क्या आपको मालूम है कि पहला खालसा राज स्थापित करने वाले बाबा बंदा सिंघ बहादर जी राजपूत थे, आधुनिक ...
======== 1- कुहासों की गलियों में से गुज़रते हुए जीवन की गठरी ...
निलु के इतना कहने पर गाड़ी अपने आप रुक जाती है। गाड़ी रुकने के बाद निलु गुस्से से कहता ...
Chapter 1: डर की शुरुआतरतनपुर…एक छोटा सा गाँव… गुजरात के किनारे बसा हुआ।दिन में ये गाँव बिल्कुल साधारण लगता ...
---------------सुबह का समय था । सभी स्टूडेंट्स क्लास मे बैठे किसी ना किसी बात पर चर्चा कर रहे थे। ...
सात_फेरो_का_इंतजार---किरण की जिंदगी अब मानो मुरझाये फूल सी हो गई थी। वो घंटों तक खिड़की के पास उदास बैठी ...
पिछली कहानी में हमने पढा कि लावण्या और लक्षिता बहाना बनाकर ट्रिप पर जाना कैंसल कर देती हैं।अब आगे..........लक्षिता ...
_______________________________गाँव के पश्चिम छोर पर एक कुआँ था। वह पुराना, गोल और काई से भरा था। इतना गहरा था ...
शिवाजी जूते पॉलिश कर रहा था। तभी एक गाड़ी आकर रुकी। उसमें से एक नौजवान लड़का उतरा। उसने एक ...
थकान और कमजोरी से लड़की की आँखें भारी होने लगीं। नींद और बेहोशी के बीच बड़बड़ाई—“माता रानी… मैंने कभी ...
Episode 5: जाल का मालिक… और छुपा हुआ सचरात का सन्नाटा हवेली को अपनी गिरफ्त में ले चुका था।हर ...
एपिसोड 11: बच्चों की उपलब्धियां और समाज में नई सोचस्कूल की शुरुआत को कुछ महीने बीत चुके थे। रिया ...
एपिसोड 12: स्कूल की सफलता का जश्न और नई पहचानस्कूल की शुरुआत को अब एक साल बीत चुका था। ...
ये मेरी चार साल पुरानी रचना थी। जिसे मैने तब पब्लिश नहीं किया था क्योंकि लैपटॉप खराब हो गया ...
हमने पिछले भाग में देखा की... रात के अंधेरे में किसी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग सतर्क ...
हमने पिछले भाग में देखा की.... जगपति , हितेश और सतीश वैध के पास गए होते है वहां उसके ...
पिछले भाग में हमे देखा की.... हितेश और जगपति सतीश को लेके वैध के घर पहुंचते है , वहां ...
----------------जगल उपन्यास मेरीलेखनी का सब से बेस्ट लेखन है खुद सिफ्त करनी पड़ती है.. लोगों पास टाइम की शार्ट ...
-------------------------------- "उलझन " उपन्यास जरूरी नहीं सब को पसंद ही आये, हो सकता है जो आप सोचते हो, वो ...
ये कहानी तभी पूर्ण होती है अगर शरुवात और अंत मिल जाये... यही कहानी हर लेखनी का कमाल है... ...
-------------------------- कब्ज (2) ----------------"ये भोजन ले जाओ सलमा " खसम ने सिर पकड़े कहा। "पाकिस्तान का वजीर मर जाये ...
हमने पिछले भाग में देखा की ... सूरपाल हितेश से पूछता है की उसने बर्मन के पिता को इस ...
डाइनिंग टेबल पर हल्की रोशनी थी… लेकिन बातचीत का माहौल धीरे-धीरे गंभीर होता जा रहा था।इशिका की बात सुनकर ...
शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग ...
परिचय: ये जीवन के हर क्षेत्र में राजनीतिक दखल और जनता द्वारा नेताओं के महिमामंडन से उपजी अव्यवस्था,छुटभैयों की ...
कमरा जैसे सांस रोककर खड़ा था मीरा छत के बिल्कुल पास थी उसका शरीर कांप रहा था आँखें पूरी ...
वह पुराना बंगलामल्हार एक फ्रीलांस फोटोग्राफर था, जिसे पुरानी इमारतों और सन्नाटों को कैमरे में कैद करने का जुनून ...
Part 12: टूटते रिश्तों की गूंजसुबह का हल्का उजाला शहर पर फैल रहा था…मगर उस उजाले में सुकून नहीं, ...
Title: दुश्मनी के दरमियान इश्कPart 15: खामोशियों के बीच साजिशकबीर और Myra के बीच की दूरी…अब सिर्फ कुछ कदमों ...
दोहा: ५कबीर माया पापिणी, हरि सूँ करे हराम।मुखि कस्तूरी महमही, कुबधि कुहाड़ा काम॥कथा: "कस्तूरी का लालच"एक बार एक राहगीर ...