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"प्यार, दोस्ती और अंतहीन सस्पेंस से बुनी एक ऐसी दास्तान, जहाँ हर कदम पर एक नया र...
Episode 1 – पहली मुलाकातशाम का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-ह...
दीक्षा — भाग १ अंधकार से प्रथम परिचयधनबाद जिले की कोयला नगरी के समीप बंगालियों क...
लोग कहते हैं कि प्यार दोनों तरफ से हो तभी मुकम्मल होता है, लेकिन मेरे लिए तो मेर...
नांदेड़ के धनेगाव में राज रहता था। राज एक पार्ट टाइम राइटर था। पहले वो अपने साथ...
"ऊँआ... ऊँआ...!!"अभी अभी जन्में एक बच्चे की तीखी आवाज आसपास फैले खौफनाक सन्नाटे...
एक बड़ी सी आलीशान बिल्डिंग के कांफ्रेंस रूम के अंदर कुछ लोग बैठे हुए थे। उनके ड्र...
"रात का गहरा सन्नाटा था, जिसे सिर्फ तेज़ बारिश और बिजली की कड़क तोड़ रही थी। 8 स...
रात के ठीक 12 बज रहे थे।सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।हर तरफ टेंशन… बे...
यह पुस्तक “महाराणा: सहस्र वर्षों का धर्मयुद्ध” मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश द्वारा...
एक सड़क दुर्घटना होती है गलती इस व्यक्ति की थी जो गाड़ी चला रहा होता है क्योंकि उसने लाल बत्ती पर गाड़ी चालू रखी और वक्त से पहले सड़क पार करने की कोशिश की तो किसी लोरी वाले ने उसे...
"अरे नंदू… उठ के जरा देख घड़ी में कितना टाइम हो गया है " मिश्राइन ने चिल्ला कर कहा| "अरे मम्मी सोने भी नहीं देती सोने दो ना" नंदू अपनी दोनों बाहें और मुंह फैलाते हु...
.................ऐसे मिला एकलव्य अंगुष्ठ हमारे देश के अधिकांश लोग भील बालक एकलव्य के बारे में केवल अंगुष्ठदान के प्रसंग से ही परिचित हैं। उसके सम्बन्ध में और अधिक जानने के लिये ह...
आपने एक खेल कभी अपने बचपन मे खेला होगा दो दल बच्चो के बनाये जाते है एक दल घोड़ी बन जाता है दूसरे दल वाले उनकी पीठ पर बैठ जाते हैं फिर एक बच्चा पूछता है "धींगा ऊपर कौन चढ़ा ? चढ...
पागल खाना पर पाठकीय प्रतिक्रिया याने समय का एक नपुंसक विद्रोह यशवंत कोठारी राजकमल ने ज्ञान चतुर्वेदी का पागलखाना छापा है.२७१ पन्नों का ५९५रु. का उपन्या...
मैंने इस बार शायद गलत जगह पांव रख दिया था। पांव तले से थोड़ी सी मिट्टी नीचे को रिसकी थी, जिससे हल्की सी आवाज हुई। मुझे लगा, मेरी गलती से शोर पैदा हो रहा है। अभी हाल गालियां सुनने को...
ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है। किसी भी घटनाओ का वास्तविकता से कोई सबंध नहीं है। प्रस्तावना, हेल्लो, मेरा नाम है परेश मकवाना। मेरी ये कहानी 'इश्क़ जुनून' एक गाने...
पूर्ण-विराम से पहले....!!! 1 "सुभोर प्रखर! कल रात तुमने मेरे व्हाट्सप्प मैसेज को देखा.. पर तुमने कोई जवाब लिखकर नहीं भेजा| तुम मेरे किसी भी मैसेज को बगैर पढ़े-लिखे सो जाओगे यह म...
मेरे मित्र शेरलॉक होम्स की कार्य शैली के बारे में लगभग सत्तर पृष्ठ के नोट्स जो मैंने पिछले आठ वर्षों में तैयार किये थे, पर नज़र डालते हुए मैंने पाया कि उनमें कुछ दुखांत, कुछ हास्यास...
उसका शरीर शिथिल हो चुका था, आंखो में डर और बोलने की ताकत भी नही रही थी। सतीश ने जूली को देखा तो हक्काबक्का रह गया,बिंदास रहने वाली लड़की अचानक से ऐसी हालत में देख के इसके मन में ब...
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