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नकल से कहीं क्रान्ति नहीं हुई

by Dr. Suryapal Singh
  • 11.5k

गुरु जी डॉ0 सूर्यपाल सिंह से मैं दो वर्ष से सम्पर्क में हूँ। प्रारम्भ में गुरु जी के बोले ...

गोमती, तुम बहती रहना

by Prafulla Kumar Tripathi
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अपने जन्म वर्ष 1953 से अपने जीवन की युवावस्था और दाम्पत्य तथा नौकरी शुरुआत तक की अवधि का आत्मगंधी ...

प्रेमानंद जी : राधा-कृष्ण लीला के रसिक साधक

by mood Writer
  • 32.1k

प्रारम्भिक जीवन और आध्यात्मिक झुकाव वृंदावन की पावन गंध, राधे-राधे की गूँज और कृष्ण नाम की रसधारा… इन्हीं भावों के ...

Narendra Modi Biography

by mood Writer
  • 28.2k

किसी भी महान व्यक्ति के जीवन को समझने के लिए उसके बचपन और परिवेश को जानना बेहद आवश्यक है। ...

समता के पथिक: भीमराव

by mood Writer
  • 48k

गाँव के बाहर, महू छावनी के शांत किनारे पर एक छोटा सा घर था। 14 अप्रैल 1891 की भोर, ...

महाराणा सांगा

by Praveen Kumrawat
  • 61k

भारत के इतिहास में यदि राजपूताना की वीरगाथाओं का स्वर्णिम अध्याय न होता तो इसकी वैसी भव्यता न होती, ...

टीपू सुल्तान नायक या खलनायक ?

by Ayesha
  • 44.4k

ऐतिहासिक उपन्यास आमतौर पर ऐतिहासिक तथ्यों और कल्पना का मिश्रण होते हैं। इसलिए उनसे सभी ऐतिहासिक घटनाओं का यथार्थ ...

श्री बप्पा रावल श्रृंखला - खण्ड-दो

by The Bappa Rawal
  • 37.4k

कहानी शुरू होती है मेवाड़ के एक नगर नागदा से जहाँ भीलों के एक कबीले को घेरकर गुहिलवंशी शिवादित्य ...

अंधेरे की अंजली

by Vrunda Amit Dave
  • 18.3k

हवा बहती थी और ब्रिटिश साम्राज्य की छाया गहराती जा रही थी। उन्हीं गलियों के एक कोने में जन्मी ...

नेपोलियन बोनापार्ट

by Anarchy Short Story
  • 44k

शाल ओढ़े एक नवयुवती अंधेरे में टेण्ट के भीतर बैठी अपने शिशु को स्तनपान करा रही है। उसकी उजली ...

श्री बप्पा रावल

by The Bappa Rawal
  • 45.8k

बप्पा रावल जिसे कालभोज के नाम से भी जाना जाता है।8वीं शताब्दी में मेवाड़ (वर्तमान राजस्थान) के एक पराक्रमी ...

गगन--तुम ही तुम हो मेरे जीवन में

by Kishanlal Sharma
  • 135k

Your life partner will be beautiful But not easy to live with her ऐसा नही है कि हरेक के साथ इत्तफाक ...

महाराजा रणजीत सिंह

by Sudhir Sisaudiya
  • 45.1k

आदिकाल से ही भारत देश में, जीवन के हर क्षेत्र में, असाधारण व्यक्तियों का प्रादुर्भाव होता रहा है। हमारा ...

यादों की अशर्फियाँ

by Urvi Vaghela
  • 117.5k

में अकसर सोचती थी की अगर हम कोई अच्छा काम करे तो हमारे माता पिता एवम् परिवार वालो की ...

प्रफुल्ल कथा

by Prafulla Kumar Tripathi
  • 148.7k

मेरा जन्म गोरखपुर से लगभग 20 कि.मी.दूर खजनी के एक गाँव विश्वनाथपुर में को हुआ था | यह गाँव ...

असमर्थों का बल समर्थ रामदास

by ՏᎪᎠᎻᎪᏙᏆ ՏOΝᎪᎡᏦᎪᎡ ⸙
  • 158.7k

युगों-युगों से पृथ्वी पर महापुरुषों का आगमन होता आया है। उनके द्वारा ज्ञान, ध्यान, निःस्वार्थ प्रेम और भक्ति से ...

महावीर लचित बड़फूकन

by Mohan Dhama
  • 48.8k

अपने महापुरुषों का स्मरण भारत में एक श्रेष्ठ परम्परा रही है। कथा-कहानियों से लगाकर पुस्तकों तक उनके कर्तृत्व और ...

श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (श्रीभाईजी)

by Shrishti Kelkar
  • 358.5k

दिव्य जीवन की एक झलक हमारा सौभाग्य है कि हमारी वसुन्धरा कभी संतों से विरहित नहीं रही। संतों की चेष्टायें ...

महानतम गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन्

by Praveen Kumrawat
  • 164.4k

किसी भी विषय में विशिष्ट ख्याति पाने के साथ असाधारण प्रतिभा से विभूषित व्यक्ति बहुत ही कम होते हैं। ...

भूली बिसरी खट्टी मीठी यादे

by Kishanlal Sharma
  • 191.9k

"क्या देख रही हो?" उन दिनों मैं साल 1966 की बात कर रहा हूँ।तब कालेज आज की तरह जगह जगह ...