होठ चुप रहे,आंखो ने बोल दिया,हम चुप रहे हमारा दिल आंसु बनकर बोल गया,की मेरा मुझसे रुठ,गया जो मिला उसे हम न अपनां मान सके,न उसे दिल मे जगा दे पाये

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