Vedānta 2.0 — मूल अध्याय 𝕍𝕖𝕕𝕒𝕟𝕥𝕒 𝟚.𝟘 𝔸𝕘𝕪𝕒𝕥 𝔸𝕘𝕪𝕒𝕟𝕚 (समझ : गुरु, ईश्वर और आत्मा) 1. समझ ही मूल ...
लोगो की रोने की आने आने लगी है। दक्षराज कहता है---दक्षराज :- चलो दयाल बाहर जा कर देखते हैं। ...
महाभारत की कहानी - भाग-१८२ मृतकों का संस्कार, कर्ण का जन्मरहस्य प्रकट और युधिष्ठिर के पास नारद आदि का ...
प्रस्तावना यह ग्रंथ क्यों लिखा गया — और क्यों नहीं यह ग्रंथकिसी उत्तर की खोज में नहीं ...
धर्म की दुकान जो कहते हैं—“हम ही सत्य हैं,गुरु ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश हैं,गुरु ही शास्त्र हैं,”वहीं से दुकान खुल ...
महाभारत की कहानी - भाग-१८१ गांधारी का कुरुक्षेत्र दर्शन और कृष्ण को अभिशाप प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य ...
यह कहानी उस लड़की की है जो बाहर से जितनी सामान्य दिखती थी, अंदर से उतनी ही उलझी हुई ...
वेदान्त 2.0 मात्र एक दर्शन है — समझ।इसके अतिरिक्त कुछ नहीं।यहधर्म नहीं है,संस्था नहीं है,गुरु–समुदाय नहीं है,भगवान, देश, जाति, ...
गुना एकांश और आलोक के लिए प्लेट लगा देता है और कहता है---यार ये लड़की कोई अप्सरा है क्या ...
महाभारत की कहानी - भाग-१८० पांडवों के प्रति गांधारी का क्रोध प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना ...
प्रस्तावना: रक्त से शांति का महाकुंभइतिहास केवल तारीखों और युद्धों का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह उन आत्माओं की ...
एपिसोड 1 : एक आम सा दिनसुबह की हल्की धूप थी। आरव रोज़ की तरह बस स्टॉप पर खड़ा ...
कुंम्भन का नाम सुनकर सब घबरा जाता है। और डर से इधर उधर देखने लगता है।एकांश घबराते हुए कहता ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७९ धृतराष्ट्र द्वारा भीम की लौहमूर्ति चूर्ण प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत रचना ...
वर्शाली को देखकर एकांश कहता है-->" वर्शाली तुम यहां ?वर्शाली एकांश से कहती है---->" हाँ जी मैं यहां आपके ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७८ कृष्ण द्वारा महादेव का महात्म्य वर्णन और धृतराष्ट्र को विदुर का सान्त्वना दान ...
एकांश मन ही मन सोचता है----->" अच्छा तो वो लाल शिला ही रक्षा कवच है।कुछ दैर में सभी उस ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७७ अश्वत्थामा और अर्जुन दोनों का ब्रह्मशिर अस्त्र प्रयोजन प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य ...
दक्षराज कहता है--->" वो मार्ग मुझे बताइये बाबा।अघोरी कहता है--->" तेरे लिए दो रास्ते है दक्ष। एक जो मैंने ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७६ दुर्योधन की मृत्यु और द्रौपदी की अनशन प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य महाभारत ...
चतुर कहता है--->" वो तो मेला में है क्योंकि हम दोनो ने उधर एकफास्टफूड का दुकान लगाया है। वो ...
प्रस्तावनायह पुस्तक किसी को सही ठहराने या गलत सिद्ध करने के लिए नहीं लिखी गई। यह न जीवन को ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७५ अश्वत्थामा द्वारा धृष्टद्युम्न और द्रौपदी के पुत्रों की हत्या प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने ...
वर्शाली एकांश के बात को काटते हुए कहती है--->" एकांश जी भूल सिर्फ आपसे नहीं मुझसे भी हुई है ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७४ पांडवों के शिविर में प्रवेश के पथ पर महादेव का आविर्भाव प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन ...
ઓધવ રામ બાપા ગુજરાતના પ્રખ્યાત સંત અને આધ્યાત્મિક વ્યક્તિત્વ તરીકે ઓળખાય છે. તેમનો જન્મ એક સામાન્ય ગ્રામિણ પરિવારમાં થયો ...
एकांश को वर्शाली की याद आती है। वो सौच रहा होता है---" कास में यह वर्षाली को ला पता ...
महाभारत की कहानी - भाग-१७३ अश्वत्थामा का संकल्प और सेनापति पद पर अभिषेक प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने महाकाव्य ...
हनुमान का रोमंथन एवं मानसिक ताप गंगा के उत्समुख गंगोत्री के समीप एक विशाल विस्तृत शिलाखंड के ऊपर ...
सोनाली खुश होती हैं और कहती हैं---->" ये तो बहुत अच्छी बात है। पर बहन क्या एकांश को भी ...