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Featured Books

स्वर्ग का दरवाजा By Author Pawan Singh

अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा?

इससे तो अच्छा मैं किसी भी जाति म...

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एक नज़र, एक कहानी By nupur shah

"कुछ मुलाकातें ज़िंदगी बदल देती हैं... और मेरी ज़िंदगी की वह मुलाकात एक शादी के समारोह में हुई थी।"
मैं उससे पहली बार एक शादी के समारोह में मिली थी। वह लड़के वालों की तरफ़...

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लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई By Std Maurya

​लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई और युवाओं की पुकार​— सत्येंद्र कुमार "एस.टी.डी. मौर्य" कटनी मध्य प्रदेश ​क्या आप जानते हैं कि देश में क्या चल रहा है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? हम...

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छुपा हुआ एहसास: एक अनकही कहानी By Pihu Patel

छोटे शहर का लड़का और वो पहली मुलाकात

लखनऊ से करीब दो घंटे की दूरी पर बसा एक छोटा, शांत और हरा-भरा कस्बा—'मलिहाबाद'। जहाँ सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट और मिट्टी की सोंधी...

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बेगूसराय द डार्क सिंडिकेट By RAAHULL SHARMA

बेगूसराय का वो काला दिनस्थान: गर्ल्स इंटर स्कूल एंड कॉलेज, मोहनपुरा (बेगूसराय, उत्तर प्रदेश)समय: शाम के 4:00 बजेसीन 1: सुनसान रास्ता और वो खामोशीमोहनपुरा की सड़क पर सन्नाटा पसरा था...

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सौतेली माँ से माँ बनने का सफर...... By Tripti Singh

ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है ये कहानी पूरी तरह से मेरी कल्पना पर आधारित है अगर इस कहानी या इसके किसी भी पात्र से आपको भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाती हैं तो मैं क्षम...

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कुंवारी कन्या By nirala ji

दूर कही एक सुनसान घना जंगल था। जहां चारों तरफ एक खामोशी छाई हुई थी उस जंगल में कोई भी जानवर आने से डरता था उसी जंगल के बीच से होकर उदयपुर तक जाने का एक रास्ता था दिन को तो लोग उस र...

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कांच के टुकड़े, बिखरे सपने By sukhvinder Singh Rai

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक संकरी गली के कोने में बना वह छोटा सा कैफे, 'द ओल्ड ओक', आज कुछ ज्यादा ही खामोश लग रहा था। शायद उस खामोशी की वजह दोपहर का वक्त था, या शायद कुदरत ख...

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मेरी जम्मू यात्रा By Vandna Sharma

बेटे की परीक्षा समाप्त हो गई थी। श्रीश भी जिद करने लगा मम्मी कहीं बाहर घुमाकर लाओ। मेरी भाभी जम्मू रहती हैं पिछले पाँच साल से। लेकिन कभी जम्मू जाना नहीं
हुआ। एक तो दिल्ली से बहु...

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सीक्रेट:वो लड़की By kanta

"घर में अजनबी" - 7000 Words*

सुबह के 5:47 बज रहे थे।

दिल्ली में दिसंबर की सर्दी। बाहर कोहरा। मल्होत्रा हाउस के अंदर हीटर चल रहा था, पर अनाया के कमरे में जैसे बर्फ जम...

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स्वर्ग का दरवाजा By Author Pawan Singh

अक्सर आपके मन में एक सवाल आता होगा कि आख़िर में क्षत्रिय में क्यों पैदा हुआ? या ब्राह्मण परिवार में क्यों पैदा हुआ उसका आख़िर मुझे क्या फ़ायदा?

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"कुछ मुलाकातें ज़िंदगी बदल देती हैं... और मेरी ज़िंदगी की वह मुलाकात एक शादी के समारोह में हुई थी।"
मैं उससे पहली बार एक शादी के समारोह में मिली थी। वह लड़के वालों की तरफ़...

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​लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई और युवाओं की पुकार​— सत्येंद्र कुमार "एस.टी.डी. मौर्य" कटनी मध्य प्रदेश ​क्या आप जानते हैं कि देश में क्या चल रहा है? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? हम...

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मेरी जम्मू यात्रा By Vandna Sharma

बेटे की परीक्षा समाप्त हो गई थी। श्रीश भी जिद करने लगा मम्मी कहीं बाहर घुमाकर लाओ। मेरी भाभी जम्मू रहती हैं पिछले पाँच साल से। लेकिन कभी जम्मू जाना नहीं
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