नाटक कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 18 By Priya Chaudhary

(दूर जलते हुए हॉस्पिटल के मलबे से आती हुई लपटों की कड़कड़ाहट। आर्यन की कार के टायर का गीली सड़क पर घिसटना। आयशा की भारी, सिसकती हुई सांसें और रात के सन्नाटे को चीरता हुआ सायरन।)कार...

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MTNL की घंटी - 22 By kalpita

जिंदगी के कुछ पल ऐसे होते है जो सिर्फ कुछ एहसास देते है.. उन्हे महसूस किया जा सकता है महक भी कुछ देर इन पलो मे रहना चाह्ती थी पर वक़्त इजाजत नही दे रहा था।-------महक जैसे ही हाल में...

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मंदिर में तुम - 1 By Sonam Brijwasi

सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक...

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Shakti ke Shiv - 1 By sheetal

रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 32 By Sonam Brijwasi

Shreya अब भी Karan से थोड़ा-सा सिहर कर दूर बैठी थी।Karan ने उसे देखा…उसकी आँखों में वही डर था—जो वो कभी नहीं देखना चाहता था।ये डर उसे कहीं भीतर तक तोड़ देता है।KARAN (मन में, टूटता...

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अनकहा जुनूँ - 7 By Priya Chaudhary

(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजू...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10 By Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी में अब भी लाल साड़ी का वो फटा हुआ टुकड़ा था…और तभी उसने उसे देखा।एक सफेद अनारकली व...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 2 By RAAHULL SHARMA

फिर वह पागलों की तरह कमला की ओर मुड़ा। उसने अपनी माँ का पल्लू खींचते हुए कहा, "माँ, मुझे भूख लगी है... आपने कहा था शहर से लौटकर रोटी खिलाओगी। माँ, चुप क्यों हो? कुछ बोलो ना माँ!" जब...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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मौत से भागती दुल्हन - 12 By Sonam Brijwasi

मैदान में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी…धूल, चीखें और गोलियों की गूंज के बीच लड़ाई अपने चरम पर थी।━━━━━━━━━━━━━━━और तभी—धाँय!!!एक तेज़ गोली की आवाज़ आई। पूरा माहौल एक सेकंड के लिए...

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माफिया कि दुल्हनिया - भाग 3 By Mamta Sahani

अपने कमरे में खिड़की के पास खड़ी थी।बाहर हल्की बारिश हो रही थी… लेकिन उसके अंदर जैसे तूफान चल रहा था।“रिश्ता…”उसके कानों में बस यही शब्द गूंज रहा था।पापा नीचे बैठकर बड़े उत्साह से...

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धर्म की परिभाषा वेदांत 2.0 By Vedanta Life Agyat Agyani

वेदांत 2.0 – प्रस्तावना (Preface)मैं देह से मनीष कुमार हूँ, पर इस ग्रंथ में "अज्ञात अज्ञानी" के नाम से लिख रहा हूँ। यह नाम केवल छद्म नहीं, एक घोषणा है: यहाँ जो शब्द, सूत्र और विचार...

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Honted Jobplace - 11 By Sonam Brijwasi

ऑफिस — सीनियर्स के केबिन के अंदर। तीनों सीनियर्स ज़मीन पर बेहोश पड़े हैं। बाकी कर्मचारी दरवाज़े के बाहर खड़े डरे हुए देख रहे हैं। कृषांत धीरे से श्राव्या के कंधे पकड़कर उसे झकझोरता...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 12 By vaishnavi Shukla

अध्याय: 12दृश्य: सनाया का घर,आशुतोष तेज कदमों से सीढ़ियां चढ़ते हुए सनाया के कमरे के सामने पहुंचता है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था ।आशुतोष:(कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर) सना...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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फुटपाथिया - 2 By Dr. Suryapal Singh

अंक दो (थाने के अन्दर का मैदान। एक मेज़ और दो कुर्सियाँ रखी हैं। वापट खुश होकर चहलकदमी करता है। मेज़ पर फाइल रखी है।)बापट- मिल गया चोर। दूसरे किसी को क्यों नहीं मिला? बापट सभी कैसे ह...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 4 By Praveen Kumrawat

जब अपना ही दिमाग दुश्मन बन जाए: OCD का चक्रव्यूहमानव जीवन में सबसे सुरक्षित स्थान उसका अपना मन माना जाता है। जब दुनिया विरोध में खड़ी हो, तब भी इंसान अपने विचारों में शरण ढूँढ़ लेत...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 18 By Priya Chaudhary

(दूर जलते हुए हॉस्पिटल के मलबे से आती हुई लपटों की कड़कड़ाहट। आर्यन की कार के टायर का गीली सड़क पर घिसटना। आयशा की भारी, सिसकती हुई सांसें और रात के सन्नाटे को चीरता हुआ सायरन।)कार...

