंजिले हो, तो कया बात, बहुत अमीर समझे जाने वाला शक्श....." हाहाहा, "हसता हुँ, आपने पर.... ये दोगल...

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मनोज - एक ज़िद्दी लड़के की कहानी By Diljaan singh

डिस्क्रिप्शन
मनोज एक छोटे शहर का लड़का है। उसके घर में पैसों की बहुत तंगी है। उसके पिता की किराने की दुकान है पर उस पर बहुत कर्ज चढ़ गया है। मनोज सरकारी कॉलेज में पढ़ता है। वो दिख...

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1926 की अमावस की वो खौफनाक रात By RAAHULL SHARMA

भाग 1: देवपुर रियासत

सन 1926, भारत भूमि पर फिरंगियों का क्रूर शासन अपने चरम पर था।

चारों ओर गुलामी की ज़ंजीरें जकड़ी हुई थीं, लेकिन उसी दौर में राजपूताने और जंगलों के बीच ब...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। By vaishnavi Shukla

मां कमरे में बड़बड़ाते हुए दाखिल होती है ....ये लड़की पता नही कब सुधरेगी ...!!

वंदना: 8 बज गए है । सूर्य देवता सर पर है ,पर राजकुमारी अभी तक सोई हुई है ( वो खिड़की का परदा हटाते...

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पवित्र बहु By archana

रात गहरा चुकी थी। चाँदनी खिड़की से भीतर गिर रही थी, लेकिन कमरे के माहौल में एक अनकही बेचैनी थी।

चित्रा की नींद गहरी थी, चेहरे पर मासूमियत… पर दिव्यम पूरी रात सो नहीं पाया।

वह...

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परेतनी की शादी By Sapna Badh

गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह भी नहीं बची थी गर्मी बढ़ जाने की वजह से तेज धूप हो जाती थी और दोपहर के वक्त गायों को छांव में इकठ्ठा...

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प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता By RAAHULL SHARMA

कोलकाता: गुनाह का काला जश्न

कोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवेट अंडरग्राउंड' नाइट क्लब के बाहर महंगी गाड़ियों का काफिला लगा था,

और अंदर—शहर की चकाचौंध अ...

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Muhabbat Ek Sabaq By Afariya Faruqui

“शिफ़ा शिफ़ा....”,अनस सहन में खड़ा उसको आवाज़ कम दे रहा था और चि़ल्ला ज़्यादा रहा था।“क्या मुसीबत है, कभी तो चैन से खाना खाने दिया करो। हर वक़्त सर पर नाज़िल रहते हो”वह बड़बड़ाती ह...

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