प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास मुफ्त में PDF डाउनलोड करें

हम फिर से मिले मगर इस तरह

by MASHAALLHA KHAN
  • 17k

इंसान की किस्मत मे जो लिखा वो उसे मिलकर ही रहेता है, चाहे मौहब्बत हो या हो अश्क.ये कहानी ...

अधूरे इश्क की पूरी दास्तान

by Nirali Ahir
  • 17.6k

खुली खिड़की से आती ठंडी हवा प्रीतम के कुछ कुछ सफेद हुए बालों को धीरे धीरे सहेला रही थी। ...

मेरे इश्क में शामिल रूहानियत है

by kajal jha
  • 86.1k

दो दुनियाओं का पहला टकराव मुंबई… यह शहर कभी नहीं सोता। अनगिनत सपनों को अपनी पनाह में लिए, और लाखों ...

Mafiya Boss

by PAYAL PARDHI
  • 10.1k

" एक माफिया लव स्टोरी की शुरुआत, एक अनाथ लड़की जिसके बचपन में सब कुछ छीन लिया गया हो, ...

तेरे मेरे दरमियान

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.2/5)
  • 100.4k

शाम का समय था । जानवी अपने पापा अशोक मुखर्जी से अपने पसंद के लड़के से शादी करने की ...

दर्द से जीत तक

by Renu Chaurasiya
  • 22.6k

नवंबर का महीना था। आसमान से हल्की-हल्की बारिश गिर रही थी। बूंदों की नमी में ठंड और भी तेज़ लग ...

पहली नज़र की चुप्पी

by Priyam Gupta
  • 14.9k

बारिश की हल्की बूँदें खिड़की के शीशे से टकरा रही थीं। हवा में मिट्टी की खुशबू घुली हुई थी, ...

दिल का रिश्ता

by soni
  • 7.9k

शहर की शाम को और भी खूबसूरत बना रही थी।भीगी सड़कों पर स्ट्रीटलाइट्स की रोशनी मोतियों की तरह चमक ...

धुन इश्क़ की... पर दर्द भरी

by Arpita Bhatt
  • (4.5/5)
  • 131.8k

एक बड़े से बंगले के पीछे बने आउट हाउस के एक कमरे में बिल्कुल अंधेरा था , और उसी ...

बेजुबान इश्क.

by soni
  • 10k

बेजुबान इश्क – लव स्टोरी नज़रों की खामोश बातेंमुंबई की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में, भीड़ से भरी लोकल ...

तुमसे मिलने की छुट्टी

by soni
  • 12.7k

कॉफी से सुरु हुआ प्यार दिल्ली की शाम हमेशा शोर से भरी होती है हॉर्न ट्रॅफिक और भागती भीड़ ...

मैं बिखरा नहीं......बस बदल गया

by vikram kori
  • 7k

सूरज हमेशा से एक साधारण लड़का था— ‎दिल का सच्चा, बातें कम और एहसास ज़्यादा… ‎ज़िंदगी में बहुत कुछ नहीं था ...

अनकही मोहब्बत.

by vikram kori
  • 10.6k

सुबह के 6:30 बजे थे। हवा में हल्की ठंडक थी, सूरज अभी-अभी आसमान में उभर रहा था। सड़क पर ...

मोहब्बत के वो दिन

by Bikash parajuli
  • 6.8k

पहली नज़रशहर की वही पुरानी, भीड़ से भरी सुबह। बस स्टॉप पर खड़े लोग ऑफिस और कॉलेज के टाइम ...

मां... हमारे अस्तित्व की पहचान

by Soni shakya
  • 10.7k

मां* एक ऐसा शब्द जो अपने आप में ही सम्पूर्ण हे इसे समझने के लिए किसी और शब्द की जरूरत ...

छुपा हुआ इश्क

by kajal jha
  • 34.5k

बारिश की हल्की बूँदें हवेली की पुरानी दीवारों से टकरा रही थीं, जैसे कोई अतीत की गाथा गुनगुना रहा ...

बंधन (उलझे रिश्तों का)

by Maya Hanchate
  • 202.6k

यह मेरी नई कहानी है प्लीज इसे जरुर पड़ी है और कमेंट दीजिए आपको कहानी कैसी लगी है। डिस्क्रिमिनेशन यह ...

दिल ने जिसे चाहा

by R B Chavda
  • (4.7/5)
  • 114.6k

मैं यह कहानी दोबारा लिख रही हूँ, लेकिन इस बार बिल्कुल वैसे, जैसे मैंने इसे अपने दिल में महसूस ...

BAGHA AUR BHARMALI

by Sagar Joshi
  • 13.7k

गाँव, किले, रेगिस्तान और पुरानी हवेलियाँ—हर जगह इन दोनों की छाप मिलती है, पर साफ़-साफ़ कुछ नहीं मिलता। कुछ बूढ़े ...

खूबसूरत टकराव

by Amreen Khan
  • 8.4k

“तुम जैसे लोग दूसरों की ज़िंदगी से खेलते हो, और सोचते हो सबकुछ ख़रीद सकते हो… लेकिन याद रखना, ...