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MTNL की घंटी - 22 By kalpita

जिंदगी के कुछ पल ऐसे होते है जो सिर्फ कुछ एहसास देते है.. उन्हे महसूस किया जा सकता है महक भी कुछ देर इन पलो मे रहना चाह्ती थी पर वक़्त इजाजत नही दे रहा था।-------महक जैसे ही हाल में...

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मंदिर में तुम - 1 By Sonam Brijwasi

सुबह का समय था…हल्की-हल्की ठंडी हवा चल रही थी…मंदिर की घंटियों की मधुर आवाज़ पूरे माहौल को पवित्र बना रही थी…राधा-कृष्ण के मंदिर में आज कुछ खास शांति थी…उसी मंदिर के दरवाज़े पर एक...

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Shakti ke Shiv - 1 By sheetal

रात के लगभग दस बज रहे थे। लोधी रोड स्थित CBI Special Crime Division के office से बाहर निकलते हुए शक्ति ने अपनी SUV स्टार्ट की। पिछले छह घंटों से चल रहे operation ने उसे थका दिया था...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 32 By Sonam Brijwasi

Shreya अब भी Karan से थोड़ा-सा सिहर कर दूर बैठी थी।Karan ने उसे देखा…उसकी आँखों में वही डर था—जो वो कभी नहीं देखना चाहता था।ये डर उसे कहीं भीतर तक तोड़ देता है।KARAN (मन में, टूटता...

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अनकहा जुनूँ - 7 By Priya Chaudhary

(घड़ी की सुई की टिक-टिक, धीरे-धीरे मद्धम होती हुई। कमरा पूरी तरह शांत, लेकिन एक अजीब सी भारीपन महसूस हो रहा है)नरेटर: खिलौना टूट चुका था, लेकिन घर के हर कोने में अभी भी निकी की मौजू...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 10 By Sonam Brijwasi

बारिश अब भी हो रही थी…गंगा किनारे टूटी सीढ़ियों पर खड़ा कृष्णा भारी साँसें ले रहा था। उसकी मुट्ठी में अब भी लाल साड़ी का वो फटा हुआ टुकड़ा था…और तभी उसने उसे देखा।एक सफेद अनारकली व...

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रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 2 By RAAHULL SHARMA

फिर वह पागलों की तरह कमला की ओर मुड़ा। उसने अपनी माँ का पल्लू खींचते हुए कहा, "माँ, मुझे भूख लगी है... आपने कहा था शहर से लौटकर रोटी खिलाओगी। माँ, चुप क्यों हो? कुछ बोलो ना माँ!" जब...

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अजनबी - 3 By Sonam Brijwasi

अपने जैसी परछाइयों को सामने देखकर…दोनों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई…वो दोनों परछाइयां…धीरे-धीरे हंसना बंद कर चुकी थीं…अब वो सिर्फ…उन्हें घूर रही थीं…बिल्कुल वैसी ही आंखों से… जैसी उ...

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​अरेंज मैरिज का संदूक By sukhvinder Singh Rai

**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले रो लेता है। लेकिन अरेंज मैरिज एक ऐसा बंद संदूक है, जिसे खोलने के बाद अगर किस्मत दगा...

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जब अपना ही दिमाग दुश्मन बन जाए: OCD का चक्रव्यूहमानव जीवन में सबसे सुरक्षित स्थान उसका अपना मन माना जाता है। जब दुनिया विरोध में खड़ी हो, तब भी इंसान अपने विचारों में शरण ढूँढ़ लेत...

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तनुदा का अपहरण - 1 By Dr. Suryapal Singh

 (तनु का कमरा। एक मेज़ और चार कुर्सियाँ। मेज़ पर एक साधारण मेज़पोश। उस पर कुछ पत्रिकाएँ एवं फाइलें, कमरे के कोने में पानी से भरा एक घड़ा है। घड़ा परई से ढका है। परई के ऊपर एक गिलास औंधा...

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