राजेन्द्र जी और उनकी पत्नी उर्मिला दिल्ली की ओर एक पार्टी के लिए यात्रा कर रहे हैं, जो उनके पोते लड्डू के जन्मदिन पर आयोजित की जा रही है। पांच साल पहले अंकित और सलोनी ने गुपचुप शादी की थी, जिसे जानकर राजेन्द्र जी नाराज़ हो गए थे। अब लड्डू के आमंत्रण पर वे दिल्ली आने का निर्णय लेते हैं। अंकित, जो ऑफिस में व्यस्त है, अपने माता-पिता को स्टेशन पर आने की जानकारी देता है और बताता है कि वह आधे घंटे में पहुँच जाएगा। राजेन्द्र जी को अपने बेटे के लेट होने पर झुँझलाहट होती है, जबकि उर्मिला उन्हें समझाती हैं कि बच्चे अपने काम में व्यस्त होते हैं। अंततः, वे वेटिंग रूम की ओर बढ़ते हैं, यह सोचते हुए कि पार्टी का आयोजन होटल में है और सब कुछ वहाँ पर तैयार है। कहानी - रांग नम्बर Lovelesh Dutt द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 16.7k 2.5k Downloads 10.4k Views Writen by Lovelesh Dutt Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण “हैलो...हैलो...अंकित बेटा...हम पहुँचने वाले हैं...ट्रेन आउटर पर खड़ी है।” “अच्छा पापा, मैं भी निकलता हूँ ऑफिस से, बस दस मिनट में स्टेशन पहुँच जाऊँगा। आप वेटिंग रूम में बैठ जाइएगा” कहकर अंकित ने फोन काट दिया। उधर ट्रेन में बैठे राजेन्द्र जी और उनकी पत्नी उर्मिला ने भी बड़े उत्साह से अपना बैग-अटैची सँभाल ली क्योंकि दिल्ली का स्टेशन आने वाला ही था। गाड़ी भी रेंगने लगी थी। उर्मिला ने बहुत गद्गद् होते हुए कहा, “पता ही नहीं चला कि पाँच साल कैसे बीत गये? लड्डू भी तो अब बोलने लगा है।” राजेन्द्र जी भी मुस्कुराकर बोले, More Likes This रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana सुकून - भाग 1 द्वारा Sunita आरव और सूरज द्वारा Rohan Beniwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी