मेले से एक दिन पहले, पूरा दिन गांव व्यस्त रहा। औरतें पकवान बनाती रहीं।बच्चे उत्साह से उछलते-कूदते रहे। बुजुर्ग ...
भारतीय समाज में सदियों से पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर कुछ अघोषित नियम तय रहे हैं। पारंपरिक ...
सुनसान सड़क पर काली एसयूवी तेज़ रफ्तार से दौड़ी चली जा रही थी। रात पूरी तरह उतर चुकी थी। ...
आखिरी कोशिशEpisode 1 — एक छोटा-सा सपनागाँव के किनारे एक छोटा-सा घर था। घर बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन ...
बैटाडिन, शहर के बीचो बीच खड़ा पाँच सितारा होटल जैसा भव्य नजर आता वह भवन , जैसे अपनी ...
बनारस की सुबह हो और चौराहे पर चाय-पान की दुकान पर पंचायत न हो, ऐसा तो बनारस के इतिहास ...
अम्मा की तोरई और स्पेसशिप का गियर'सूं-सूं... खटर-पटर...'पिंकू पांडे उस पतले, अंधेरे लोहे के पाइप के अंदर अपने घुटनों ...
शहर में उस रहस्यमय साइको किलर का नाम पिछले चार सालों से लोगों के बीच डर बन चुका था। ...
पुराने मित्रलेखक: विजय शर्मा एरी (Vijay Sharma Erry)समय बीतता है, लोग बदलते हैं, शहर बदलते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ...
नौकरी ढूँढनी है और किसी भी तरह अपने पैरों पर खड़ा होना है।देहरादून पहुँचे तो असली परीक्षा शुरू हुई।तभी ...
(रात का वक़्त। आसमान में हल्के बादल हैं, पर उनमें से चाँद की एक हल्की सी झलक दिखती है।सिया ...
वह एक मुलाकातपिछले अध्याय में हमने देखा कि जब मैं कॉलेज (MCC) पहुँचा... उस दृश्य का वर्णन मैं कुछ ...
वो रात एक आम रात जैसी ही थी, हम दोनों पार्टी से वापस लौट रहे ... मैं शर्लिन को ...
अब आगे ,सिया और सुहानी ने सांझ को ले जाकर मंडप में बैठा दिया । पंडित जी ने शादी ...
सावन की दोपहर लगभग आधी खत्म हो चुकी थी और ढलते सूरज की सुन्हरी रोशनी से नीम की काली ...
ईशानी : हा मेरी मां पढ़ लेंगे।नैना मुस्कराने लगीईशानी की मुलाकात नैना से कॉलेज के पहले ही दिन हो ...
उस दिन घर का आंगन लोगों से भरा हुआ था, लेकिन बाईस साल के कबीर की दुनिया पूरी तरह ...
एक आम सी प्रेम कहानी भाग - १४लेखिका "अनामिका" जैसे ही मलय ने सगाई की बात रखी, कमरे में ...
"हम अपनी मर्यादा नहीं लाँघ सकते।"वहीं यशी ने अपनी आँखें कसकर बंद कर लीं। मगर कुछ समय बाद, जब ...
हुक्म और हसरत #Arsia"अब आगे…”"मैंने वो निशान... तुम्हारे बहुत करीब वाले इंसान के हाथ पर देखा था।" सिया की ...
एक आम सी प्रेम कहानी भाग- १लेखिका "अनामिका"लेखिका की ओर सेअक्सर ऐसा होता हे की हमे बचपन से हि ...
तरबूज के बीज और बनारसी थप्पड़'सर्रर्र... भूंऊऊऊ...' की अजीब सी आवाजें पिंकू पांडे के कानों में लगातार गूँज रही ...
बौना जिन्नअध्याय 1: मिट्टी का पुराना चिराग और एक अजीब मेहमानगाँव के एक छोटे से और पुराने घर में ...
"क्या है जिंदगी हक़िक़त या छलावा या कोई भ्रम? इतनी मुद्दत की जिंदगी जिसे हम हक़िक़त समझते रहे क्या ...
संडे की दोपहर । प्रमोद जी एक रिश्तेदार आपके यहां जाने के लिए मेट्रो में चढ़े।अमूमन हर समय खचाखच ...
अध्याय - १४शोभाबहन अपने पति की आंखों का गुस्सा देखकर पूरी तरह सन्न रह गईं। इतने सालों में रमेशभाई ...
Episode -1 (लंबी रात खत्म हुई और एक अनकहा चेहरा) अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों ...
वो लड़की जो याद नहीं थीएक रहस्य, एक अधूरी याद, एक प्रेम कहानी और एक ऐसा सच जो सब ...
राखी का वह छोटा-सा डिब्बा कभी-कभी रिश्ते गरीबी और अमीरी से नहीं टूटते…उन्हें तोड़ देती है हमारी सोच।एक भाई ...
रिश्तों का बाज़ारसुमन मुंबई से दो दिन के थका देने वाले सफर के बाद अपने मायके चांदपुर पहुंची थी। ...