----------------जगल उपन्यास मेरीलेखनी का सब से बेस्ट लेखन है खुद सिफ्त करनी पड़ती है.. लोगों पास टाइम की शार्ट ...
-------------------------------- "उलझन " उपन्यास जरूरी नहीं सब को पसंद ही आये, हो सकता है जो आप सोचते हो, वो ...
ये कहानी तभी पूर्ण होती है अगर शरुवात और अंत मिल जाये... यही कहानी हर लेखनी का कमाल है... ...
-------------------------- कब्ज (2) ----------------"ये भोजन ले जाओ सलमा " खसम ने सिर पकड़े कहा। "पाकिस्तान का वजीर मर जाये ...
हमने पिछले भाग में देखा की ... सूरपाल हितेश से पूछता है की उसने बर्मन के पिता को इस ...
डाइनिंग टेबल पर हल्की रोशनी थी… लेकिन बातचीत का माहौल धीरे-धीरे गंभीर होता जा रहा था।इशिका की बात सुनकर ...
शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग ...
परिचय: ये जीवन के हर क्षेत्र में राजनीतिक दखल और जनता द्वारा नेताओं के महिमामंडन से उपजी अव्यवस्था,छुटभैयों की ...
कमरा जैसे सांस रोककर खड़ा था मीरा छत के बिल्कुल पास थी उसका शरीर कांप रहा था आँखें पूरी ...
वह पुराना बंगलामल्हार एक फ्रीलांस फोटोग्राफर था, जिसे पुरानी इमारतों और सन्नाटों को कैमरे में कैद करने का जुनून ...
Part 12: टूटते रिश्तों की गूंजसुबह का हल्का उजाला शहर पर फैल रहा था…मगर उस उजाले में सुकून नहीं, ...
Title: दुश्मनी के दरमियान इश्कPart 15: खामोशियों के बीच साजिशकबीर और Myra के बीच की दूरी…अब सिर्फ कुछ कदमों ...
दोहा: ५कबीर माया पापिणी, हरि सूँ करे हराम।मुखि कस्तूरी महमही, कुबधि कुहाड़ा काम॥कथा: "कस्तूरी का लालच"एक बार एक राहगीर ...
मिलियन डॉलर बेबी': देह के संघर्ष से चेतना की मुक्ति तकप्रस्तावना: मनोरंजन या जीवन का साक्षात्कार?अक्सर हम फिल्में केवल ...
वो लड़की जो कभी थी ही नहींरात के ग्यारह बज रहे थे। लखनऊ से बाहर, एक छोटे से कस्बे ...
धड़ाम!जैसे ही वह बैंक के अंदर भागा, एक भारी आग बुझाने वाला सिलेंडर (Fire Extinguisher) कबीर के सिर पर ...
जिंदगी की दूसरे किनारा पार्ट 9और फिर कुछ घंटे के बाद मेघना अस्पताल के ग्राउंड फाइल के लोभी में ...
Present time....कबीर सोफे पर अकेले बैठा था। चेहरा ठंडा, आँखें गंभीर। पर हाथ… हाथ से खून बह रहा था। ...
अमावस की काली रात थी और दूर पीपल के पेड़ की शाखाएं बिना हवा के ही धीरे धीरे हिल ...
रेगिस्तान की उस रात में हवा कुछ अलग थी। रेत के टीले ऐसे हिल रहे थे जैसे उनके नीचे ...
सन 1921 की बात है। गंगा के किनारे बसे एक छोटे से कस्बे के बाहर एक पुराना श्मशान था, ...
अयान की उंगलियों के बीच वह पेनड्राइव किसी लट्टू की तरह घूम रही थी। तभी आर्यन के पिता के ...
स्वयं आप कमल चोपड़ाखाकी लोगों की दीवार सामने थी और वे उनके सामने उन्हीं के खिलाफ नारे लगा रहे ...
वहां नहीं रहते वे कमल चोपड़ारिजू को जैसे बता डालने की बहुत जल्दी थी, "विशू विशू विशू... पता है ...
ये मेरी चार साल पुरानी रचना थी। जिसे मैने तब पब्लिश नहीं किया था क्योंकि लैपटॉप खराब हो गया ...
रात का समय था…रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब ...
---किरण और मधुकर एक दूसरे के बहुत करीब आ चुके थे। वो अब इस रिश्ते में बहुत आगे बढ़ ...
शमिका मोनिका के कंधे पर हाथ रखकर कहती है --शमिका :- मोनिका .. विकी ने तुम्हें और मुझे , ...
“व्रत” और “उपवास” ये शब्द आपने कई बार सुने होगे क्या आप इनका वास्तविक अर्थ जानते है?व्रत का अर्थ ...
ज्ञानी कह गए है: जो नहीं समझना उसे समझ लो, जो समझना है,वह खुद समझ में आ जाएगा।शिक्षा: वह ...