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  • त्रिशा... - 51

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  • परेतनी की शादी - 5

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  • MTNL की घंटी - 25

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  • गीता आज के इंसान के लिए – (अध्याय -6)

    ------------------------------ अध्याय 6: सफलता का वास्तविक अर्थ (चूहा-दौड़ का सच...

  • बीते न रैना भाग - 9

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  • महिमा: शक्तिशाली तलवार (सीजन 1) चैप्टर 13

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त्रिशा... By palvisha

यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

मेरे पिताज...

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परेतनी की शादी By Sapna Badh

गर्मी के दिन थे।घास फूस लगभग खत्म हो चली थी और पशुओं को चराने के लिए ज्यादा जगह भी नहीं बची थी गर्मी बढ़ जाने की वजह से तेज धूप हो जाती थी और दोपहर के वक्त गायों को छांव में इकठ्ठा...

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MTNL की घंटी By kalpita

नवंबर की हल्की ठंड...
और मीठी-सी धूप में...
आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी।

तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई...

? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...

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गीता आज के इंसान के लिए By Shivraj Bhokare

( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

धार्मिक नहीं, तार्किक: यह किताब किसी धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान और व्यावहारिक जीवन जीने के विज्ञान पर आधारित है।

शैली...

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बीते न रैना By Neeraj Sharma

कुछ हटकर जो हो रहा साहब, हम उसके बारे कहने का दूसहास किया है, इस के लिए कुछ भी घटिकत हो जाए। होने दो। भूमिका सोचते हो पता चल गयी हरगिज नहीं।कहने का तातपर्य कुछ ये है। बम्बे जाना ही...

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महिमा: शक्तिशाली तलवार By Ashish Taak

यह कहानी है राघव की….

जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...

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Bayaan By Radha rani Jha

कभी कभी ज़िंदगी हमें ऐसी चीज़ें दे देती है, जो हमने कभी माँगी भी नहीं होती…
पर वही चीज़ें हमारी सोच और दिल दोनों बदल देती हैं।
मैं राधा रानी, एक सीधी-सादी लड़की।
मेरी ज़िंदगी बि...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो By kajal jha

खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवे...

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दिल ने जिसे चाहा By R B Chavda

मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस किया था। मेरी पहले की कहानी "दिल से दिल तक: एकतरफा सफर" से यह काफी मिलती-जुलती...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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यह शब्द सुना तो बहुत था, बचपन में इस पर निबंध भी बहुत लिखे थे पर मेरे लिए यह शब्द तब तक अस्तित्व में नहीं था जब तक की मुझे मेरी सहेली ने इसका असल अर्थ समझाया नहीं था।

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और मीठी-सी धूप में...
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( ⚠️ पढ़ने से पहले ज़रूर जानें!

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यह कहानी है राघव की….

जो अपने मम्मी पापा के साथ फॉरेन में रहता था, लेकिन उसके दादा- दादी इंडिया के एक छोटे से गांव में रहते थे। जिस गांव का नाम कलिंग था, राघव अपने पेरेंट्स से ह...

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लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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