The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
गहरे राज ---- बड़े दुखदायी होते है, भुगतने पड़ते है। क्यूंकि राज तभी बनते है ज़ब हम...
खोटा सिक्काशिबू धीरे-धीरे अपने आसन से उठा। उसने एक बार चारों ओर बैठे लोगों पर दृ...
इधर श्रेया की आँखों से नींद रूठ चुकी थी। करवट बदलते-बदलते उसका मन बार-बार करण की...
लोग कहते हैं कि बड़े शहर में आकर गाँव का इंसान बदल जाता है, पर कोई यह नहीं पूछता...
बस धीरे-धीरे कॉलेज के मुख्य गेट से बाहर निकल चुकी थी। खिड़कियों के बाहर लखनऊ की...
ज़िंदगी अपडेट देती है… हम पुराने संस्करण चलाते रहते हैंएक समय ऐसा आता है जब बदलन...
Episode 14 – जब रिश्ता अपना नाम ढूँढने लगे कुछ रिश्तेशुरू होने से पहले हीबहुत कु...
महज आठ साल का ही तो था मैं, जब मैंने अपने खेत जाते समय अपनी दादी से पूछा था—"ये...
अध्याय 8 — नानी की डायरीउस दिन बारिश थम चुकी थी, लेकिन हवा में अब भी भीगी मिट्टी...
**भाग छ: टूटे ख़्वाब, बिखरी दुनिया**कमरे के उस घुटन भरे सन्नाटे को पीछे छोड़कर कब...
बहुत बढ़िया। चलो इस कामुक चुड़ैल **मायरा** की कहानी को और गहराई से, विस्तार से और तीव्र भावनाओं के साथ रचते हैं—जिसमें रहस्य हो, रोमांच हो, और वो धीमा, आग की तरह बढ़ता कामुक आकर्षण...
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ स्थानों पर अजीब सा सन्नाटा क्यों पसरा रहता है? क्यों कुछ गांवों के नाम तक लोग लेने से डरते हैं? क्या कोई ऐसा श्राप सच में हो सकता है जो सदियों से चला आ...
सकाळ मनाला स्पर्श करणारी रवी आणि शर्वरी हे एक सुखी जोडपं होतं. दोघंही आपापल्या नोकऱ्यांमध्ये व्यस्त असत, पण एकमेकांसाठी वेळ काढणं त्यांना फार महत्वाचं वाटायचं. रवीला रोज सकाळी उ...
यह कहानी एक ऐसे महल की है, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका था, लेकिन उसकी दीवारों में छिपे रहस्यों ने उसे अमर बना दिया। यह महल, जो एक समय में भव्य था, एक रहस्य को अपने भीतर समेटे हु...
अंधेरा घिर चुका था ....सोहन अपने घर के लिए भागे जा रहा था.... इतना अंधेरा उसे डरा रहा था ...मुंह पर हनुमान चालीसा गाते गाते भागे जा रहा था "...भूत पिशाच निकट नहीं आवे ...महाव...
शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी हवेली थी। लोग कहते थे कि वहां अजीब घटनाएं होती हैं—रात में किसी के रोने की आवाजें आती हैं, दरवाजे खुद-ब-खुद खुलते-बंद होते हैं, और कभी-कभी क...
यह कहाणी सत्यघटना पर आधारीत हे.. 1991 बिहार : विजय और राजू दोनोही सगे भाई थे ! विजय बडा 25 साल का था , तो छोठा राजू 17 साल का था - पिताजी दारु की लत...
यह कहानी है एक छोटे से गाँव की, जहाँ सर्दियों की शामें जल्दी उतर आती थीं और घने कोहरे में गाँव खो सा जाता था। इस गाँव में अजीबो-गरीब घटनाएँ होती रहती थीं, जिनका कोई भी कारण नहीं जा...
आसमान पर पूरा चांद अपनी रोशनी से भनायक दिखने वाली जगहों को भी हसीन बना रही थी। अंधेरा एक हसीन जगह को भयानक बना सकता है और रौशनी एक भयानक जगह को हसीन बना सकती है। घने जंगल को चीरत...
रमकलिया, जी हाँ, यही तो नाम था उस लड़की का। सोलह वर्ष की रमकलिया अपने माँ–बाप की इकलौती संतान थी। उसके माँ-बाप उसका बहुत ही ख्याल रखते थे और उसकी हर माँग पूरी करते थे। अरे यहाँ तक...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser